{"_id":"68b4a1b891887fca200571b0","slug":"farmers-are-troubled-by-the-arbitrary-actions-of-secretaries-amethi-news-c-96-1-ame1008-147518-2025-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: सचिवों की मनमानी से किसानों को परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: सचिवों की मनमानी से किसानों को परेशानी
Mon, 01 Sep 2025 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 01 Sep 2025 12:55 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। साधन सहकारी समितियों में सचिवों की मनमानी के चलते किसानों को यूरिया वितरण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को कई समितियों में यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद केंद्र बंद रहने से किसानों को लंबी कतार में घंटों इंतजार करना पड़ा। एक किसान को ई पॉस मशीन के माध्यम से यूरिया देने में 10 से 15 मिनट लग रहे हैं, जिससे समय की बर्बादी हो रही है।
जिले में 70,500 बोरी इफको यूरिया की रैक आने के बाद भी किसानों को सहज वितरण नहीं मिल पा रहा है। गौरीगंज के सैंठा साधन सहकारी समिति पर रविवार को लगभग 200 किसान खाद लेने पहुंचे। समिति सचिव राजकुमार सिंह ने बताया कि अकेले होने के कारण एक किसान को खाद देने में 10 से 15 मिनट लग रहे हैं। किसान आदित्य पांडेय ने बताया कि तीन दिनों से यूरिया के लिए प्रयास कर रहे थे और सुबह सात बजे कतार में लगने के बाद उन्हें दोपहर 12:30 बजे यूरिया मिली।
रामराज ने बताया कि सरकारी केंद्रों में जानकारी मिलने के बाद भी दो बोरी यूरिया ही मिल पाई। माताफेर ने बताया कि कई दिनों से चक्कर काटने के बाद रविवार को घंटों लाइन में लगने के बाद एक बोरी यूरिया मिली। अमेठी के ताला साधन सहकारी समिति में भी रविवार को वितरण किया गया। सहकारिता आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि समितियों पर यूरिया भेजी जा रही है, लेकिन रविवार को अवकाश होने के कारण कई केंद्र बंद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 70,500 बोरी इफको यूरिया की रैक आने के बाद भी किसानों को सहज वितरण नहीं मिल पा रहा है। गौरीगंज के सैंठा साधन सहकारी समिति पर रविवार को लगभग 200 किसान खाद लेने पहुंचे। समिति सचिव राजकुमार सिंह ने बताया कि अकेले होने के कारण एक किसान को खाद देने में 10 से 15 मिनट लग रहे हैं। किसान आदित्य पांडेय ने बताया कि तीन दिनों से यूरिया के लिए प्रयास कर रहे थे और सुबह सात बजे कतार में लगने के बाद उन्हें दोपहर 12:30 बजे यूरिया मिली।
विज्ञापन
रामराज ने बताया कि सरकारी केंद्रों में जानकारी मिलने के बाद भी दो बोरी यूरिया ही मिल पाई। माताफेर ने बताया कि कई दिनों से चक्कर काटने के बाद रविवार को घंटों लाइन में लगने के बाद एक बोरी यूरिया मिली। अमेठी के ताला साधन सहकारी समिति में भी रविवार को वितरण किया गया। सहकारिता आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि समितियों पर यूरिया भेजी जा रही है, लेकिन रविवार को अवकाश होने के कारण कई केंद्र बंद रहे।
विज्ञापन