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Amethi News: बाबा अब्दुल समद शाह की मजार पर जायरीनों ने माथा टेका
Fri, 07 Apr 2023 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 07 Apr 2023 12:09 AM IST
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राजा फत्तेपुर (अमेठी)। सिंहपुर विकास खंड के भीखीपुर गांव में बाबा अब्दुल समद शाह की मजार सर्व धर्म समभाव का प्रतीक है। बृहस्पतिवार को दो दिवसीय उर्स की शुरुआत हुई। मजार पर देर शाम से लोगों का आना शुरू हुआ।तिलोई तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किमी की दूरी पर स्थित बाबा अब्दुल समद शाह की मजार पर बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम दोनों संप्रदायों के लोग अपनी मुरादें लेकर आते हैं। लोगों का मानना है कि जो भी भक्त सच्चे भाव से बाबा की मजार पर शीश झुकाने आता है बाबा उसकी मन्नतें पूरी करते हैं।
बाबा अब्दुल समद शाह का निधन रमजान महीने की 14 वीं तारीख को 1385 हिजरी में भीखीपुर गांव में हुआ था। वैसे मजार पर पूरे वर्ष बाबा के अनुयायी करते हैं, लेकिन मजार पर साल में दो बार उर्स का आयोजन होता है। एक मोहर्रम की 25 व 26 तारीख को जो बाबा अब्दुल समद के गुरु बाबा ताजुद्दीन नागपुरी की याद में तो दूसरा रमजान महीने की 14 वीं और 15 वीं तारीख को बाबा अब्दुल समद शाह की याद में होता है। इस मजार पर सभी धर्मों के लोग माथा टेकने के लिए आते हैं। उर्स में बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार की रात तक भारी भीड़ जुटेगी और बाबा का दर्शन करने के बाद वापस होगी।
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बाबा अब्दुल समद शाह का निधन रमजान महीने की 14 वीं तारीख को 1385 हिजरी में भीखीपुर गांव में हुआ था। वैसे मजार पर पूरे वर्ष बाबा के अनुयायी करते हैं, लेकिन मजार पर साल में दो बार उर्स का आयोजन होता है। एक मोहर्रम की 25 व 26 तारीख को जो बाबा अब्दुल समद के गुरु बाबा ताजुद्दीन नागपुरी की याद में तो दूसरा रमजान महीने की 14 वीं और 15 वीं तारीख को बाबा अब्दुल समद शाह की याद में होता है। इस मजार पर सभी धर्मों के लोग माथा टेकने के लिए आते हैं। उर्स में बृहस्पतिवार रात से लेकर शुक्रवार की रात तक भारी भीड़ जुटेगी और बाबा का दर्शन करने के बाद वापस होगी।
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