{"_id":"61c2141134d63f64d36602cd","slug":"fish-farmers-will-get-incentive-amethi-news-lko6100227175","type":"story","status":"publish","title_hn":"मत्स्य पालकों को मिलेगा प्रोत्साहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मत्स्य पालकों को मिलेगा प्रोत्साहन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज (अमेठी)। पीएम मत्स्य संपदा योजना से जिले में मत्स्य पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने जिम्मेदारों के साथ योजना की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वृहद रिसर्कुलेटरी सिस्टम के दो तथा निजी भूमि पर तालाब निर्माण के 16 आवेदन स्वीकृत किए गए। डीएम ने जिम्मेदारों को योजना का प्रचार-प्रसार कर पालकों को लाभान्वित करते हुए मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया।
डीएम अरुण कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त वृहद रिसर्कुलेटरी सिस्टम के दो एवं निजी भूमि पर तालाब निर्माण के 16 पात्र आवेदनों को परीक्षण के उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड से मत्स्य पालन को फसली ऋण से आच्छादित करने का निर्देश एलडीएम को दिया। बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि निजी भूमि पर तालाब निर्माण, फिश सीड रियरिंग इकाई का निर्माण, मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स, साइकिल विद आइस बॉक्स, आठ टैंक क्षमता आरएएस, छह टैंक क्षमता आरएएस, 100 क्यूसिक मीटर क्षमता वाले आरएएस, बायोफ्लॉक, निजी भूमि पर तालाब निर्माण पंगेशियस पालन हेतु, कियोस्क, लाइव फिश वेडिंग सेंटर तथा मत्स्य बीज हैजरी योजनाएं संचालित की जाती हैं।
विज्ञापन
योजना में सामान्य एवं अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को 40 प्रतिशत तथा सभी श्रेणी की महिला एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को इकाई लागत के सापेक्ष 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। डीएम ने योजना का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्रों को लाभान्वित करते हुए जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर, सहायक निदेशक मत्स्य एके शुक्ल व एलडीएम विमल कुमार के साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना समिति के सदस्य तथा सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।
विज्ञापन
डीएम अरुण कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त वृहद रिसर्कुलेटरी सिस्टम के दो एवं निजी भूमि पर तालाब निर्माण के 16 पात्र आवेदनों को परीक्षण के उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड से मत्स्य पालन को फसली ऋण से आच्छादित करने का निर्देश एलडीएम को दिया। बैठक में सहायक निदेशक मत्स्य ने बताया कि निजी भूमि पर तालाब निर्माण, फिश सीड रियरिंग इकाई का निर्माण, मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स, साइकिल विद आइस बॉक्स, आठ टैंक क्षमता आरएएस, छह टैंक क्षमता आरएएस, 100 क्यूसिक मीटर क्षमता वाले आरएएस, बायोफ्लॉक, निजी भूमि पर तालाब निर्माण पंगेशियस पालन हेतु, कियोस्क, लाइव फिश वेडिंग सेंटर तथा मत्स्य बीज हैजरी योजनाएं संचालित की जाती हैं।
विज्ञापन
योजना में सामान्य एवं अन्य पिछड़े वर्ग के आवेदकों को 40 प्रतिशत तथा सभी श्रेणी की महिला एवं अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को इकाई लागत के सापेक्ष 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। डीएम ने योजना का प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्रों को लाभान्वित करते हुए जिले में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर, सहायक निदेशक मत्स्य एके शुक्ल व एलडीएम विमल कुमार के साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना समिति के सदस्य तथा सभी जिम्मेदार मौजूद रहे।