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Amethi News: किसानों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Sat, 22 Mar 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 22 Mar 2025 12:22 AM IST
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गौरीगंज के विशुनदासपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम को ज्ञापन स
अमेठी सिटी। शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष नफीस चंदेल की अगुवाई में किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मोहम्मद असलम को सौंपा।
ज्ञापन में कहा है कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य के साथ उसकी गारंटी कानून आदि मांगों को लेकर दिल्ली आंदोलन से ही संघर्ष कर रहे हैं। देश के दो बड़े किसान मोर्चा सहित कुछ अन्य किसान हरियाणा व पंजाब सीमा शंभू व खनौरी पर करीब 13 माह से शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। केंद्र सरकार किसानों से वार्ता कर रही थी, लेकिन 19 मार्च को जब किसान संगठन व सरकार के मध्य वार्ता समाप्त हो गई तो वापस अपने मोर्चों पर लौट रहे किसान संगठनों के नेताओं को पंजाब सरकार ने गिरफ्तार करवा लिया और दोनों मोर्चों को प्रशासन ने तानाशाही रवैये से हटाया।
वहां मौजूद बुजुर्ग किसानों व महिलाओं को भी जबरन रोका गया। इसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों ने राष्ट्रपति से इस मामले को गंभीरता से लेने और देश के किसानों के हित में उचित निर्णय व न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान श्रवण कुमार पाल, मुन्नी देवी, दिनेश मौर्य, फिरोज गुर्जर, शहाबुद्दीन कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा है कि किसान अपनी उपज का उचित मूल्य के साथ उसकी गारंटी कानून आदि मांगों को लेकर दिल्ली आंदोलन से ही संघर्ष कर रहे हैं। देश के दो बड़े किसान मोर्चा सहित कुछ अन्य किसान हरियाणा व पंजाब सीमा शंभू व खनौरी पर करीब 13 माह से शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। केंद्र सरकार किसानों से वार्ता कर रही थी, लेकिन 19 मार्च को जब किसान संगठन व सरकार के मध्य वार्ता समाप्त हो गई तो वापस अपने मोर्चों पर लौट रहे किसान संगठनों के नेताओं को पंजाब सरकार ने गिरफ्तार करवा लिया और दोनों मोर्चों को प्रशासन ने तानाशाही रवैये से हटाया।
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वहां मौजूद बुजुर्ग किसानों व महिलाओं को भी जबरन रोका गया। इसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों ने राष्ट्रपति से इस मामले को गंभीरता से लेने और देश के किसानों के हित में उचित निर्णय व न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान श्रवण कुमार पाल, मुन्नी देवी, दिनेश मौर्य, फिरोज गुर्जर, शहाबुद्दीन कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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