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Amethi News: पूर्व प्रधान का 17 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, हत्याकांड में 11 लोगों पर केस
Thu, 10 Oct 2024 04:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 10 Oct 2024 04:21 AM IST
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बाजारशुकुल के संसारपुर गांव में पूर्व प्रधान की मौत के बाद गमगीन परिजन।
बाजारशुकुल (अमेठी)। थाना क्षेत्र में पूर्व प्रधान की हत्या के मामले ने मंगलवार रात शव गांव पहुंचने पर खासा तूल पकड़ लिया। पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगा ग्रामीणों ने एसओ को दौड़ा लिया। परिजन शैडो व व परिवार को दो शस्त्रों का लाइसेंस दिलाने की मांग पर अड़ गए। बुधवार सुबह मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। मांगों पर कार्रवाई व आश्वासन मिलने के बाद परिजनों ने करीब 17 घंटे बाद शव का दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने मामले में 11 लोगों पर केस दर्ज किया है। आठ आरोपियों को पकड़ भी लिया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
बाजारशुकुल थाना क्षेत्र के संसारपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान शिव नारायण सिंह (50 ) पर मंगलवार को हमलावरों ने धारदार व डंडों से हमला कर मरणासन्न कर दिया था। उनकी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। देर रात शव गांव पहुंचा। इस बीच यहां कई थानों की पुलिस व पीएसी तैनात थी। शव पहुंचने पर मामले ने और तूल पकड़ लिया। परिजन आक्रोशित हो गए। आक्रोशित लोगों ने थानाध्यक्ष को दौड़ा लिया। पुलिस ने किसी तरह एसओ को बचा कर वहां से हटाया और परिजनों को हर मुमकिन मदद का आश्वासन देकर शांत किया।
परिजनों का आरोप है कि चुनावी रंजिश व पुराने विवाद को लेकर पूर्व प्रधान की हत्या की गई है। यदि पुलिस सख्त कार्रवाई करती तो तो यह घटना न होती। रातभर पुलिस परिजनों को मनाती रही। सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। परिजनों ने मांग की कि मृतक की पत्नी व पुत्र को शस्त्र का लाइसेंस, सुरक्षा व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने पूर्व प्रधान के बेटे बृजेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर गांव निवासी रवि यादव, शानू, रजनीश, मनीष, जितेंद्र उर्फ गुड्डू, गुलाब सिंह, शिवमूरत सिंह, अंकुर सिंह, राज कुमार सिंह और खेममऊ गांव निवासी समर बहादुर सिंह व एक अज्ञात सहित 11 लोगों पर केस दर्ज किया।
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पुलिस ने आठ आरोपियों को पकड़ लिया है। एसपी ने परिवार को एक गनर भी उपलब्ध करा दिया। साथ ही दो लोगों को शस्त्र का लाइसेंस दिलाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब परिजन माने और करीब 17 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
दो साल पहले हुआ था विवाद
आरोप है कि दो साल पहले मूर्ति विसर्जन के दौरान मृतक के भाई की शानू, रजनीश, मनीष व अंकुर ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद शिव नारायण ने समर बहादुर के घर पहुंचकर मामले को लेकर शिकायत की थी। मामले में बीच-बचाव करने वाले एक परिवार को आरोपियों ने इतना परेशान किया था कि वह गांव छोड़ कर चले गए। परिजनों ने बताया कि जब भी विवाद होता तो पुलिस पूर्व प्रधान के परिजनों पर ही कार्रवाई करती थी। पूर्व प्रधान पर पुलिस की मिलीभगत से जानलेवा हमले की धारा में दो केस दर्ज कराए गए थे। सूत्रों के अनुसार घटना में शामिल आरोपी एक भाजपा विधायक के करीबी हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष हैं मृतक के भाई
पूर्व प्रधान शिव नारायण सिंह के भाई शिव नायक सिंह भाजपा मंडल के अध्यक्ष हैं। इनके एक रिश्तेदार त्रिभुवन सिंह गोंडा स्थित पीएसी वाहिनी में उच्चाधिकारी हैं। वह भी घटना के बाद गांव पहुंचे। इनकी मौजूदगी में ग्रामीण उग्र होकर पुलिस से उलझ गए थे। उसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने मिलकर लोगों को समझाकर शांत किया। पूर्व प्रधान की मौत को लेकर गांव में पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी सहित क्षेत्र के अलग-अलग दलों के कई जनप्रतिनिधि पहुंचे थे।
जल्द होगी गिरफ्तारी
एएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान के बेटे की तहरीर पर 10 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आठ आरोपियों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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बाजारशुकुल थाना क्षेत्र के संसारपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान शिव नारायण सिंह (50 ) पर मंगलवार को हमलावरों ने धारदार व डंडों से हमला कर मरणासन्न कर दिया था। उनकी लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। देर रात शव गांव पहुंचा। इस बीच यहां कई थानों की पुलिस व पीएसी तैनात थी। शव पहुंचने पर मामले ने और तूल पकड़ लिया। परिजन आक्रोशित हो गए। आक्रोशित लोगों ने थानाध्यक्ष को दौड़ा लिया। पुलिस ने किसी तरह एसओ को बचा कर वहां से हटाया और परिजनों को हर मुमकिन मदद का आश्वासन देकर शांत किया।
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परिजनों का आरोप है कि चुनावी रंजिश व पुराने विवाद को लेकर पूर्व प्रधान की हत्या की गई है। यदि पुलिस सख्त कार्रवाई करती तो तो यह घटना न होती। रातभर पुलिस परिजनों को मनाती रही। सुबह परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार रोक दिया। परिजनों ने मांग की कि मृतक की पत्नी व पुत्र को शस्त्र का लाइसेंस, सुरक्षा व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने पूर्व प्रधान के बेटे बृजेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर गांव निवासी रवि यादव, शानू, रजनीश, मनीष, जितेंद्र उर्फ गुड्डू, गुलाब सिंह, शिवमूरत सिंह, अंकुर सिंह, राज कुमार सिंह और खेममऊ गांव निवासी समर बहादुर सिंह व एक अज्ञात सहित 11 लोगों पर केस दर्ज किया।
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पुलिस ने आठ आरोपियों को पकड़ लिया है। एसपी ने परिवार को एक गनर भी उपलब्ध करा दिया। साथ ही दो लोगों को शस्त्र का लाइसेंस दिलाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब परिजन माने और करीब 17 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
दो साल पहले हुआ था विवाद
आरोप है कि दो साल पहले मूर्ति विसर्जन के दौरान मृतक के भाई की शानू, रजनीश, मनीष व अंकुर ने पिटाई कर दी थी। इसके बाद शिव नारायण ने समर बहादुर के घर पहुंचकर मामले को लेकर शिकायत की थी। मामले में बीच-बचाव करने वाले एक परिवार को आरोपियों ने इतना परेशान किया था कि वह गांव छोड़ कर चले गए। परिजनों ने बताया कि जब भी विवाद होता तो पुलिस पूर्व प्रधान के परिजनों पर ही कार्रवाई करती थी। पूर्व प्रधान पर पुलिस की मिलीभगत से जानलेवा हमले की धारा में दो केस दर्ज कराए गए थे। सूत्रों के अनुसार घटना में शामिल आरोपी एक भाजपा विधायक के करीबी हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष हैं मृतक के भाई
पूर्व प्रधान शिव नारायण सिंह के भाई शिव नायक सिंह भाजपा मंडल के अध्यक्ष हैं। इनके एक रिश्तेदार त्रिभुवन सिंह गोंडा स्थित पीएसी वाहिनी में उच्चाधिकारी हैं। वह भी घटना के बाद गांव पहुंचे। इनकी मौजूदगी में ग्रामीण उग्र होकर पुलिस से उलझ गए थे। उसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने मिलकर लोगों को समझाकर शांत किया। पूर्व प्रधान की मौत को लेकर गांव में पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी सहित क्षेत्र के अलग-अलग दलों के कई जनप्रतिनिधि पहुंचे थे।
जल्द होगी गिरफ्तारी
एएसपी हरेंद्र कुमार ने बताया कि पूर्व प्रधान के बेटे की तहरीर पर 10 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आठ आरोपियों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।