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सहालग के सीजन में बढ़ी ताजे फूलों की मांग
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अमेठी। सहालग के सीजन में ताजे फूलों की जबरदस्त मांग ने इसकी खेती व व्यवसाय करने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कोरोना कॉल में शासन से मिली छूट के बाद इस सीजन में लोग अच्छा खासा फायदा कमा रहे हैं। कस्बे के साथ ग्रामीण अंचल में भी होने वाले अधिकांश समारोह में भारी मांग के चलते फूलों के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं।
इन दिनों सहालग का सीजन चल रहा है। वैवाहिक कार्यक्रमों में अन्य सामग्रियों के अलावा सजावट के लिए ताजे फूलों की मांग भी पिछले वर्ष से काफी ज्यादा है। कस्बे में होने वाले वैवाहिक आयोजनों के अलावा ग्रामीण अंचल में आयोजित शादी समारोह में में ताजे फूलों की मांग बढ़ने से इसकी ख्ेती व व्यवसाय करने वालों की चांदी है।
ग्रामीण और शहर में आयोजित ज्यादातार शादी समारोह में ताजा फूलों का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। लोग एक दूसरे के आयोजनों को देख कर ताजा फूलों से साज सज्जा पर जोर दे रहे हैं।
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शादी मंडप, गाड़ी सजावट के अलावा अन्य साज सज्जा में फूलों का खुलकर प्रयोग हो रहा है। अलम यह है कि यहां फूल के व्यवसाय से जुड़े लोगों को दूसरे शहरों से फूल मंगाना पड़ रहा है।
कस्बे में फूल का व्यवसाय करने वाले रामू व अरविंद सैनी बताते हैं कि लोग गेंदा व गुलाब के अलावा गुलदाऊदी के फूल की भी मांग करते हैं। मांग बढ़ने पर इन फूलों को वाराणसी और लखनऊ से मंगाना पड़ता है। दोनों व्यापारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद पहली बार अच्छा व्यवसाय हुआ है।
लॉकडाउन से पहले गेंदा 50 व देशी गुलाब 120 रुपये प्रति किलो तो इंग्लिश गुलाब अधिकतम 150 रुपये में 50 पीस तक बिक पाता था। इस समय गेंदा 120-150 प्रति किलोग्राम, देशी गुलाब 400 रुपये प्रति किलोग्राम, गुलदाऊदी 250 प्रति किलोग्राम और इंग्लिश गुलाब 500 रुपये में 50 पीस मिल रहा है।
फूल विक्रेताओं ने बताया कि शहरों में वैवाहिक मंडप की साज सज्जा का दाम भी बढ़ गया है। इस समय विवाह मंडप सजाने का चार्ज दो हजार से 10 हजार रुपये तक मिल रहा है। गाड़ियों की साज सज्जा में भी लोग मोल भाव नहीं करते। दूल्हे की गाड़ी सजाने में भी दो से पांच हजार तक मिलते हैं।
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इन दिनों सहालग का सीजन चल रहा है। वैवाहिक कार्यक्रमों में अन्य सामग्रियों के अलावा सजावट के लिए ताजे फूलों की मांग भी पिछले वर्ष से काफी ज्यादा है। कस्बे में होने वाले वैवाहिक आयोजनों के अलावा ग्रामीण अंचल में आयोजित शादी समारोह में में ताजे फूलों की मांग बढ़ने से इसकी ख्ेती व व्यवसाय करने वालों की चांदी है।
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ग्रामीण और शहर में आयोजित ज्यादातार शादी समारोह में ताजा फूलों का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। लोग एक दूसरे के आयोजनों को देख कर ताजा फूलों से साज सज्जा पर जोर दे रहे हैं।
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शादी मंडप, गाड़ी सजावट के अलावा अन्य साज सज्जा में फूलों का खुलकर प्रयोग हो रहा है। अलम यह है कि यहां फूल के व्यवसाय से जुड़े लोगों को दूसरे शहरों से फूल मंगाना पड़ रहा है।
कस्बे में फूल का व्यवसाय करने वाले रामू व अरविंद सैनी बताते हैं कि लोग गेंदा व गुलाब के अलावा गुलदाऊदी के फूल की भी मांग करते हैं। मांग बढ़ने पर इन फूलों को वाराणसी और लखनऊ से मंगाना पड़ता है। दोनों व्यापारियों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद पहली बार अच्छा व्यवसाय हुआ है।
लॉकडाउन से पहले गेंदा 50 व देशी गुलाब 120 रुपये प्रति किलो तो इंग्लिश गुलाब अधिकतम 150 रुपये में 50 पीस तक बिक पाता था। इस समय गेंदा 120-150 प्रति किलोग्राम, देशी गुलाब 400 रुपये प्रति किलोग्राम, गुलदाऊदी 250 प्रति किलोग्राम और इंग्लिश गुलाब 500 रुपये में 50 पीस मिल रहा है।
फूल विक्रेताओं ने बताया कि शहरों में वैवाहिक मंडप की साज सज्जा का दाम भी बढ़ गया है। इस समय विवाह मंडप सजाने का चार्ज दो हजार से 10 हजार रुपये तक मिल रहा है। गाड़ियों की साज सज्जा में भी लोग मोल भाव नहीं करते। दूल्हे की गाड़ी सजाने में भी दो से पांच हजार तक मिलते हैं।