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फ्लाई ओवर निर्माण पर भड़के किसान, हंगामा
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जायस (अमेठी)। बहादुरपुर स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा बनाए जा रहे फ्लाई ओवर पर विवाद हो गया है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं जहां फ्लाई ओवर बन रहा है वह सार्वजनिक रास्ता है। इससे नाराज किसान बड़ी संख्या में गुरुवार को मौके पर पहुंचे और धरना देकर हंगामा किया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में घंटों बात भी हुई लेकिन दोनों अपनी जिद पर अड़े रहे।
राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा किसानों द्वारा आने-जाने में प्रयोग किये जाने वाले सार्वजनिक रास्ते के ऊपर फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्र के किसानों को इसकी भनक गुरुवार को लगी। सूचना सार्वजनिक होते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और संस्थान के अधिकारियों से फ्लाई ओवर निर्माण कार्य बंद करने को कहा।
संस्थान ने किसानों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इससे नाराज किसानों ने हंगामा करते हुए उसी रास्ते पर धरना शुरू कर दिया। किसानों के हंगामे व धरने की सूचना पर संस्थान के अधिष्ठाता सौरभ मिश्र व आईडब्ल्यूडी के प्रोजेक्ट मैनेजर हरीश यादव किसानों से बात करने पहुंचे। दोनों पक्षों में इस मुद्दे पर घंटों हुई वार्ता आखिर में बेनतीजा समाप्त हुई।
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किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। किसानों ने कहा पहले फ्लाई ओवर के तैयार ढांचे को हटाया जाए फिर हम बात करेंगे। जब तक यह ढांचा नहीं हटाया जाएगा तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। किसान दयाशंकर पांडेय ने बताया कि यह मार्ग चक बैसना तक जाता है।
जहां पर लगभग 600 से अधिक किसानों के खेत हैं। यह दर्जनों गांवों के किसानों का मुख्य रास्ता भी है। इस पर संस्थान जबरन फ्लाई ओवर बना रहा है। राजस्व विभाग भी इसे अवैध बताते हुए निर्माण बंद करने को कह चुका है बावजूद इसके जबरन निर्माण किया जा रहा है। जब तक निर्माण कार्य बंद कर ढांचा नहीं हटाया जाएगा हमारा धरना जारी रहेगा।
इस दौरान किसान धनंजय सिंह, संजय कुमार, रमाकांत द्विवेदी, निजामुद्दीन, हरगोविंद, रघुनाथ, मो. रफीक, मो. हनीफ, अंनत प्रसाद, मैकूलाल, उदय राज, रामदेव, रामहेत, प्रजापति, नईम व सूर्य कुमार द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा किसानों द्वारा आने-जाने में प्रयोग किये जाने वाले सार्वजनिक रास्ते के ऊपर फ्लाई ओवर का निर्माण किया जा रहा है। क्षेत्र के किसानों को इसकी भनक गुरुवार को लगी। सूचना सार्वजनिक होते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और संस्थान के अधिकारियों से फ्लाई ओवर निर्माण कार्य बंद करने को कहा।
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संस्थान ने किसानों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इससे नाराज किसानों ने हंगामा करते हुए उसी रास्ते पर धरना शुरू कर दिया। किसानों के हंगामे व धरने की सूचना पर संस्थान के अधिष्ठाता सौरभ मिश्र व आईडब्ल्यूडी के प्रोजेक्ट मैनेजर हरीश यादव किसानों से बात करने पहुंचे। दोनों पक्षों में इस मुद्दे पर घंटों हुई वार्ता आखिर में बेनतीजा समाप्त हुई।
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किसान अपनी जिद पर अड़े रहे। किसानों ने कहा पहले फ्लाई ओवर के तैयार ढांचे को हटाया जाए फिर हम बात करेंगे। जब तक यह ढांचा नहीं हटाया जाएगा तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। किसान दयाशंकर पांडेय ने बताया कि यह मार्ग चक बैसना तक जाता है।
जहां पर लगभग 600 से अधिक किसानों के खेत हैं। यह दर्जनों गांवों के किसानों का मुख्य रास्ता भी है। इस पर संस्थान जबरन फ्लाई ओवर बना रहा है। राजस्व विभाग भी इसे अवैध बताते हुए निर्माण बंद करने को कह चुका है बावजूद इसके जबरन निर्माण किया जा रहा है। जब तक निर्माण कार्य बंद कर ढांचा नहीं हटाया जाएगा हमारा धरना जारी रहेगा।
इस दौरान किसान धनंजय सिंह, संजय कुमार, रमाकांत द्विवेदी, निजामुद्दीन, हरगोविंद, रघुनाथ, मो. रफीक, मो. हनीफ, अंनत प्रसाद, मैकूलाल, उदय राज, रामदेव, रामहेत, प्रजापति, नईम व सूर्य कुमार द्विवेदी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।