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Amethi News: अच्छे व्यवहार से मजबूत होते हैं संबंध
Tue, 20 Oct 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:35 AM IST
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जायस कस्बे में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
जायस। कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को प्रवाचक मुकेश महाराज ने श्रद्धालुओं को करुणा, सेवा और परोपकार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में धर्म का महत्व तभी है, जब उसके आचरण में दूसरों के प्रति संवेदना और सहयोग की भावना हो। जरूरतमंदों की सहायता करना और दुख में किसी का साथ देना भी ईश्वर की आराधना के समान है।
प्रवाचक ने कथा प्रसंगों के माध्यम से बताया कि व्यक्ति को अपने व्यवहार में विनम्रता रखनी चाहिए। दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार और जरूरत के समय सहायता करने से समाज में आपसी संबंध मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख और दुख आते रहते हैं। ऐसे समय में धैर्य बनाए रखना और अपने कर्तव्यों का पालन करना जरूरी है। ईश्वर के प्रति विश्वास व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। अपने कर्मों में ईमानदारी रखना, परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को निभाना और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी धर्म का हिस्सा है। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह, अशर्फी लाल कौशल, संजय कौशल और विनय कौशल आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कथा प्रसंगों के माध्यम से बताया कि व्यक्ति को अपने व्यवहार में विनम्रता रखनी चाहिए। दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार और जरूरत के समय सहायता करने से समाज में आपसी संबंध मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सुख और दुख आते रहते हैं। ऐसे समय में धैर्य बनाए रखना और अपने कर्तव्यों का पालन करना जरूरी है। ईश्वर के प्रति विश्वास व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। अपने कर्मों में ईमानदारी रखना, परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को निभाना और समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करना भी धर्म का हिस्सा है। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह, अशर्फी लाल कौशल, संजय कौशल और विनय कौशल आदि मौजूद रहे।
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