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लेखपालों को खोजे नहीं मिले 91,150 किसान
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गौरीगंज (अमेठी)। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना को पारदर्शी बनाने की कवायद में जुटे जिला प्रशासन को सत्यापन के दौरान 91,150 किसान खोजे नहीं मिल रहे हैं। जिले में सत्यापन के बाद पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की रफ्तार भी धीमी है। अब तक सिर्फ 2.07 लाख किसानों का सत्यापन हुआ है। 1.95 लाख किसानों का भू-लेख डाटा अपलोड भी किया जा चुका है। एक अगस्त से शुरू यह सत्यापन अभियान 15 सितंबर तक चलेगा।
किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना से किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार एक वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में से 2,98,650 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही थी।
जिले में किसान ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे तो विभाग ने लगातार अपात्रों के लाभान्वित होने व जांच में समय लगने की परेशानी से निजात पाने के लिए किसानों के भूलेख संबंधी अभिलेखों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राजस्व कर्मी (लेखपाल) राजस्व गांव में किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों का विवरण (खतौनी, खसरा, रकबा, बैनामा या वरासत) दर्ज कर रहे हैं। एक अगस्त से संचालित अभियान में लगातार निर्देशों के बावजूद 2,07,500 किसानों का सत्यापन हुआ है।
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सत्यापित किसानों में 1,95,109 किसानों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। 38 दिन तक चले अभियान में लेखपालों को 91,150 किसान खोजे नहीं मिले हैं। बड़ी संख्या में सत्यापन के लिए किसानों के अवशेष होने पर शासन ने सत्यापन तिथि में विस्तार करते हुए 15 सितंबर तक शत प्रतिशत किसानों का सत्यापन कर डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया है।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार किसानों का सत्यापन व उनके भू-लेख डाटा अपलोडिंग की कार्रवाई की जा रही है। निर्धारित तिथि पर शत प्रतिशत किसानों का सत्यापन हो सके, इसके लिए राजस्व टीम से समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रगति देने की कोशिश चल रही है।
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किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना से किसानों को लाभान्वित करते हुए सरकार एक वर्ष में तीन बार दो-दो हजार रुपये उनके खातों में भेज रही है। योजना के तहत जिले में 3,33,466 किसानों ने पंजीकरण कराया था। पंजीकृत किसानों में से 2,98,650 किसानों को जोड़ते हुए अनुदान राशि उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही थी।
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जिले में किसान ई-केवाईसी कराने में रुचि नहीं दिखा रहे तो विभाग ने लगातार अपात्रों के लाभान्वित होने व जांच में समय लगने की परेशानी से निजात पाने के लिए किसानों के भूलेख संबंधी अभिलेखों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर अपलोड करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राजस्व कर्मी (लेखपाल) राजस्व गांव में किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों का विवरण (खतौनी, खसरा, रकबा, बैनामा या वरासत) दर्ज कर रहे हैं। एक अगस्त से संचालित अभियान में लगातार निर्देशों के बावजूद 2,07,500 किसानों का सत्यापन हुआ है।
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सत्यापित किसानों में 1,95,109 किसानों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। 38 दिन तक चले अभियान में लेखपालों को 91,150 किसान खोजे नहीं मिले हैं। बड़ी संख्या में सत्यापन के लिए किसानों के अवशेष होने पर शासन ने सत्यापन तिथि में विस्तार करते हुए 15 सितंबर तक शत प्रतिशत किसानों का सत्यापन कर डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया है।
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार किसानों का सत्यापन व उनके भू-लेख डाटा अपलोडिंग की कार्रवाई की जा रही है। निर्धारित तिथि पर शत प्रतिशत किसानों का सत्यापन हो सके, इसके लिए राजस्व टीम से समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रगति देने की कोशिश चल रही है।