{"_id":"62c855f3ed2ed7793c78e418","slug":"man-doing-job-at-saudi-arabia-as-been-murdered-amethi-news-lko6387070101","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी अरब में नौकरी कर रहे अधेड़ की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सऊदी अरब में नौकरी कर रहे अधेड़ की हत्या
विज्ञापन
26 : जगदीशपुर : सउदी अरब में अधेड़ की हत्या के बाद घर पहुंचकर सात्वना देतीं एसडीएम व सीओ। -संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज/जगदीशपुर (अमेठी)। नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब में जगदीशपुर के टांडा निवासी एक अधेड़ की दो दिन पूर्व पाकिस्तान के रहने वाले साथी सहकर्मी ने हत्या कर दी। हत्या के बाद इसकी जानकारी उसी के साथ रहने वाले एक युवक ने परिजनों को दी तो हड़कंप मच गया। युवक के बुजुर्ग पिता ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर अपने पुत्र का शव दिलाने व मामले की जांच कराने की गुहार लगाई है।
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के वारिसगंज टांडा गांव निवासी राजनारायण यादव का 43 वर्षीय पुत्र जंगबहादुर नौकरी के सिलसिले में वर्ष 2017 में वीजा लेकर सऊदी अरब गया था। सऊदी अरब में जंगबहादुर 7344 उदे आईबीएन उमर 2504 एएन नखील रियाद 12385 (नार्थ रिंग रोड एक्जिट टू) निवासी अलदक्तूर अब्दुल अजीज अलवशर के यहां बतौर चालक नौकरी करता था।
जंगबहादुर का छोटा भाई विनोद यादव कुवैत में रहकर नौकरी करता है। बीते छह जुलाई की रात जंगबहादुर के साथ रहने वाले भारतीय अरविंद ने विनोद को फोन कर जंगबहादुर की हत्या होने की जानकारी दी। अरविंद ने विनोद को बताया कि जंग बहादुर की हत्या उसी के साथ चालक के रूप में नौकरी करने वाले पाकिस्तानी युवक ने की है।
विज्ञापन
भाई की हत्या की जानकारी विनोद ने तत्काल अपने परि0जनों को दी। जंगबहादुर की हत्या की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पूरी रात जागकर बिताने के बाद गुरुवार को परिजन मामले को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। शुक्रवार को जंगबहादुर के पिता राजनारायण ने स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपने बेटे का शव वापस दिलाने व दोषी पाकिस्तानी युवक को कड़ी सजा दिलवाने की मांग की है।
कहा था जन्माष्टमी को आउंगा
19 अक्तूबर 2017 को नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब जाने वाला जंग बहादुर वर्ष 2020 में घर आना चाहता था। हालांकि इसी बीच कोविड शुरू हो जाने से उसने आने का प्लान निरस्त कर दिया। छह जुलाई को सुबह पिता राजनारायण व दोपहर बाद पुत्र सौरभ से बात कर जंगबहादुर ने जन्माष्टमी के दौरान घर आने की बात कही थी। हालांकि जन्माष्टमी के पहले उसके मौत की खबर आ गई।
परिजनों का हाल बेहाल
जंग बहादुर के परिवार में बुजुर्ग पिता राज नारायण व मां रामावती के अलावा पत्नी मंजू देवी, स्नातक की पढ़ाई कर रहे 19 वर्षीय पुत्र सौरभ, इंटर में पढ़ने वाली 17 वर्षीय पुत्री अंजलि व कक्षा सात में पढ़ाई कर रहा 12 वर्षीय पुत्र गौरव है। जंग बहादुर की मौत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रो-रोकर परिवार के सभी सदस्यों का हाल बेहाल है।
घर पहुंचा प्रशासनिक अमला
मामले की जानकारी सामने आते ही एसडीएम सविता यादव व सीओ अर्पित कपूर के अलावा एसएचओ अरुण कुमार द्विवेदी पीड़ित के घर पहुंचे और परिजनों को ढांड़स बंधाते हुए घटना से जुड़ी जानकारी ली। परिजनों ने अफसरों को रो-रोकर पूरी दास्तान बताई और जंगबहादुर का शव वापस लाने में मदद करने की गुहार लगाई।
विदेश मंत्रालय को पत्र भेज दी जानकारी
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामला पता चलते ही शासन से जुड़े सभी बड़े अफसरों को जानकारी देने के बाद विदेश मंत्रालय व सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया है। विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास में तैनात अफसरों से जंगबहादुर का शव जल्द उसके परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के वारिसगंज टांडा गांव निवासी राजनारायण यादव का 43 वर्षीय पुत्र जंगबहादुर नौकरी के सिलसिले में वर्ष 2017 में वीजा लेकर सऊदी अरब गया था। सऊदी अरब में जंगबहादुर 7344 उदे आईबीएन उमर 2504 एएन नखील रियाद 12385 (नार्थ रिंग रोड एक्जिट टू) निवासी अलदक्तूर अब्दुल अजीज अलवशर के यहां बतौर चालक नौकरी करता था।
विज्ञापन
जंगबहादुर का छोटा भाई विनोद यादव कुवैत में रहकर नौकरी करता है। बीते छह जुलाई की रात जंगबहादुर के साथ रहने वाले भारतीय अरविंद ने विनोद को फोन कर जंगबहादुर की हत्या होने की जानकारी दी। अरविंद ने विनोद को बताया कि जंग बहादुर की हत्या उसी के साथ चालक के रूप में नौकरी करने वाले पाकिस्तानी युवक ने की है।
विज्ञापन
भाई की हत्या की जानकारी विनोद ने तत्काल अपने परि0जनों को दी। जंगबहादुर की हत्या की जानकारी मिलने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पूरी रात जागकर बिताने के बाद गुरुवार को परिजन मामले को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। शुक्रवार को जंगबहादुर के पिता राजनारायण ने स्मृति ईरानी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपने बेटे का शव वापस दिलाने व दोषी पाकिस्तानी युवक को कड़ी सजा दिलवाने की मांग की है।
कहा था जन्माष्टमी को आउंगा
19 अक्तूबर 2017 को नौकरी के सिलसिले में सऊदी अरब जाने वाला जंग बहादुर वर्ष 2020 में घर आना चाहता था। हालांकि इसी बीच कोविड शुरू हो जाने से उसने आने का प्लान निरस्त कर दिया। छह जुलाई को सुबह पिता राजनारायण व दोपहर बाद पुत्र सौरभ से बात कर जंगबहादुर ने जन्माष्टमी के दौरान घर आने की बात कही थी। हालांकि जन्माष्टमी के पहले उसके मौत की खबर आ गई।
परिजनों का हाल बेहाल
जंग बहादुर के परिवार में बुजुर्ग पिता राज नारायण व मां रामावती के अलावा पत्नी मंजू देवी, स्नातक की पढ़ाई कर रहे 19 वर्षीय पुत्र सौरभ, इंटर में पढ़ने वाली 17 वर्षीय पुत्री अंजलि व कक्षा सात में पढ़ाई कर रहा 12 वर्षीय पुत्र गौरव है। जंग बहादुर की मौत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रो-रोकर परिवार के सभी सदस्यों का हाल बेहाल है।
घर पहुंचा प्रशासनिक अमला
मामले की जानकारी सामने आते ही एसडीएम सविता यादव व सीओ अर्पित कपूर के अलावा एसएचओ अरुण कुमार द्विवेदी पीड़ित के घर पहुंचे और परिजनों को ढांड़स बंधाते हुए घटना से जुड़ी जानकारी ली। परिजनों ने अफसरों को रो-रोकर पूरी दास्तान बताई और जंगबहादुर का शव वापस लाने में मदद करने की गुहार लगाई।
विदेश मंत्रालय को पत्र भेज दी जानकारी
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि मामला पता चलते ही शासन से जुड़े सभी बड़े अफसरों को जानकारी देने के बाद विदेश मंत्रालय व सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया है। विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास में तैनात अफसरों से जंगबहादुर का शव जल्द उसके परिजनों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है।