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Amethi News: पांच उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
Sat, 09 Aug 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 09 Aug 2025 12:49 AM IST
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अमेठी सिटी। एक किसान को निजी पांच उर्वरक विक्रेताओं की ओर से 40 बोरी खाद दिए जाने की अनियमितता मिली है। इस पर सभी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि गौरीगंज के कमलानगर स्थित निजी उर्वरक विक्रेता राजपूत ट्रेडर्स, रिछौरा स्थित कृषि वानिकी सहकारी समिति, भिलाईकला स्थित जैनुल आबदीन खाद भंडार, जोधनपुर स्थित कर्मशेर खाद भंडार और पूरे चितई स्थित नवीन हरियाली कृषि सेवा केंद्र पर खाद बिक्री में अनियमितता मिली है। बताया कि इन प्रतिष्ठानों से उर्वरक खरीदने वाले कृषकों का सत्यापन संबंधित ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के माध्यम से कराया जा रहा है।
सत्यापन में दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी। कहा कि थोक विक्रेता अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग करके आपूर्ति न करें। साथ ही फुटकर विक्रेताओं को सचेत किया है कि वे बिक्री रजिस्टर में कृषक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और खरीदे गए उर्वरक की मात्रा दर्ज करें।
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किसान के पास अगर दो बीघा जमीन है तो उसे अधिकतम दो बोरी खाद दी जानी चाहिए। खतौनी के आधार पर ही खाद दी जानी चाहिए। ऊपर बताए गए मामले में एक किसान को गलत तरीके से 40 बोरी खाद देने की बात सामने आई है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने बताया कि गौरीगंज के कमलानगर स्थित निजी उर्वरक विक्रेता राजपूत ट्रेडर्स, रिछौरा स्थित कृषि वानिकी सहकारी समिति, भिलाईकला स्थित जैनुल आबदीन खाद भंडार, जोधनपुर स्थित कर्मशेर खाद भंडार और पूरे चितई स्थित नवीन हरियाली कृषि सेवा केंद्र पर खाद बिक्री में अनियमितता मिली है। बताया कि इन प्रतिष्ठानों से उर्वरक खरीदने वाले कृषकों का सत्यापन संबंधित ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के माध्यम से कराया जा रहा है।
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सत्यापन में दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी। कहा कि थोक विक्रेता अनुदानित उर्वरकों के साथ किसी भी अन्य उत्पाद की टैगिंग करके आपूर्ति न करें। साथ ही फुटकर विक्रेताओं को सचेत किया है कि वे बिक्री रजिस्टर में कृषक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और खरीदे गए उर्वरक की मात्रा दर्ज करें।
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किसान के पास अगर दो बीघा जमीन है तो उसे अधिकतम दो बोरी खाद दी जानी चाहिए। खतौनी के आधार पर ही खाद दी जानी चाहिए। ऊपर बताए गए मामले में एक किसान को गलत तरीके से 40 बोरी खाद देने की बात सामने आई है।