{"_id":"61a915ab07c8ed5a7b68944e","slug":"oxygen-plant-waiting-for-noc-from-two-departments-amethi-news-lko6071298195","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो विभागों से एनओसी के इंतजार में ऑक्सीजन प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो विभागों से एनओसी के इंतजार में ऑक्सीजन प्लांट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फुरसतगंज (अमेठी)। कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए शासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। विभाग जिले में नए वैरियंट से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी होने का दावा कर रहा है। फुसरतगंज सीएचसी पर पावर कॉरपोरेशन की ओर से एनओसी न दिए जाने से वहां लगा ऑक्सीजन प्लांट महज जनरेटर के भरोसे है।
ब्लॉक क्षेत्र बहादुरपुर के फुरसतगंज स्थित सीएचसी पर 38 कंसन्ट्रेटर का ऑक्सीजन प्लांट द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड बुंदकी बिजनौर द्वारा लगाया गया था। पांच सितंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्लांट का उद्घाटन किया था। प्लांट लगने के बाद उक्त सीएचसी को 25 बेड के लेबल-1 प्लस अस्पताल का दर्जा मिला था।
केंद्रीय मंत्री द्वारा उद्घाटन करने के तीन माह बाद भी ऑक्सीजन प्लांट को संचालित करने के लिए विद्युत आपूर्ति तक नहीं मिल पाई। ऐसे में प्लांट का संचालन जनरेटर के भरोसे है। वैसे प्लांट लगने के बाद से जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने से अब तक किसी को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी।
विज्ञापन
वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका समेत 12 देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सक्रिय होने से एक बार फिर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है। यदि नए वैरिएंट की सक्रियता बढ़ गई तो अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट बिना विद्युत आपूर्ति के कैसे संचालित होंगे, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी यादव ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह तैयार है। पावर कॉरपोरेशन को विद्युत भार बढ़ाने के लिए कई बार पत्र लिखे गए। अभी तक भार नहीं बढ़ाया गया जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट का संचालन जनरेटर के भरोसे हो रहा है।
अधिशाषी अभियंता प्रदीप कुमार गौतम ने बताया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय व अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिल पाने के कारण भार नहीं बढ़ाया जा सका है। दोनों जगहों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद भार बढ़ाया जाएगा।
कस्बा निवासी मनोज सोनी ने कहा कि जब ऑक्सीजन प्लांट में बिजली ही नहीं है तो इसका क्या फायदा। सरकार को चाहिए कि नए वैरिएंट के आने से पहले व्यवस्था दुरुस्त करे।
कस्बा निवासी पिंटू अग्रवाल ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह दोनों विभागों पर कार्रवाई करते हुए प्लांट को एनओसी दिलाए जिससे डीजल के नाम पर धन का अपव्यय न हो।
कस्बे के रहने वाले बब्बन सिंह ने कहा कि यदि अस्पताल का विद्युत भार बढ़ाया नहीं जा सकता तो ऑक्सीजन प्लांट लगाने का ही क्या फायदा। सरकार इसे सारी सुविधा से लैस कराए।
कस्बे के अनिल यादव भी दोनों विभागों की मनमानी से नाराज हैं। कहा कि सरकार को चाहिए कि दोनों विभागों को निर्देश दे कि वे जल्द से जल्द एनओसी दें जिससे ऑक्सीजन प्लांट सुविधा पूवर्क संचालित हो सके।
विज्ञापन
ब्लॉक क्षेत्र बहादुरपुर के फुरसतगंज स्थित सीएचसी पर 38 कंसन्ट्रेटर का ऑक्सीजन प्लांट द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड बुंदकी बिजनौर द्वारा लगाया गया था। पांच सितंबर 2021 को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्लांट का उद्घाटन किया था। प्लांट लगने के बाद उक्त सीएचसी को 25 बेड के लेबल-1 प्लस अस्पताल का दर्जा मिला था।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री द्वारा उद्घाटन करने के तीन माह बाद भी ऑक्सीजन प्लांट को संचालित करने के लिए विद्युत आपूर्ति तक नहीं मिल पाई। ऐसे में प्लांट का संचालन जनरेटर के भरोसे है। वैसे प्लांट लगने के बाद से जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने से अब तक किसी को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी।
विज्ञापन
वर्तमान में दक्षिण अफ्रीका समेत 12 देशों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के सक्रिय होने से एक बार फिर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है। यदि नए वैरिएंट की सक्रियता बढ़ गई तो अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट बिना विद्युत आपूर्ति के कैसे संचालित होंगे, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी यादव ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह तैयार है। पावर कॉरपोरेशन को विद्युत भार बढ़ाने के लिए कई बार पत्र लिखे गए। अभी तक भार नहीं बढ़ाया गया जिसके कारण ऑक्सीजन प्लांट का संचालन जनरेटर के भरोसे हो रहा है।
अधिशाषी अभियंता प्रदीप कुमार गौतम ने बताया कि विद्युत सुरक्षा निदेशालय व अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिल पाने के कारण भार नहीं बढ़ाया जा सका है। दोनों जगहों से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद भार बढ़ाया जाएगा।
कस्बा निवासी मनोज सोनी ने कहा कि जब ऑक्सीजन प्लांट में बिजली ही नहीं है तो इसका क्या फायदा। सरकार को चाहिए कि नए वैरिएंट के आने से पहले व्यवस्था दुरुस्त करे।
कस्बा निवासी पिंटू अग्रवाल ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह दोनों विभागों पर कार्रवाई करते हुए प्लांट को एनओसी दिलाए जिससे डीजल के नाम पर धन का अपव्यय न हो।
कस्बे के रहने वाले बब्बन सिंह ने कहा कि यदि अस्पताल का विद्युत भार बढ़ाया नहीं जा सकता तो ऑक्सीजन प्लांट लगाने का ही क्या फायदा। सरकार इसे सारी सुविधा से लैस कराए।
कस्बे के अनिल यादव भी दोनों विभागों की मनमानी से नाराज हैं। कहा कि सरकार को चाहिए कि दोनों विभागों को निर्देश दे कि वे जल्द से जल्द एनओसी दें जिससे ऑक्सीजन प्लांट सुविधा पूवर्क संचालित हो सके।