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नया सत्र शुरू, नहीं पहुंचीं नई किताबें

Sun, 03 Apr 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 10:45 PM IST
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New season started, new books did not arrive
अमेठी। नए शैक्षिक सत्र का संचालन शुरू होने के बावजूद परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को नई किताबें नहीं मिल सकी हैं। बच्चों को अगली क्लास में गए सीनियर बच्चों की पुरानी किताबों से ही पढ़ना पड़ेगा। जून माह तक नई किताबों के आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से अग्रसर होने के बावजूद भी प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था सुव्यवस्थित होने का नाम नहीं ले रही है। नए सत्र का संचालन तो अप्रैल माह से शुरू कर दिया जा रहा है लेकिन बच्चों को किताबें सत्र संचालन के तीन माह बाद भी नहीं मिल पाती है। ऐसे में बगैर किताबों के नौनिहाल कितने मेधावी बनेंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के नए शैक्षिक सत्र का संचालन एक अप्रैल से शुरू हो गया है। सत्र संचालन शुरू होने के बाद नई कक्षा में पहुंचने वाले नौनिहालों को नई किताबें मिल जानी चाहिए। बावजूद इसके नई किताबें मिलना अभी संभव नहीं है।
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संचालन तो शुरू हो गया लेकिन अभी तक नए सत्र की किताबों की छपाई नहीं हो सकी है। ऐसे में विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा निर्देशित किया गया है कि संबंधित प्रधानाध्यापक व शिक्षकों द्वारा अगली कक्षा में जा चुके बच्चों की पुरानी किताबें जमा करा कर नई कक्षा में पहुंचे नौनिहालों को वितरित कराएं। जब तक नई किताबें नहीं मिल जातीं तब तक पुरानी किताबों के सहारे ही बच्चों को पढ़ाया जाए।
फटी किताबों से कैसे होगी पढ़ाई
नए शैक्षिक सत्र का संचालन पुरानी किताबों के सहारे करने का निर्देश उच्चाधिकारियों द्वारा दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों की किताबें कितनी सही सलामत होंगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। अगली कक्षा में पहुंचने तक अधिकतर बच्चों को किताबें फट जाती हैं यां तक किताबों के पन्ने भी गायब हो जाते हैं। कई स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि ज्यादातर किताबें फट गई हैं। बच्चों से किताबें जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जुलाई के बाद किताबें मिलने की उम्मीद
बीईओ हरिनाथ सिंह ने बताया कि शासन स्तर पर इस बार पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव पर चर्चा हो रही है। जिसके चलते किताबों की छपाई का कार्य नहीं हुआ है। बताया कि पुरानी किताबों से ही अप्रैल व मई माह में पढ़ाई होगी। उसके बाद ग्रीष्म अवकाश हो जाएगा। जुलाई में नई किताबें आने के बाद इनका वितरण शुरू होने की उम्मीद है।
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