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Amethi News: छात्र की मौत के मामले में सीबीआई ने क्राइम सीन दोहराया
Fri, 26 Apr 2024 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 26 Apr 2024 02:32 AM IST
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रेलवे ट्रैक पर अभय की मौत के मामले में सीबीआई टीम क्राइम सीन को दोहराते हुए।
अमेठी सिटी। छह साल पूर्व नवोदय विद्यालय, गौरीगंज के कक्षा- 11वीं के छात्र अभय सिंह की मौत के कारणों की पड़ताल करने बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम गौरीगंज रेलवे स्टेशन पहुंची। टीम ने करीब तीन घंटे तक घटनास्थल पर सीन री-क्रिएशन (नाट्य रूपांतरण) सहित कई पहलुओं पर जांच की। टीम के कुछ सदस्य नवोदय विद्यालय गए थे। स्थानीय पुलिस और रेलवे के अफसर भी मौजूद रहे। छात्र के पिता अजय सिंह मूल रूप से सुल्तानपुर के धनपतगंज थाने के हरौरा गांव के निवासी हैं।
दरअसल, 14 जनवरी 2018 की रात नवोदय विद्यालय के छात्र अभय प्रताप सिंह (17) का शव गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। उस वक्त परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। 14 जनवरी 2018 से 25 जुलाई 2019 तक गौरीगंज पुलिस ने विवेचना की थी, लेकिन वजह का पता नहीं लगा पाई। करीब डेढ़ साल तक सीबीसीआईडी ने भी जांच करने के बाद फाइल बंद कर दी थी। 25 जुलाई 2021 तक विवेचना बंद रही। 26 जुलाई 2021 से अभय हत्याकांड की विवेचना सीबीआई को दी गई। इसके बाद से सीबीआई पड़ताल कर रही है।
तीन घंटे तक टीम ने की पड़ताल
जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार को डीआईजी स्तर के अफसर के नेतृत्व में सीबीआई टीम फिर से सीन री-क्रिएशन के लिए पहुंची थी। टीम में करीब 10-12 सदस्य थे। करीब तीन घंटे की जांच में सीबीआई ने गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास घटना स्थल पर सीन री-क्रिएशन किया। मानव पुतलों को रेल ट्रैक पर रखकर तीन बार ट्रेन का इंजन गुजारा गया। सीबीआई अफसरों ने घटना से जुड़े पहलुओं पर गहनता से जांच की। सीबीआई टीम के कुछ सदस्य नवोदय विद्यालय भी गए थे।
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घटना के दिन तैनात रहे रेलकर्मी व पुलिस कर्मी बुलाए गए
सीबीआई ने सीन री-क्रिएशन के लिए घटना के दिन ट्रेन चलाने वाले रेल कर्मी और तब तैनात पुलिस कर्मी को बुलाया था। इसके लिए ट्रेन का वही डीजल इंजन भी लाया गया था, जो घटना वाले दिन गुजरा था। उस दिन के ट्रेन चालक विष्णु शरण व शंटिंग स्टाॅफ आया था। इन्हीं लोगाें ने ठीक उसी स्पीड से इंजन चलाया, जिस स्पीड से घटना के दिन गुजरा था। तब की स्पीड करीब 10 किलो मीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। डीजल इंजन 13024 डब्ल्यूडीजी-3ए व 14999 डब्ल्यूडीजी-3ए लाया गया था। घटना के समय गौरीगंज थाने के एसओ दीपेंद्र सिंह को भी बुलाया गया था। वह भी माैके पर मौजूद थे।
कब-कब क्या हुआ
-14 जनवरी 2018 की सुबह जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र अभय सिंह का शव गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिला था।
-परिजनों के आरोप प्रत्यारोप के बाद गौरीगंज कोतवाली में पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा लिखा था। लेकिन डेढ़ वर्ष तक जांच के बाद खुलासा नहीं कर पाई थी।
-हाईकोर्ट के निर्देश पर 26 जुलाई 2019 से विवेचना सीबीसीआईडी प्रयागराज को मिली।
-24 नवंबर 2020 को सीबीसीआईडी ने विवेचना बंद कर दी थी।
- 26 जुलाई 2021 से सीबीआई लखनऊ ने जांच शुरू की। इसी सिलसिले में आज सीबीआई टीम फिर जांच करने पहुंची थी।
टाइम लाइन
सीबीआई जांच का मिनट-दर-मिनट
09:30 बजे के करीब सीबीआई टीम रेलवे लाइन पर घटना स्थल पहुंची।
09:48 बजे से घटना स्थल और उसके आसपास की झाड़ियां आदि साफ की गईं।
11:20 से 11:36 बजे तक प्लास्टिक का पुतला ट्रेन के इंजन के पास रखकर जमीन, रेल लाइन व इंजन के अगले हिस्से की नाप व मिलान किया गया।
11:38 से 11:42 बजे तक दूसरा मोम आदि धातु से बना पुतले की गर्दन रेल लाइन की बाहरी पटरी पर रख कर चेक किया गया।
11:44 से 11:46 बजे तक पुतला रखकर ट्रेन इंजन घटना वाले दिन की स्पीड से गुजारने के लिए पीछे भेजा गया। पुतले को ब्लू जर्सी, पैंट व इसी रंग के पीली पटटी वाले जूते पहनाए गए थे।
11:50 बजे करीब 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन गुजारा गया, जिससे पुतले को काटते हुए इंजन निकल गया।
11:53 बजे तक पुतले को उलट-पलट कर देखते रहे अफसर, पुतले पर आईं चोटों को लेकर चर्चा भी की।
11:56 बजे फिर से इंजन पीछे भेजा गया। दूसरा पुतला लाया गया। इस बार रेल ट्रैक की अंदर वाली पटरी की तरफ पुतला रखा गया। इस पुतले को भी वैसे ही कपड़े, जूते पहनाए गए थे।
12:01 बजे पहले प्लास्टिक वाला पुतला रखकर चेक किया गया।
12:04 बजे फिर ताबूत में लाया गया मोम आदि से बना दूसरा वाला पुतला रखा गया।
12:06 बजे से इंजन चलाया गया, 12:08 पर पुतले से टकराते हुए इंजन निकल गया।
12:11 बजे इसी पुतले को फिर घटना स्थल पर रेल पलटी पर रखकर इंजन गुजारा गया।
12:13 बजे इंजन को वापस भेज दिया गया
12:15 बजे पुतले को सीबीआई ने अपनी गाड़ी में रखवा लिए
12:20 बजे घटना स्थल से सीबीआई टीम वापस हुई।
12:30 बजे के करीब वहां से सीबीआई की एक टीम केंद्रीय विद्यालय के लिए रवाना हुई।
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दरअसल, 14 जनवरी 2018 की रात नवोदय विद्यालय के छात्र अभय प्रताप सिंह (17) का शव गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। उस वक्त परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। 14 जनवरी 2018 से 25 जुलाई 2019 तक गौरीगंज पुलिस ने विवेचना की थी, लेकिन वजह का पता नहीं लगा पाई। करीब डेढ़ साल तक सीबीसीआईडी ने भी जांच करने के बाद फाइल बंद कर दी थी। 25 जुलाई 2021 तक विवेचना बंद रही। 26 जुलाई 2021 से अभय हत्याकांड की विवेचना सीबीआई को दी गई। इसके बाद से सीबीआई पड़ताल कर रही है।
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तीन घंटे तक टीम ने की पड़ताल
जांच के सिलसिले में बृहस्पतिवार को डीआईजी स्तर के अफसर के नेतृत्व में सीबीआई टीम फिर से सीन री-क्रिएशन के लिए पहुंची थी। टीम में करीब 10-12 सदस्य थे। करीब तीन घंटे की जांच में सीबीआई ने गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास घटना स्थल पर सीन री-क्रिएशन किया। मानव पुतलों को रेल ट्रैक पर रखकर तीन बार ट्रेन का इंजन गुजारा गया। सीबीआई अफसरों ने घटना से जुड़े पहलुओं पर गहनता से जांच की। सीबीआई टीम के कुछ सदस्य नवोदय विद्यालय भी गए थे।
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घटना के दिन तैनात रहे रेलकर्मी व पुलिस कर्मी बुलाए गए
सीबीआई ने सीन री-क्रिएशन के लिए घटना के दिन ट्रेन चलाने वाले रेल कर्मी और तब तैनात पुलिस कर्मी को बुलाया था। इसके लिए ट्रेन का वही डीजल इंजन भी लाया गया था, जो घटना वाले दिन गुजरा था। उस दिन के ट्रेन चालक विष्णु शरण व शंटिंग स्टाॅफ आया था। इन्हीं लोगाें ने ठीक उसी स्पीड से इंजन चलाया, जिस स्पीड से घटना के दिन गुजरा था। तब की स्पीड करीब 10 किलो मीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। डीजल इंजन 13024 डब्ल्यूडीजी-3ए व 14999 डब्ल्यूडीजी-3ए लाया गया था। घटना के समय गौरीगंज थाने के एसओ दीपेंद्र सिंह को भी बुलाया गया था। वह भी माैके पर मौजूद थे।
कब-कब क्या हुआ
-14 जनवरी 2018 की सुबह जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र अभय सिंह का शव गौरीगंज रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर मिला था।
-परिजनों के आरोप प्रत्यारोप के बाद गौरीगंज कोतवाली में पुलिस ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा लिखा था। लेकिन डेढ़ वर्ष तक जांच के बाद खुलासा नहीं कर पाई थी।
-हाईकोर्ट के निर्देश पर 26 जुलाई 2019 से विवेचना सीबीसीआईडी प्रयागराज को मिली।
-24 नवंबर 2020 को सीबीसीआईडी ने विवेचना बंद कर दी थी।
- 26 जुलाई 2021 से सीबीआई लखनऊ ने जांच शुरू की। इसी सिलसिले में आज सीबीआई टीम फिर जांच करने पहुंची थी।
टाइम लाइन
सीबीआई जांच का मिनट-दर-मिनट
09:30 बजे के करीब सीबीआई टीम रेलवे लाइन पर घटना स्थल पहुंची।
09:48 बजे से घटना स्थल और उसके आसपास की झाड़ियां आदि साफ की गईं।
11:20 से 11:36 बजे तक प्लास्टिक का पुतला ट्रेन के इंजन के पास रखकर जमीन, रेल लाइन व इंजन के अगले हिस्से की नाप व मिलान किया गया।
11:38 से 11:42 बजे तक दूसरा मोम आदि धातु से बना पुतले की गर्दन रेल लाइन की बाहरी पटरी पर रख कर चेक किया गया।
11:44 से 11:46 बजे तक पुतला रखकर ट्रेन इंजन घटना वाले दिन की स्पीड से गुजारने के लिए पीछे भेजा गया। पुतले को ब्लू जर्सी, पैंट व इसी रंग के पीली पटटी वाले जूते पहनाए गए थे।
11:50 बजे करीब 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन गुजारा गया, जिससे पुतले को काटते हुए इंजन निकल गया।
11:53 बजे तक पुतले को उलट-पलट कर देखते रहे अफसर, पुतले पर आईं चोटों को लेकर चर्चा भी की।
11:56 बजे फिर से इंजन पीछे भेजा गया। दूसरा पुतला लाया गया। इस बार रेल ट्रैक की अंदर वाली पटरी की तरफ पुतला रखा गया। इस पुतले को भी वैसे ही कपड़े, जूते पहनाए गए थे।
12:01 बजे पहले प्लास्टिक वाला पुतला रखकर चेक किया गया।
12:04 बजे फिर ताबूत में लाया गया मोम आदि से बना दूसरा वाला पुतला रखा गया।
12:06 बजे से इंजन चलाया गया, 12:08 पर पुतले से टकराते हुए इंजन निकल गया।
12:11 बजे इसी पुतले को फिर घटना स्थल पर रेल पलटी पर रखकर इंजन गुजारा गया।
12:13 बजे इंजन को वापस भेज दिया गया
12:15 बजे पुतले को सीबीआई ने अपनी गाड़ी में रखवा लिए
12:20 बजे घटना स्थल से सीबीआई टीम वापस हुई।
12:30 बजे के करीब वहां से सीबीआई की एक टीम केंद्रीय विद्यालय के लिए रवाना हुई।