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Amethi News: बिना केयर टेकर के रैन बसेरा, सफाई-सुविधा हाशिए पर
Sun, 07 Dec 2025 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:26 AM IST
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अमेठी सिटी। सर्द हवा अब लोगों की परेशानी बढ़ाने लगी है। सुबह की हल्की धूप कुछ राहत देती है, पर शाम होते ही ठंड बढ़ जाती है। रात में जरूरतमंदों को सर्दी से बचाने के लिए असैदापुर वार्ड में एक स्थायी रैन बसेरा बना तो है, लेकिन वहां पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में जरूरतमंद पहले रैन बसेरा खोजते हैं और फिर सुविधाएं। ।
शुक्रवार रात 9:30 बजे रैन बसेरा पूरी तरह बदहाल मिला। प्रवेश द्वार पर गंदगी थी। गेट के पास अलाव बुझा पड़ा था। रिसेप्शन कक्ष खाली मिला। प्रथम तल पर सफाई कार्य से जुड़े कमलेश कुमार और राजकुमार मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वे रैन बसेरा में ही रहते हैं। रिसेप्शन संभालने वाले कर्मचारी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उसकी जगह अभी किसी की तैनाती नहीं हुई है। दूसरे तल पर धर्मराज नामक युवक मिला, जिसने चार दिन से वहां रुकने की बात बताई।
तीसरे तल पर चार लोग मिले, जिन्होंने स्वयं को नगरपालिका का सफाईकर्मी बताया। रजिस्टर में ऊर्जा निगम के चार कर्मियों के नाम दर्ज थे, जिनके बारे में बताया गया कि वह भोजन लेने गए हैं। भवन के तीनों तलों पर सफाई की व्यवस्था बदहाल दिखी। कमरों में बिस्तर तो थे, लेकिन उन पर चादरें नहीं बिछी थीं। रैन बसेरा में गर्म पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।
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रेलवे स्टेशन से दो, बस स्टेशन से ढ़ाई किलोमीटर दूर
स्थायी रैन बसेरा रेलवे स्टेशन से करीब दो और बस स्टेशन से ढ़ाई किलोमीटर दूर बनाया गया है। इन दोनों स्टेशनों पर कहीं भी रैन बसेरा की जानकारी के लिए बोर्ड नहीं लगाया गया। ऐसे में मुसाफिरों को सबसे ज्यादा परेशानी इन्हें ढूंढने में हो रही है। शुक्रवार रात गौरीगंज रेलवे स्टेशन के बाहर यात्री आग तापकर रात काटते दिखे।
जल्द बेहतर होगी व्यवस्था
नगर पालिका गौरीगंज के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि रैन बसेरा का भवन तीन दिन पहले हैंडओवर हुआ है। कर्मियों की तैनाती और कंबल व चादरों की सफाई का कार्य जारी है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार करने के साथ नए बोर्ड लगाए जाएंगे। ठंड बढ़ने पर अस्थायी रैन बसेरा भी शुरू होंगे।
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शुक्रवार रात 9:30 बजे रैन बसेरा पूरी तरह बदहाल मिला। प्रवेश द्वार पर गंदगी थी। गेट के पास अलाव बुझा पड़ा था। रिसेप्शन कक्ष खाली मिला। प्रथम तल पर सफाई कार्य से जुड़े कमलेश कुमार और राजकुमार मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वे रैन बसेरा में ही रहते हैं। रिसेप्शन संभालने वाले कर्मचारी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उसकी जगह अभी किसी की तैनाती नहीं हुई है। दूसरे तल पर धर्मराज नामक युवक मिला, जिसने चार दिन से वहां रुकने की बात बताई।
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तीसरे तल पर चार लोग मिले, जिन्होंने स्वयं को नगरपालिका का सफाईकर्मी बताया। रजिस्टर में ऊर्जा निगम के चार कर्मियों के नाम दर्ज थे, जिनके बारे में बताया गया कि वह भोजन लेने गए हैं। भवन के तीनों तलों पर सफाई की व्यवस्था बदहाल दिखी। कमरों में बिस्तर तो थे, लेकिन उन पर चादरें नहीं बिछी थीं। रैन बसेरा में गर्म पानी की व्यवस्था भी नहीं थी।
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रेलवे स्टेशन से दो, बस स्टेशन से ढ़ाई किलोमीटर दूर
स्थायी रैन बसेरा रेलवे स्टेशन से करीब दो और बस स्टेशन से ढ़ाई किलोमीटर दूर बनाया गया है। इन दोनों स्टेशनों पर कहीं भी रैन बसेरा की जानकारी के लिए बोर्ड नहीं लगाया गया। ऐसे में मुसाफिरों को सबसे ज्यादा परेशानी इन्हें ढूंढने में हो रही है। शुक्रवार रात गौरीगंज रेलवे स्टेशन के बाहर यात्री आग तापकर रात काटते दिखे।
जल्द बेहतर होगी व्यवस्था
नगर पालिका गौरीगंज के अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि रैन बसेरा का भवन तीन दिन पहले हैंडओवर हुआ है। कर्मियों की तैनाती और कंबल व चादरों की सफाई का कार्य जारी है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार करने के साथ नए बोर्ड लगाए जाएंगे। ठंड बढ़ने पर अस्थायी रैन बसेरा भी शुरू होंगे।