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उच्चीकृत प्लेटफॉर्म पर न प्रसाधन न पीने का पानी
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01 : गौरीगंज : स्थानीय रेलवे स्टेशन का प्लेट फार्म नंबर दो व तीन। -संवाद
- फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। स्थानीय रेलवे स्टेशन का उच्चीकरण व सौंदर्यीकरण तो करा दिया गया लेकिन कार्यदायी संस्था यात्रियों के लिए बेहद जरूरी बुनियादी सुविधाएं देन भूल गई। प्लेटफॉर्म नंबर दो व तीन पर यात्रियों के लिए न तो प्रसाधन का इंतजाम है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था।
बैठने के लिए बेंच तक नहीं है। हद तो यह है कि शेड तक का इंतजाम न होने से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को धूप में खड़े रहना पड़ता है। इस प्लेटफॉर्म से प्रतिदिन करीब 500 यात्री सफर करते हैं, ऐसे में यात्रियों को इन समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।
लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर यात्री सुविधा बढ़ोत्तरी के तहत रेल लाइन का दोहरीकरण व विद्युतीकरण करने के साथ ही स्थानीय रेलवे स्टेशन भवन व प्लेटफॉर्म को उच्चीकृत किया गया है। पांच मार्च 2020 को रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक व डीआरएम संजय त्रिपाठी ने गौरीगंज-अमेठी के बीच रेल लाइन दोहरीकरण व उच्चीकृत भवन का निरीक्षण व लोकार्पण किया था।
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लेकिन तब से अब तक मूलभूत कमियों को दूर नहीं किया जा सका। कार्यदायी संस्था प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर फर्श निर्माण व भवन की रंगाई-पुताई कराने के अलावा छांव, पेयजल और प्रसाधन के साथ ही बैठने की समुचित व्यवस्था तक मुहैया नहीं कराई जा सकी।
कोविड संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद जब ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो यात्रियों के सामने यह समस्याएं सामने आईं। ट्रैक पर संचालित अप साइड की ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन से होता है। इन दोनों प्लेटफॉर्म पर प्यास बुझाने के लिए गंदगी के बीच में एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप तो प्रसाधन के लिए वाह्य प्रसाधन का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ता है।
ऐसे में रेल विभाग भले ही स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा कर रहा है लेकिन गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर दावा पूरी तरह फ्लॉप है। प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर पेयजल, प्रसाधन, छांव व बेंच की समुचित सुविधा नहीं होने सेे स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रतिदिन करीब यात्री करते हैं सफर
प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन से अप साइड की ट्रेनों का संचालन होता है। अप साइड की कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी, काशी विश्वनाथ, पद्मावत एक्सप्रेस व पंजाब मेल से सर्वाधिक यात्री यात्रा करते हैं। विभाग के अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या दो से प्रतिदिन करीब 500 यात्री विभिन्न ट्रेनों की यात्रा करते हैं।
इन ट्रेनों का गौरीगंज में होता है ठहराव
लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर 20 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव गौरीगंज स्टेशन पर होता है। स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों में अप साइड (लखनऊ की तरफ जाने वाली) काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, बरेली-प्रयाग पैसेंजर, न्यू फरक्का एक्सप्रेस, हरिद्वार एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, कानपुर इंटरसिटी, शटल पैसेेंजर, डेमो पैसेंजर, साकेत लिंक एक्सप्रेस, वाराणसी इंटरसिटी, वीपीएल पैसेंजर, नीलांचल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनता एक्सप्रेस, मरूधर एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, पीआरएल पैसेंजर, लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व जौनपुर इंटर सिटी एक्सप्रेस शामिल है।
इन ट्रेनों का नहीं शुरू हुआ संचालन
कोविड संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद अब तक ट्रैक की रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी, शटल पैसेेंजर, डेमो पैसेंजर, वीपीएल पैसेजर, लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर व बरेली-प्रयाग पैसेंजर का संचालन अब तक बहाल नहीं हुआ है। ऐसे में ट्रैक के छोटे स्टेशन के साथ प्रयागराज की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ाई जाएं मूलभूत सुविधा
गौरीगंज। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर यात्री सुविधा की कमी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। गांधीनगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर पेयजल के लिए लगी टोटियां व टंकी सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। गंदगी से पटे एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप से पानी की व्यवस्था विभाग के दावा पर स्वयं एक सवाल है। अशोक गुप्ता ने कहा कि प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर प्रसाधन भवन नहीं होने से महिला यात्रियों को परेशानी हो रही है तो प्रधानमंत्री का सपना वाह्य प्रसाधन मुक्त भारत पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रहा है।
धर्मेंद्र शुक्ल ने कहा कि विभाग को यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए प्लेटफॉर्म पर छांव व बेंच का प्रबंध करना चाहिए। प्लेटफॉर्म पर छांव व बेंच नहीं होने से यात्रियों को ट्रेन की प्रतीक्षा करने में परेशानी हो रही है। प्रवीण शुक्ल ने बताया कि दोनों प्लेटफॉर्म पर सुविधा मौजूद होने तक सभी ट्रेनों को प्लेटफॉर्म संख्या एक से संचालित करना चाहिए।
उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना
स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल मीना ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधा की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। रेल विकास निगम को प्लेटफॉर्म पर प्रसाधन, छांव व पेयजल की व्यवस्था करनी है। यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए ट्रेन आने का संकेत मिलने के बाद प्लेटफॉर्म संख्या दो पर जाने की घोषणा की जाती है। यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखते हुए ट्रेन संचालन किया जा रहा है।
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बैठने के लिए बेंच तक नहीं है। हद तो यह है कि शेड तक का इंतजाम न होने से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को धूप में खड़े रहना पड़ता है। इस प्लेटफॉर्म से प्रतिदिन करीब 500 यात्री सफर करते हैं, ऐसे में यात्रियों को इन समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।
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लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेल ट्रैक पर यात्री सुविधा बढ़ोत्तरी के तहत रेल लाइन का दोहरीकरण व विद्युतीकरण करने के साथ ही स्थानीय रेलवे स्टेशन भवन व प्लेटफॉर्म को उच्चीकृत किया गया है। पांच मार्च 2020 को रेल संरक्षा आयुक्त एसके पाठक व डीआरएम संजय त्रिपाठी ने गौरीगंज-अमेठी के बीच रेल लाइन दोहरीकरण व उच्चीकृत भवन का निरीक्षण व लोकार्पण किया था।
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लेकिन तब से अब तक मूलभूत कमियों को दूर नहीं किया जा सका। कार्यदायी संस्था प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर फर्श निर्माण व भवन की रंगाई-पुताई कराने के अलावा छांव, पेयजल और प्रसाधन के साथ ही बैठने की समुचित व्यवस्था तक मुहैया नहीं कराई जा सकी।
कोविड संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद जब ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो यात्रियों के सामने यह समस्याएं सामने आईं। ट्रैक पर संचालित अप साइड की ट्रेनों का संचालन प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन से होता है। इन दोनों प्लेटफॉर्म पर प्यास बुझाने के लिए गंदगी के बीच में एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप तो प्रसाधन के लिए वाह्य प्रसाधन का सहारा लेने को मजबूर होना पड़ता है।
ऐसे में रेल विभाग भले ही स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने का दावा कर रहा है लेकिन गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर दावा पूरी तरह फ्लॉप है। प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर पेयजल, प्रसाधन, छांव व बेंच की समुचित सुविधा नहीं होने सेे स्टेशन पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रतिदिन करीब यात्री करते हैं सफर
प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन से अप साइड की ट्रेनों का संचालन होता है। अप साइड की कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी, काशी विश्वनाथ, पद्मावत एक्सप्रेस व पंजाब मेल से सर्वाधिक यात्री यात्रा करते हैं। विभाग के अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या दो से प्रतिदिन करीब 500 यात्री विभिन्न ट्रेनों की यात्रा करते हैं।
इन ट्रेनों का गौरीगंज में होता है ठहराव
लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर 20 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव गौरीगंज स्टेशन पर होता है। स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों में अप साइड (लखनऊ की तरफ जाने वाली) काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, बरेली-प्रयाग पैसेंजर, न्यू फरक्का एक्सप्रेस, हरिद्वार एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, कानपुर इंटरसिटी, शटल पैसेेंजर, डेमो पैसेंजर, साकेत लिंक एक्सप्रेस, वाराणसी इंटरसिटी, वीपीएल पैसेंजर, नीलांचल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनता एक्सप्रेस, मरूधर एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, पीआरएल पैसेंजर, लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व जौनपुर इंटर सिटी एक्सप्रेस शामिल है।
इन ट्रेनों का नहीं शुरू हुआ संचालन
कोविड संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद अब तक ट्रैक की रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी, शटल पैसेेंजर, डेमो पैसेंजर, वीपीएल पैसेजर, लखनऊ-प्रयाग पैसेंजर व बरेली-प्रयाग पैसेंजर का संचालन अब तक बहाल नहीं हुआ है। ऐसे में ट्रैक के छोटे स्टेशन के साथ प्रयागराज की यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बढ़ाई जाएं मूलभूत सुविधा
गौरीगंज। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर यात्री सुविधा की कमी से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। गांधीनगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर पेयजल के लिए लगी टोटियां व टंकी सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। गंदगी से पटे एक इंडिया मार्का टू हैंडपंप से पानी की व्यवस्था विभाग के दावा पर स्वयं एक सवाल है। अशोक गुप्ता ने कहा कि प्लेटफॉर्म संख्या दो व तीन पर प्रसाधन भवन नहीं होने से महिला यात्रियों को परेशानी हो रही है तो प्रधानमंत्री का सपना वाह्य प्रसाधन मुक्त भारत पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रहा है।
धर्मेंद्र शुक्ल ने कहा कि विभाग को यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए प्लेटफॉर्म पर छांव व बेंच का प्रबंध करना चाहिए। प्लेटफॉर्म पर छांव व बेंच नहीं होने से यात्रियों को ट्रेन की प्रतीक्षा करने में परेशानी हो रही है। प्रवीण शुक्ल ने बताया कि दोनों प्लेटफॉर्म पर सुविधा मौजूद होने तक सभी ट्रेनों को प्लेटफॉर्म संख्या एक से संचालित करना चाहिए।
उच्चाधिकारियों को दी गई सूचना
स्टेशन अधीक्षक बाबूलाल मीना ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधा की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। रेल विकास निगम को प्लेटफॉर्म पर प्रसाधन, छांव व पेयजल की व्यवस्था करनी है। यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए ट्रेन आने का संकेत मिलने के बाद प्लेटफॉर्म संख्या दो पर जाने की घोषणा की जाती है। यात्रियों को असुविधा नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखते हुए ट्रेन संचालन किया जा रहा है।