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Amethi News: कठिन हालात में बनाए रखें धैर्य
Sat, 31 Oct 2026 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:53 AM IST
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भादर। पीपरपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु।स्रोत- आयोजक
भादर। पीपरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को प्रवाचक जगदीशाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख और दुख दोनों आते हैं। कठिन परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम, करुणा, साहस और सदाचार का संदेश देती हैं। उनके जीवन प्रसंगों से सीख मिलती है कि व्यक्ति को कभी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए। दूसरों के प्रति दया का भाव रखना और जरूरतमंदों की सहायता करना ही मानवता है।
उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य को अपनों से दूर कर देता है, जबकि विनम्रता से रिश्तों में मिठास बनी रहती है। व्यक्ति को अपने व्यवहार में सरलता रखनी चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना, बच्चों को अच्छे संस्कार देना और परिवार में प्रेम बनाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस मौके पर रवि सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह और नरसिंह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं प्रेम, करुणा, साहस और सदाचार का संदेश देती हैं। उनके जीवन प्रसंगों से सीख मिलती है कि व्यक्ति को कभी अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए। दूसरों के प्रति दया का भाव रखना और जरूरतमंदों की सहायता करना ही मानवता है।
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उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य को अपनों से दूर कर देता है, जबकि विनम्रता से रिश्तों में मिठास बनी रहती है। व्यक्ति को अपने व्यवहार में सरलता रखनी चाहिए और किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना, बच्चों को अच्छे संस्कार देना और परिवार में प्रेम बनाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इस मौके पर रवि सिंह, रविंद्र प्रताप सिंह, विश्वनाथ सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह और नरसिंह बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
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