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Amethi News: विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दे रही परेशानी
Tue, 07 Apr 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:39 AM IST
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अमेठी सिटी। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और आवश्यक विभागों का संचालन नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें बेहतर उपचार के लिए पड़ोसी जिलों में या फिर राजधानी तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले में तिलोई में मेडिकल कॉलेज, गौरीगंज में संयुक्त जिला अस्पताल के अलावा जगदीशपुर में ट्रॉमा सेंटर, 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। मेडिकल कॉलेज में 200 बेड का रेफरल अस्पताल अभी संचालित हो रहा है। हालांकि, न्यूरोसर्जरी, बर्न और गैस्ट्रो जैसे महत्वपूर्ण विभाग यहां भी नहीं हैं। इन विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल दोनों में उपलब्ध नहीं हैं।
जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा तो है, पर कर्मियों की कमी के कारण मशीनें निष्प्रयोज्य पड़ी हैं। इस स्थिति में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ रहा है। वहां उन्हें इलाज के लिए धक्के खाने पड़ते हैं और काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, इमरजेंसी और सीटी स्कैन जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं हैं। सीएमओ डाॅ. अंशुमान सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की भर्ती लगातार हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले में जरूरी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी।
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जिले में तिलोई में मेडिकल कॉलेज, गौरीगंज में संयुक्त जिला अस्पताल के अलावा जगदीशपुर में ट्रॉमा सेंटर, 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। मेडिकल कॉलेज में 200 बेड का रेफरल अस्पताल अभी संचालित हो रहा है। हालांकि, न्यूरोसर्जरी, बर्न और गैस्ट्रो जैसे महत्वपूर्ण विभाग यहां भी नहीं हैं। इन विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल दोनों में उपलब्ध नहीं हैं।
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जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा तो है, पर कर्मियों की कमी के कारण मशीनें निष्प्रयोज्य पड़ी हैं। इस स्थिति में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ रहा है। वहां उन्हें इलाज के लिए धक्के खाने पड़ते हैं और काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, इमरजेंसी और सीटी स्कैन जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं हैं। सीएमओ डाॅ. अंशुमान सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की भर्ती लगातार हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले में जरूरी विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी।
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