{"_id":"66e0b43ef9d927af070ff918","slug":"illegal-property-of-accused-peshkar-will-be-investigated-sent-to-jail-amethi-news-c-96-1-lu11005-125364-2024-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: आरोपी पेशकार की अवैध संपत्ति की होगी जांच, भेजा गया जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: आरोपी पेशकार की अवैध संपत्ति की होगी जांच, भेजा गया जेल
Wed, 11 Sep 2024 02:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 11 Sep 2024 02:33 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। अमेठी एसडीएम कोर्ट के पेशकार को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को एंटी करप्शन ने गोरखपुर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। अब उसके खिलाफ अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति की जांच होगी। यदि जांच में मामला सही मिला तो उसके खिलाफ और कार्रवाई हो सकती है। आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
सोमवार को अमेठी एसडीएम कोर्ट के पेशकार योगेश कुमार श्रीवास्तव को मंगलवार को गोरखपुर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर राय साहब द्विवेदी ने बताया कि रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े योगेश श्रीवास्तव को गोरखपुर न्यायालय में मंगलवार को पेश किया गया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पेशकार की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। संपत्ति की जांच से पहले डीएम को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा। डीएम से आदेश मिलने के बाद उसकी संपत्ति की जांच की जाएगी। जांच में यदि अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति की पुष्टि हुई तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। जिले स्तर से उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।
विज्ञापन
एसडीएम अमेठी आशीष कुमार सिंह का कहना है कि आरोपी पेशकार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि आरोपी पेशकार के खिलाफ तहसील से रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई व जांच की जाएगी।
पेशकार ने मांगी थी रिश्वत
संग्रामपुर थाना क्षेत्र के करनाईपुर गांव निवासी रामकरन बनाम बुद्विराम आदि के मामले में रामकरन के पुत्र रविकांत से अमेठी एसडीएम कोर्ट के पेशकार योगेश कुमार श्रीवास्तव ने रिश्वत मांगी थी। रामकरन ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ने सोमवार को योगेश श्रीवास्तव को रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा था।
एक बजे शुरू हो सकी एसडीएम कोर्ट की कार्रवाई
अमेठी सिटी। मंगलवार को तहसील परिसर समेत अन्य स्थानों पर पकड़े गए पेशकार को लेकर चर्चा जोरों पर रही। एसडीएम आशीष कुमार सिंह के निर्देश पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के पेशकार हरिओम ने मंगलवार को कोर्ट का कार्य देखा। इसके बाद करीब एक बजे से अदालत की कार्रवाई शुरू हो सकी।
विज्ञापन
सोमवार को अमेठी एसडीएम कोर्ट के पेशकार योगेश कुमार श्रीवास्तव को मंगलवार को गोरखपुर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर राय साहब द्विवेदी ने बताया कि रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े योगेश श्रीवास्तव को गोरखपुर न्यायालय में मंगलवार को पेश किया गया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पेशकार की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। संपत्ति की जांच से पहले डीएम को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा। डीएम से आदेश मिलने के बाद उसकी संपत्ति की जांच की जाएगी। जांच में यदि अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति की पुष्टि हुई तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा। जिले स्तर से उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।
विज्ञापन
एसडीएम अमेठी आशीष कुमार सिंह का कहना है कि आरोपी पेशकार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि आरोपी पेशकार के खिलाफ तहसील से रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई व जांच की जाएगी।
पेशकार ने मांगी थी रिश्वत
संग्रामपुर थाना क्षेत्र के करनाईपुर गांव निवासी रामकरन बनाम बुद्विराम आदि के मामले में रामकरन के पुत्र रविकांत से अमेठी एसडीएम कोर्ट के पेशकार योगेश कुमार श्रीवास्तव ने रिश्वत मांगी थी। रामकरन ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन से की थी। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ने सोमवार को योगेश श्रीवास्तव को रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा था।
एक बजे शुरू हो सकी एसडीएम कोर्ट की कार्रवाई
अमेठी सिटी। मंगलवार को तहसील परिसर समेत अन्य स्थानों पर पकड़े गए पेशकार को लेकर चर्चा जोरों पर रही। एसडीएम आशीष कुमार सिंह के निर्देश पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के पेशकार हरिओम ने मंगलवार को कोर्ट का कार्य देखा। इसके बाद करीब एक बजे से अदालत की कार्रवाई शुरू हो सकी।