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Amethi News: 20 दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर
Mon, 26 Jan 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 26 Jan 2026 12:23 AM IST
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सिंहपुर। शिवरतनगंज डाकघर में तैनात तत्कालीन उपडाकपाल पर लगे गबन के आरोपों के मामले में 20 दिन बीतने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। उपडाकघर शिवरतनगंज से जुड़ी खरावा शाखा के उपभोक्ताओं की धनराशि में हेराफेरी का आरोप सामने आया था। डाक निरीक्षक की शिकायत पर मामला थाने तक पहुंचा, मगर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी है।
उपमंडल महराजगंज के डाक निरीक्षक हृदेश मिश्रा ने बताया कि शिवरतनगंज उपडाकघर से संबद्ध नौ शाखा डाकघरों में से खरावा शाखा की जांच पूरी हो चुकी है। इस जांच में तत्कालीन उपडाकपाल जितेंद्र तिवारी पर 31 लाख 85 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। अन्य शाखाओं की जांच प्रक्रिया अभी जारी है। सभी खातों का मिलान किया जा रहा है, ताकि गबन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह मामला उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि धनराशि की सुरक्षा को लेकर उनमें आशंका बनी हुई है। कार्रवाई में हो रहे विलंब से उनका भरोसा प्रभावित हो रहा है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में स्पष्टता आएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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यह स्थिति डाक विभाग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। थानाध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि प्रकरण में विभागीय जांच अभी पूर्ण नहीं हुई है। जांच समाप्त होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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उपमंडल महराजगंज के डाक निरीक्षक हृदेश मिश्रा ने बताया कि शिवरतनगंज उपडाकघर से संबद्ध नौ शाखा डाकघरों में से खरावा शाखा की जांच पूरी हो चुकी है। इस जांच में तत्कालीन उपडाकपाल जितेंद्र तिवारी पर 31 लाख 85 हजार रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। अन्य शाखाओं की जांच प्रक्रिया अभी जारी है। सभी खातों का मिलान किया जा रहा है, ताकि गबन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
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यह मामला उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि धनराशि की सुरक्षा को लेकर उनमें आशंका बनी हुई है। कार्रवाई में हो रहे विलंब से उनका भरोसा प्रभावित हो रहा है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में स्पष्टता आएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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यह स्थिति डाक विभाग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। थानाध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि प्रकरण में विभागीय जांच अभी पूर्ण नहीं हुई है। जांच समाप्त होने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।