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Amethi News: निवेश एप से करोड़ों के मुनाफे का भ्रम, हकीकत में ठगी
Mon, 05 Jan 2026 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:24 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। घर बैठे कमाई, सोशल मीडिया पर लाइक-कमेंट, पार्ट टाइम काम और निवेश एप के नाम पर लोगों से बड़ी रकम हड़पी जा रही है। साइबर अपराधी पहले भरोसा कायम करते हैं, फिर धीरे-धीरे लोगों को अधिक निवेश कराकर संपर्क तोड़ देते हैं। शुरुआती चरण में छोटी रकम मुनाफे के रूप में भेजकर लोगों को जाल में फंसाया जाता है।
वर्क फ्रॉम होम या पार्ट टाइम जॉब की तलाश में कई लोग इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट पर अपना विवरण साझा कर देते हैं। इसके बाद ठग फोन या मैसेज के जरिए संपर्क साधते हैं। विशेषज्ञों ने व्हाट्सएप की सेटिंग में ऑटो डाउनलोड बंद रखने और अंजान फाइल न खोलने की सलाह दी है। जगदीशपुर निवासी अखिलेश कुमार के अनुसार 26 फरवरी को खुद को एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड का कर्मचारी बताकर एक महिला ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया। हाईनेट वर्थ अकाउंट नामक मोबाइल एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया गया।
मार्च तक 24 बार लेनदेन कराकर करीब 30.15 लाख रुपये जमा कराए गए। एप पर लाभ बढ़कर एक करोड़ 10 लाख रुपये दिखाया गया। बाद में आईपीओ के नाम पर दोबारा 30 लाख रुपये मांगने पर संदेह हुआ। भुगतान से मना करने पर पेनाल्टी की मांग की गई। इसके बाद 15 अप्रैल को साइबर अपराध पोर्टल पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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तत्काल करें शिकायत
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। जिले में कई मामलों का निस्तारण हुआ है और कुछ पीड़ितों को रकम वापस भी दिलाई गई है। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें और cybercrime.gov.in पर 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराएं।
प्रलोभन मिले तो रहें सतर्क
सोशल मीडिया पर अंजान आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो सतर्क हो जाएं। दोस्ती के बाद महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क वसूलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में भुगतान न करें।
साइबर ठगों से नहीं डरेंगे
अखिलेश कुमार ने बताया कि जागरूकता के अभाव में लोग जीवनभर की कमाई गंवा रहे हैं। एपीके फाइल भेजकर फोन हैक करने के बाद बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर ली जाती है। अंजान नंबर से भेजी गई फाइल डाउनलोड न करें और सतर्क रहें। साइबर ठगों से डरने की जरूरत नहीं है।
आप भी बात सकते हैं आपबीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमसे 9368724180 पर संपर्क कर सकते हैं।
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वर्क फ्रॉम होम या पार्ट टाइम जॉब की तलाश में कई लोग इंटरनेट पर फर्जी वेबसाइट पर अपना विवरण साझा कर देते हैं। इसके बाद ठग फोन या मैसेज के जरिए संपर्क साधते हैं। विशेषज्ञों ने व्हाट्सएप की सेटिंग में ऑटो डाउनलोड बंद रखने और अंजान फाइल न खोलने की सलाह दी है। जगदीशपुर निवासी अखिलेश कुमार के अनुसार 26 फरवरी को खुद को एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड का कर्मचारी बताकर एक महिला ने व्हाट्सएप पर संपर्क किया। हाईनेट वर्थ अकाउंट नामक मोबाइल एप डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया गया।
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मार्च तक 24 बार लेनदेन कराकर करीब 30.15 लाख रुपये जमा कराए गए। एप पर लाभ बढ़कर एक करोड़ 10 लाख रुपये दिखाया गया। बाद में आईपीओ के नाम पर दोबारा 30 लाख रुपये मांगने पर संदेह हुआ। भुगतान से मना करने पर पेनाल्टी की मांग की गई। इसके बाद 15 अप्रैल को साइबर अपराध पोर्टल पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
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तत्काल करें शिकायत
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। जिले में कई मामलों का निस्तारण हुआ है और कुछ पीड़ितों को रकम वापस भी दिलाई गई है। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें और cybercrime.gov.in पर 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराएं।
प्रलोभन मिले तो रहें सतर्क
सोशल मीडिया पर अंजान आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आए तो सतर्क हो जाएं। दोस्ती के बाद महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क वसूलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में भुगतान न करें।
साइबर ठगों से नहीं डरेंगे
अखिलेश कुमार ने बताया कि जागरूकता के अभाव में लोग जीवनभर की कमाई गंवा रहे हैं। एपीके फाइल भेजकर फोन हैक करने के बाद बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर ली जाती है। अंजान नंबर से भेजी गई फाइल डाउनलोड न करें और सतर्क रहें। साइबर ठगों से डरने की जरूरत नहीं है।
आप भी बात सकते हैं आपबीती
अगर आपके साथ भी साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की है तो आप हमें अपनी आपबीती बता सकते हैं। अमर उजाला साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रहा है। आपकी बताई गई समस्या प्रकाशित की जाएगी। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। आप हमसे 9368724180 पर संपर्क कर सकते हैं।