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मिशनरियों की सक्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश
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11 : अमेठी : गांव पहुंचे बाहरी लोगों से पूंछतांछ करते ग्रामीण। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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संग्रामपुर/अमेठी। क्षेत्र के भुसहरी व कई गांवों में ईसाई मिशनरियों की सक्रियता ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। मंगलवार को भुसहरी गांव पहुंचे मिशनरी से जुड़े तीन लोगों व गांव के उस व्यक्ति के घर को ग्रामीणों ने घेर लिया जो पिछले कई महीने से गांव में प्रार्थना सभा आयोजित कर रहा है। ग्रामीणों ने बाहर से आए लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि गांव में प्रार्थना सभा लगवाने वाला मौके से भाग निकला।
संग्रामपुर थाने के भुसहरी गांव के बाबूराम समेत कई दलित व पिछड़ा वर्ग के परिवार ईसाई मिशनरियों के चंगुल में हैं। इन परिवारों के लोग (बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक) प्रतिदिन गांव में एक स्थान पर आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार इस प्रार्थना सभा में ईसाई मिशनरी से जुड़े हुए बाहरी लोग भी आते हैं। पिछले कई दिनों से लग रही इस प्रार्थना सभा में शामिल होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस प्रार्थन सभा व ईसाई मिशनरियों की सक्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा था।
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इस आक्रोश को मंगलवार दोपहर तब बल मिल गया जब रात के अंधेरे में लगने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले तीन बाहरी लोग दिन में गांव पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीनों बाहरी लोगों को घेर लिया और उनसे गांव आने का कारण पूछा।
उचित जवाब नहीं दे सकने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए उनके आधारकार्ड आदि अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि इस बीच ईसाई मिशनरियों के क्रियाकलापों से ग्रामीणों को जोड़ने वाला बाबूराम अपने घर से भाग निकला। ग्रामीणों ने पकड़े गए तीनों लोगों को सूचना पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
पकड़े गए लोगों में एक प्रतापगढ़ का
जिन तीन लोगों को मंगलवार दोपहर बाबूराम के घर से पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले किया उनमें एक प्रतापगढ़ जिले का है। पकड़े गए लोगों में प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के गांव कुड़ैला संडवा चंडिका का कुलदीप, सरायखेमा थाना मुंशीगंज का अनिल कुमार वर्मा व पिंडारा मुसाफिरखाना का शैलेंद्र कुमार यादव शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन लोगों का आना जाना लगातार बाबूराम व ईसाई मिशनरी के संपर्क में आने वाले परिवारों के बीच था।
इसलिए बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार गांव में ईसाई मिशनरी के सक्रिय होने की जानकारी पिछले कई दिनों से पुलिस को दी जा रही थी। मंगलवार सुबह थाने से गांव पहुंचे एक सिपाही बाबूराम को पकड़कर थाने ले गया। हालांकि थाने ले जाने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने बाबूराम को छोड़ दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
पड़ोसी गांव में शुरू हुआ था प्रयास
ग्रामीणों के अनुसार भुसहरी के इन परिवारों का आना-जाना पहले पड़ोसी गांव मदारीपुर मजरे हिम्मतगढ़ में था। यहां बाहर से आया एक युवक गांव किनारे किराए पर कमरा लेकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। ग्रामीणों ने बताया कि बाबूराम का आना-जाना पहले इसी प्रार्थना सभा में होता था। ट्रेंड होने के बाद वह गांव में ही प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने लगा। इसमें बाहर से आने वाले कई पढ़े लिखे लोग उसका सहयोग करते हैं।
क्या कहते हैं भुसहरी के ग्रामीण
भुसहरी गांव निवासी बृजेश सिंह ने बताया कि ईसाई मिशनरी के लोग पिछले काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय हैैं। यह लोग गुपचुप तरीके से अब तक कई परिवारों का धर्म परिवर्तन करा चुके हैं। गांव के ही जितेंद्र सिंह ने बताया कि रामगढ़, हिम्मतगढ़ व भुसहरी के करीब 285 परिवार इन मिशनरियों के संपर्क में हैं। इसी गांव के रामकुमार ने बताया कि जिन तीन लोगों को मंगलवार दोपहर पकड़ा गया वे लगातार रात के अंधेरे में गांव आते थे और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।
नहीं मिली कोई तहरीर
एसएचओ अंगद सिंह ने बताया कि एक दिन पहले धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था। इसी मामले में बाबूराम को थाने बुलाया गया था। जिनको पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले किया वे पहले बाबूराम को छुड़ाने थाने आए थे फिर उसके घर गए थे। इस संबंध में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। धर्म परिवर्तन से जुड़ी तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।
सीओ अमेठी करेंगे जांच
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के वायरल एक वीडियो के आधार पर एसएचओ संग्रामपुर ने बाबूराम को पूछताछ के लिए बुलाया था। बाबूराम ने बताया कि उसने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। इसी बीच उसके पूर्व के परिचित पकड़े गए तीनों लोग थाने पहुंचे और उसके साथ घर पर आए। ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस तीनों को थाने लाकर पूछताछ कर रही है। इन तीनों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। फिलहाल प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच सीओ अमेठी को दी गई है। धर्म परिवर्तन की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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संग्रामपुर थाने के भुसहरी गांव के बाबूराम समेत कई दलित व पिछड़ा वर्ग के परिवार ईसाई मिशनरियों के चंगुल में हैं। इन परिवारों के लोग (बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक) प्रतिदिन गांव में एक स्थान पर आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होते हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार इस प्रार्थना सभा में ईसाई मिशनरी से जुड़े हुए बाहरी लोग भी आते हैं। पिछले कई दिनों से लग रही इस प्रार्थना सभा में शामिल होने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस प्रार्थन सभा व ईसाई मिशनरियों की सक्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा था।
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इस आक्रोश को मंगलवार दोपहर तब बल मिल गया जब रात के अंधेरे में लगने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले तीन बाहरी लोग दिन में गांव पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीनों बाहरी लोगों को घेर लिया और उनसे गांव आने का कारण पूछा।
उचित जवाब नहीं दे सकने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए उनके आधारकार्ड आदि अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि इस बीच ईसाई मिशनरियों के क्रियाकलापों से ग्रामीणों को जोड़ने वाला बाबूराम अपने घर से भाग निकला। ग्रामीणों ने पकड़े गए तीनों लोगों को सूचना पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
पकड़े गए लोगों में एक प्रतापगढ़ का
जिन तीन लोगों को मंगलवार दोपहर बाबूराम के घर से पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले किया उनमें एक प्रतापगढ़ जिले का है। पकड़े गए लोगों में प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के गांव कुड़ैला संडवा चंडिका का कुलदीप, सरायखेमा थाना मुंशीगंज का अनिल कुमार वर्मा व पिंडारा मुसाफिरखाना का शैलेंद्र कुमार यादव शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन लोगों का आना जाना लगातार बाबूराम व ईसाई मिशनरी के संपर्क में आने वाले परिवारों के बीच था।
इसलिए बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार गांव में ईसाई मिशनरी के सक्रिय होने की जानकारी पिछले कई दिनों से पुलिस को दी जा रही थी। मंगलवार सुबह थाने से गांव पहुंचे एक सिपाही बाबूराम को पकड़कर थाने ले गया। हालांकि थाने ले जाने के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने बाबूराम को छोड़ दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया।
पड़ोसी गांव में शुरू हुआ था प्रयास
ग्रामीणों के अनुसार भुसहरी के इन परिवारों का आना-जाना पहले पड़ोसी गांव मदारीपुर मजरे हिम्मतगढ़ में था। यहां बाहर से आया एक युवक गांव किनारे किराए पर कमरा लेकर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। ग्रामीणों ने बताया कि बाबूराम का आना-जाना पहले इसी प्रार्थना सभा में होता था। ट्रेंड होने के बाद वह गांव में ही प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने लगा। इसमें बाहर से आने वाले कई पढ़े लिखे लोग उसका सहयोग करते हैं।
क्या कहते हैं भुसहरी के ग्रामीण
भुसहरी गांव निवासी बृजेश सिंह ने बताया कि ईसाई मिशनरी के लोग पिछले काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय हैैं। यह लोग गुपचुप तरीके से अब तक कई परिवारों का धर्म परिवर्तन करा चुके हैं। गांव के ही जितेंद्र सिंह ने बताया कि रामगढ़, हिम्मतगढ़ व भुसहरी के करीब 285 परिवार इन मिशनरियों के संपर्क में हैं। इसी गांव के रामकुमार ने बताया कि जिन तीन लोगों को मंगलवार दोपहर पकड़ा गया वे लगातार रात के अंधेरे में गांव आते थे और लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करते थे।
नहीं मिली कोई तहरीर
एसएचओ अंगद सिंह ने बताया कि एक दिन पहले धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक वीडियो वायरल हुआ था। इसी मामले में बाबूराम को थाने बुलाया गया था। जिनको पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले किया वे पहले बाबूराम को छुड़ाने थाने आए थे फिर उसके घर गए थे। इस संबंध में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। धर्म परिवर्तन से जुड़ी तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।
सीओ अमेठी करेंगे जांच
एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के वायरल एक वीडियो के आधार पर एसएचओ संग्रामपुर ने बाबूराम को पूछताछ के लिए बुलाया था। बाबूराम ने बताया कि उसने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। इसी बीच उसके पूर्व के परिचित पकड़े गए तीनों लोग थाने पहुंचे और उसके साथ घर पर आए। ग्रामीणों के विरोध पर पुलिस तीनों को थाने लाकर पूछताछ कर रही है। इन तीनों ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है। फिलहाल प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच सीओ अमेठी को दी गई है। धर्म परिवर्तन की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।