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Amethi News: एआईपीएस में फर्जी छात्राओं का जाल
Mon, 13 Oct 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 13 Oct 2025 12:49 AM IST
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अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) में फर्जीवाड़ा और धमकाने के नए खुलासे सामने आए हैं। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन हर बैच में एक से दो फर्जी छात्राएं बैठाकर असली छात्राओं की जासूसी करवाता था। इनका काम था कॉलेज की वास्तविक स्थिति जानने और विरोध करने वाली छात्राओं की जानकारी संचालक तक पहुंचाना।
छात्रा प्रिंशी, अंशिका, कोमल, आरती और प्रिया ने बताया कि जब कोई छात्रा या अभिभावक कॉलेज की हकीकत समझकर विरोध करता या शिकायत की कोशिश करता तो इन फर्जी छात्राओं के जरिए उन्हें धमकाया जाता था। कॉलेज प्रशासन यह संदेश देता था कि जो भी आवाज उठाएगा, उसे कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
छात्राओं के मुताबिक ये फर्जी छात्राएं असली छात्रों के बीच घुलमिल जाती थीं और भरोसा दिलाती थीं कि कॉलेज मान्यता प्राप्त है। दरअसल, उनका असली मकसद था विरोध को दबाना और कॉलेज प्रबंधन की पकड़ बनाए रखना। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि एएनएम और जीएनएम कोर्स में कई छात्राएं इस फर्जीवाड़े की शिकार हुईं। अब भी कुछ लोग उन्हें शिकायत न करने या केस वापस लेने की सलाह दे रहे हैं।
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इसी भ्रम में कई छात्राएं चुप रहीं। अब जब पूरा मामला सामने आ गया है तो पीड़ित छात्राएं सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि अब उम्मीद है कि प्रशासन इस फर्जी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करेगा।
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छात्रा प्रिंशी, अंशिका, कोमल, आरती और प्रिया ने बताया कि जब कोई छात्रा या अभिभावक कॉलेज की हकीकत समझकर विरोध करता या शिकायत की कोशिश करता तो इन फर्जी छात्राओं के जरिए उन्हें धमकाया जाता था। कॉलेज प्रशासन यह संदेश देता था कि जो भी आवाज उठाएगा, उसे कॉलेज से निकाल दिया जाएगा।
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छात्राओं के मुताबिक ये फर्जी छात्राएं असली छात्रों के बीच घुलमिल जाती थीं और भरोसा दिलाती थीं कि कॉलेज मान्यता प्राप्त है। दरअसल, उनका असली मकसद था विरोध को दबाना और कॉलेज प्रबंधन की पकड़ बनाए रखना। पीड़ित छात्राओं ने बताया कि एएनएम और जीएनएम कोर्स में कई छात्राएं इस फर्जीवाड़े की शिकार हुईं। अब भी कुछ लोग उन्हें शिकायत न करने या केस वापस लेने की सलाह दे रहे हैं।
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इसी भ्रम में कई छात्राएं चुप रहीं। अब जब पूरा मामला सामने आ गया है तो पीड़ित छात्राएं सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि अब उम्मीद है कि प्रशासन इस फर्जी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करेगा।