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Amethi News: कस्तूरबा की बेटियां सीखेंगी तकनीक
Mon, 05 Oct 2026 01:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:23 AM IST
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अमेठी सिटी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली बेटियों को तकनीकी शिक्षा देने की तैयारी है। जिले के 11 कस्तूरबा विद्यालयों की कंप्यूटर लैब में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए 18.70 लाख रुपये जारी किए गए हैं। प्रत्येक विद्यालय को 1.70 लाख रुपये मिलेंगे।
इससे करीब 1100 छात्राओं को कंप्यूटर सीखने और अभ्यास करने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। लैब में फर्नीचर की व्यवस्था होने से छात्राएं व्यवस्थित तरीके से बैठकर तकनीकी प्रशिक्षण ले सकेंगी।
भादर, भेटुआ, संग्रामपुर, अमेठी, गौरीगंज, बहादुरपुर, तिलोई, सिंहपुर, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और शाहगढ़ के कस्तूरबा विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में छात्राओं को कंप्यूटर संचालन, ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री और डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नई व्यवस्था से छात्राओं को कंप्यूटर पर नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा।
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ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण मिलने से उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी। छात्राएं ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सेवाओं और शैक्षिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सीख सकेंगी। तकनीकी दक्षता बढ़ने से भविष्य में कंप्यूटर आधारित रोजगार के अवसर तलाशना आसान होगा।
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा से छात्राओं को आगे की पढ़ाई और रोजगार के लिए जरूरी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी।
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इससे करीब 1100 छात्राओं को कंप्यूटर सीखने और अभ्यास करने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। लैब में फर्नीचर की व्यवस्था होने से छात्राएं व्यवस्थित तरीके से बैठकर तकनीकी प्रशिक्षण ले सकेंगी।
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भादर, भेटुआ, संग्रामपुर, अमेठी, गौरीगंज, बहादुरपुर, तिलोई, सिंहपुर, जगदीशपुर, मुसाफिरखाना और शाहगढ़ के कस्तूरबा विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में छात्राओं को कंप्यूटर संचालन, ऑनलाइन शैक्षिक सामग्री और डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नई व्यवस्था से छात्राओं को कंप्यूटर पर नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा।
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ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण मिलने से उनकी तकनीकी दक्षता बढ़ेगी। छात्राएं ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सेवाओं और शैक्षिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सीख सकेंगी। तकनीकी दक्षता बढ़ने से भविष्य में कंप्यूटर आधारित रोजगार के अवसर तलाशना आसान होगा।
बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि तकनीकी शिक्षा से छात्राओं को आगे की पढ़ाई और रोजगार के लिए जरूरी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी।