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Amethi News: पांच दिन से डूबी फसल, लागत पर भी संकट

Sun, 23 Aug 2026 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 23 Aug 2026 12:44 AM IST
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Crops submerged for five days; investment costs also at risk.
गौरीगंज में पैंगा ड्रेन के उफान से डूबी किसानों की फसल। -संवाद
अमेठी सिटी। तिलोई, गौरीगंज और जायस क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद पांच दिन से खेतों में पानी भरा है। जलनिकासी नहीं होने से छोटे पौधे लगातार डूबे हैं। पानी जल्द नहीं निकला तो पौधों के सड़ने का खतरा है। किसानों को फसल खराब होने के साथ अब तक खर्च की गई लागत डूबने की भी चिंता है। कई गांवों के संपर्क मार्ग भी जलमग्न हैं।
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तिलोई क्षेत्र में मूंगताल ड्रेन के आसपास खेत और संपर्क मार्ग पानी में डूबे हैं। किसान जगदीश प्रसाद, रामराज, शिव बहादुर, नारायण बख्श और शिव दुलारे ने बताया कि हाल में रोपे गए धान के पौधे पानी में डूबे हैं। किसानों ने जल्द पानी निकलवाने की मांग की है। गौरीगंज क्षेत्र में पैंगा ड्रेन के आसपास धारूपुर, असुरा, सोंगरा और धनापुर के खेतों में पानी भरा है। धान के पौधे डूबे होने से फसल खराब होने की आशंका है।
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जायस क्षेत्र में मट्टन नाले के आसपास खेत और संपर्क मार्ग जलमग्न हैं। पूरे कोलई समेत आसपास के गांवों में आवागमन प्रभावित है। जलभराव से कई गांवों के संपर्क मार्गों पर दोपहिया वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। पैदल लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पानी निकलने में देरी हुई तो फसल बचाना मुश्किल होगा।
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जलभराव से प्रभावित फसल का टीम ने लिया जायजा
जायस। राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को जलभराव से प्रभावित किसानों की फसल का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया। क्षेत्रीय लेखपाल पुष्पा सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि मवई आलमपुर में करीब 100 बीघा और खरौली में लगभग 35 बीघा धान की फसल पानी में डूबी है। राजस्व टीम नुकसान का विस्तृत ब्योरा तैयार कर रही है, जिससे प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा मिल सके। ग्रामीणों के अनुसार चंदापुर रजबाहा का पानी छोड़े जाने से मट्टन नाले का जलस्तर बढ़ गया और आसपास के खेत जलमग्न हो गए। किसानों ने जल्द जलनिकासी कराने की मांग की।



पूरे दूंदी पहुंचे डीएम-एसपी, नुकसान का आकलन कराने के निर्देश
तिलोई। जलभराव की समस्या को लेकर संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को डीएम संजय चौहान और एसपी सरवणन टी तिलोई तहसील के ग्राम पूरे दूंदी पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर किसानों और ग्रामीणों से जानकारी ली। डीएम ने प्रभावित किसानों की क्षति का तत्काल आकलन कर नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अवरुद्ध ड्रेन और नालियों की सफाई कर जलनिकासी सुनिश्चित कराने को कहा। निरीक्षण के दौरान एडीएम ज्योति सिंह, एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


धान की खेती की लागत
बीज : करीब 1,200 रुपये प्रति बीघा
जोताई : करीब 2,000 रुपये
मजदूरी : करीब 1,500 रुपये

खाद-उर्वरक : करीब 1,400 रुपये
शुरुआती लागत : करीब 6,100 रुपये प्रति बीघा
सामान्य उत्पादन : 10 से 15 क्विंटल
धान का भाव : करीब 2,200 रुपये प्रति क्विंटल
संभावित उपज मूल्य : 17,600 से 22,000 रुपये प्रति बीघा।
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