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धर्मांतरण के लिए मिशनरियों की सक्रियता की जांच शुरू
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गौरीगंज (अमेठी)। स्थानीय थाना क्षेत्र के पूरे रैकवारन मजरे छिटेपुर गांव में मिशनरी के लोगों की सक्रियता को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामला सामने आने के बाद एसडीएम ने तहसीलदार व एसएचओ से मामले की जांच कर लिखित रिपोर्ट तलब की है। एसडीएम के निर्देश पर सोमवार को तहसीलदार ने गांव में लंबे समय से प्रार्थना सभा का आयोजन करने वाले का बयान दर्ज किया।
पूरे रैकवारन मजरे छिटेपुर में काफी समय से मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभा के बहाने लोगों को उनके धर्म से विमुख करने का प्रयास चल रहा है। गांव निवासी मास्टर फिलिप उर्फ श्रीराम चार वर्षों से गुपचुप तरीके से ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटा है।
श्रीराम की ओर से प्रत्येक रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मिशनरी से जुड़े आस-पड़ोस के जिलों के प्रचारक व बड़ी संख्या में आस-पास के गांवों के लोग शामिल होते हैं। कार्यक्रम के बाद उन्हें प्रसाद के साथ एक पुस्तक भेंट की जाती है। प्रार्थना के बाद लोगों को ईसाई धर्म की नीतियां समझाई जाती हैं। आस-पड़ोस के क्षेत्र में मिशनरी के लोग खासा प्रभाव डाल चुके हैं।
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लोग हिंदू रीति-रिवाजों से मुंह मोड़ रहे हैं। मिशनरियों के निशाने पर मुख्य रूप से दलित जातियां हैं। प्रार्थना सभा में लोगों की आर्थिक मदद की जा रही है। झाड़-फूंक के बहाने बीमारियों को ठीक करने का दावा किया जाता है। सोमवार को इसके बारे में पता चलने के बाद एसडीएम गौरीगंज सविता यादव ने स्वत: संज्ञान लेते हुए तहसीलदार पवन कुमार शर्मा व एसएचओ अजीत विद्यार्थी को पूरे प्रकरण की जांच कर लिखित रिपोर्ट देने को कहा है।
तहसीलदार ने बताया कि एसडीएम का निर्देश मिलने के बाद प्रार्थना सभा का आयोजन करने वाले श्रीराम को बुलाया गया था। उसने कपूरथला लखनऊ स्थित किसी चर्च से जुड़े होने की बात बताई। इस संबंध में जांच अभी जारी है। श्रीराम के अलावा प्रार्थना सभा में शामिल होने वालों व गांव के उन लोगों के बयान भी लिए जाएंगे जिन्हें इस आयोजन से दिक्कत है। पूरी जांच पड़ताल के बाद लिखित रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी।
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पूरे रैकवारन मजरे छिटेपुर में काफी समय से मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभा के बहाने लोगों को उनके धर्म से विमुख करने का प्रयास चल रहा है। गांव निवासी मास्टर फिलिप उर्फ श्रीराम चार वर्षों से गुपचुप तरीके से ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार में जुटा है।
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श्रीराम की ओर से प्रत्येक रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मिशनरी से जुड़े आस-पड़ोस के जिलों के प्रचारक व बड़ी संख्या में आस-पास के गांवों के लोग शामिल होते हैं। कार्यक्रम के बाद उन्हें प्रसाद के साथ एक पुस्तक भेंट की जाती है। प्रार्थना के बाद लोगों को ईसाई धर्म की नीतियां समझाई जाती हैं। आस-पड़ोस के क्षेत्र में मिशनरी के लोग खासा प्रभाव डाल चुके हैं।
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लोग हिंदू रीति-रिवाजों से मुंह मोड़ रहे हैं। मिशनरियों के निशाने पर मुख्य रूप से दलित जातियां हैं। प्रार्थना सभा में लोगों की आर्थिक मदद की जा रही है। झाड़-फूंक के बहाने बीमारियों को ठीक करने का दावा किया जाता है। सोमवार को इसके बारे में पता चलने के बाद एसडीएम गौरीगंज सविता यादव ने स्वत: संज्ञान लेते हुए तहसीलदार पवन कुमार शर्मा व एसएचओ अजीत विद्यार्थी को पूरे प्रकरण की जांच कर लिखित रिपोर्ट देने को कहा है।
तहसीलदार ने बताया कि एसडीएम का निर्देश मिलने के बाद प्रार्थना सभा का आयोजन करने वाले श्रीराम को बुलाया गया था। उसने कपूरथला लखनऊ स्थित किसी चर्च से जुड़े होने की बात बताई। इस संबंध में जांच अभी जारी है। श्रीराम के अलावा प्रार्थना सभा में शामिल होने वालों व गांव के उन लोगों के बयान भी लिए जाएंगे जिन्हें इस आयोजन से दिक्कत है। पूरी जांच पड़ताल के बाद लिखित रिपोर्ट एसडीएम को दी जाएगी।