{"_id":"6a7a1aec8234d418d302bcba","slug":"dialysis-facilities-to-be-available-at-three-new-centers-amethi-news-c-96-1-ame1008-173008-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: तीन नए केंद्रों पर मिलेगी डायलिसिस की सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: तीन नए केंद्रों पर मिलेगी डायलिसिस की सुविधा
Tue, 11 Aug 2026 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 11 Aug 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। जिले में डायलिसिस सुविधा का दायरा बढ़ने जा रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल के अलावा जगदीशपुर ट्रॉमा सेंटर, सीएचसी फुरसतगंज और सीएचसी अमेठी में भी डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की तैयारी है। तीनों केंद्रों पर सेवा शुरू होने के बाद मरीजों को नियमित डायलिसिस के लिए लखनऊ, प्रयागराज और निजी अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इससे संयुक्त जिला अस्पताल की एकमात्र सरकारी डायलिसिस यूनिट पर बढ़ रहा दबाव भी कम होगा।
बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के कारण किडनी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। किडनी की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने पर मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। संयुक्त जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए आठ मशीनें हैं। इनमें एक मशीन संक्रमणग्रस्त मरीजों के लिए आरक्षित है, जबकि सात मशीनों पर अन्य मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 24 मरीजों को निशुल्क डायलिसिस सुविधा मिलती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार सभी को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में मरीजों को लखनऊ, प्रयागराज और दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस के साथ आने-जाने और ठहरने का खर्च भी मरीजों व परिजनों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
विज्ञापन
तीनों नए केंद्रों पर सेवा शुरू होने से मरीजों को अपने क्षेत्र में ही नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
फिजिशियन डॉ. शुभम पांडे ने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन और दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। समय पर जांच और उपचार जरूरी है।
स्वीकृति मिलते ही शुरू होगी सेवा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि तीनों केंद्रों पर डायलिसिस सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही उपकरण स्थापित कर सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।
विज्ञापन
बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, मधुमेह और उच्च रक्तचाप के कारण किडनी रोगियों की संख्या बढ़ रही है। किडनी की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने पर मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। संयुक्त जिला अस्पताल में डायलिसिस के लिए आठ मशीनें हैं। इनमें एक मशीन संक्रमणग्रस्त मरीजों के लिए आरक्षित है, जबकि सात मशीनों पर अन्य मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
विज्ञापन
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 24 मरीजों को निशुल्क डायलिसिस सुविधा मिलती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार सभी को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में मरीजों को लखनऊ, प्रयागराज और दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस के साथ आने-जाने और ठहरने का खर्च भी मरीजों व परिजनों पर अतिरिक्त बोझ डालता है।
विज्ञापन
तीनों नए केंद्रों पर सेवा शुरू होने से मरीजों को अपने क्षेत्र में ही नियमित डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट पर मरीजों का दबाव भी कम होगा।
फिजिशियन डॉ. शुभम पांडे ने बताया कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन और दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। समय पर जांच और उपचार जरूरी है।
स्वीकृति मिलते ही शुरू होगी सेवा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि तीनों केंद्रों पर डायलिसिस सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही उपकरण स्थापित कर सेवाएं शुरू करा दी जाएंगी।