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जल निगम के पांच जेई की सेवा समाप्त
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गौरीगंज (अमेठी)। सपा शासन काल में जल निगम भर्ती घोटाले की जांच के बाद जिले में कार्यरत पांच जूनियर इंजीनियर की सेवा शासन ने समाप्त कर दी। सोमवार को भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने के बाद बुधवार को शासन का आदेश निगम पहुंचा तो हड़कंप मचा गया।
सूबे की तत्कालीन समाजवादी सरकार में वर्ष 2016 में हुई जल निगम में अवर अभियंता व लिपिक की भर्ती में असफल अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।
न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई जांच में भर्ती प्रक्रिया में जमकर धांधली होने का मामला उजागर हुआ था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को प्रदेश सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। सरकार की ओर से की गई इस कार्रवाई की जद में जिले में तैनात जूनियर इंजीनियर दीपक कुमार, सुमित कुमार पासी, आकाश कुमार तिवारी, धीरेंद्र सिंह व सुनील कुमार आ गए।
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लिपिक संवर्ग में हुई भर्ती के एक भी अभ्यर्थी की तैनाती जिले में नहीं हुई थी। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद बुधवार को निदेशक का पत्र कार्यालय पहुंचा तो हड़कंप मचा गया। हालांकि पांचों जेई को मामले की जानकारी पहले से होने के चलते उसमें से बुधवार को कोई भी कार्यालय नहीं आया था।
अधिशाषी अभियंता महेंद्र राम ने शासन की ओर से भर्ती प्रक्रिया निरस्त होने तथा जिले में कार्यरत पांच जेई की सेवा समाप्त होने का पत्र मिलने की पुष्टि की है। एक्सईएन ने बताया कि बुधवार को कोई कार्यालय नहीं आया इसलिए फोन से सूचना देते हुए आदेश की कॉपी ई-मेल व रजिस्टर्ड डाक से उनके आवास पर भेज दी गई है। संबंधित को सूचना देने के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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सूबे की तत्कालीन समाजवादी सरकार में वर्ष 2016 में हुई जल निगम में अवर अभियंता व लिपिक की भर्ती में असफल अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पूरी भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।
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न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई जांच में भर्ती प्रक्रिया में जमकर धांधली होने का मामला उजागर हुआ था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सोमवार को प्रदेश सरकार ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। सरकार की ओर से की गई इस कार्रवाई की जद में जिले में तैनात जूनियर इंजीनियर दीपक कुमार, सुमित कुमार पासी, आकाश कुमार तिवारी, धीरेंद्र सिंह व सुनील कुमार आ गए।
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लिपिक संवर्ग में हुई भर्ती के एक भी अभ्यर्थी की तैनाती जिले में नहीं हुई थी। शासन स्तर से भर्ती प्रक्रिया रद्द होने के बाद बुधवार को निदेशक का पत्र कार्यालय पहुंचा तो हड़कंप मचा गया। हालांकि पांचों जेई को मामले की जानकारी पहले से होने के चलते उसमें से बुधवार को कोई भी कार्यालय नहीं आया था।
अधिशाषी अभियंता महेंद्र राम ने शासन की ओर से भर्ती प्रक्रिया निरस्त होने तथा जिले में कार्यरत पांच जेई की सेवा समाप्त होने का पत्र मिलने की पुष्टि की है। एक्सईएन ने बताया कि बुधवार को कोई कार्यालय नहीं आया इसलिए फोन से सूचना देते हुए आदेश की कॉपी ई-मेल व रजिस्टर्ड डाक से उनके आवास पर भेज दी गई है। संबंधित को सूचना देने के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।