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स्ट्रॉबेरी की खेती देखने बड़गांव पहुंचे डीएम
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संग्रामपुर (अमेठी)। मिसरौली बड़गांव में प्रगतिशील किसान द्वारा की गई स्ट्रॉबेरी की खेती देखने बुधवार को डीएम अचानक पहुंच गए। उन्होंने खेती देखने व किसान से खेती से जुड़ी जानकारी लेने के बाद अन्य किसानों को खेतीबाड़ी के पुराने तरीके में बदलाव लाने को कहा।
स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले जिले के पहले किसान श्रीपति सिंह के खेत पहुंचे डीएम अरुण कुमार ने सबसे पहले किसान से इसकी खेती, रखरखाव व अन्य जानकारी ली। उन्होंने किसान से पूछा कि स्ट्रॉबेरी की खेती कितने तापमान पर की जा सकती है। फल कितने दिन बाद आता है। फल आने के बाद उसकी देखरेख व रखरखाव के अलावा उसकी बिक्री के लिए बाजार के बारे में भी जानकारी ली।
डीएम ने मौके पर मौजूद जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय से स्ट्रॉबेरी की खेती के बारे में जलवायु और मिट्टी से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कृषि अधिकारी से कहा कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसान को विभाग की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाए।
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अन्य किसानों को भी खेतीबाड़ी के इन बदलावों से प्रेरणा लेने को कहा। यह भी कहा कि स्ट्रॉबेरी के फल लगने के बाद दोबारा खेत देखने आएंगे। बताया कि नई तरह की खेती से ही किसानों का विकास होगा। इसमें उद्यान विभाग व कृृषि विभाग भी सहायक की भूमिका अदा करें।
संग्रामपुर की न्याय पंचायत बड़गांव व गोरखापुर के आसपास ज्यादातर गांवों में किसान केले की खेती कर रहे हैं। इस क्षेत्र में बागवानी को लेकर किसान बहुत ही रुचि रखते हैं। बढ़ईपुर मजरे मिश्रौली बड़गांव निवासी श्रीपति सिंह ने पहली बार करीब दस बिस्वा स्ट्रॉबेरी की खेती की है।
स्ट्रॉबेरी की खेती देखने के लिए दूर-दूर से लोग श्रीपति के खेत में आते हैं। फिलहाल अन्य किसान श्रीपति की खेती पर निगाह बनाए हुए हैं। यदि उन्हें अच्छी आमदनी हुई तो भविष्य में बड़ी संख्या में इस क्षेत्र के किसान इसकी खेती करते नजर आ सकते हैं।
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स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले जिले के पहले किसान श्रीपति सिंह के खेत पहुंचे डीएम अरुण कुमार ने सबसे पहले किसान से इसकी खेती, रखरखाव व अन्य जानकारी ली। उन्होंने किसान से पूछा कि स्ट्रॉबेरी की खेती कितने तापमान पर की जा सकती है। फल कितने दिन बाद आता है। फल आने के बाद उसकी देखरेख व रखरखाव के अलावा उसकी बिक्री के लिए बाजार के बारे में भी जानकारी ली।
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डीएम ने मौके पर मौजूद जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय से स्ट्रॉबेरी की खेती के बारे में जलवायु और मिट्टी से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कृषि अधिकारी से कहा कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसान को विभाग की ओर से हर संभव सहयोग दिया जाए।
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अन्य किसानों को भी खेतीबाड़ी के इन बदलावों से प्रेरणा लेने को कहा। यह भी कहा कि स्ट्रॉबेरी के फल लगने के बाद दोबारा खेत देखने आएंगे। बताया कि नई तरह की खेती से ही किसानों का विकास होगा। इसमें उद्यान विभाग व कृृषि विभाग भी सहायक की भूमिका अदा करें।
संग्रामपुर की न्याय पंचायत बड़गांव व गोरखापुर के आसपास ज्यादातर गांवों में किसान केले की खेती कर रहे हैं। इस क्षेत्र में बागवानी को लेकर किसान बहुत ही रुचि रखते हैं। बढ़ईपुर मजरे मिश्रौली बड़गांव निवासी श्रीपति सिंह ने पहली बार करीब दस बिस्वा स्ट्रॉबेरी की खेती की है।
स्ट्रॉबेरी की खेती देखने के लिए दूर-दूर से लोग श्रीपति के खेत में आते हैं। फिलहाल अन्य किसान श्रीपति की खेती पर निगाह बनाए हुए हैं। यदि उन्हें अच्छी आमदनी हुई तो भविष्य में बड़ी संख्या में इस क्षेत्र के किसान इसकी खेती करते नजर आ सकते हैं।