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Amethi News: बच्चों का मनोबल बढ़ाएं, करें प्रेरित
Fri, 24 Apr 2026 01:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 24 Apr 2026 01:55 AM IST
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अमेठी सिटी। परीक्षा में कम अंक आने या असफलता मिलने पर बच्चों को डांटने या दबाव डालने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और अच्छा स्वास्थ्य ही बच्चों को आगे सफलता दिलाता है।
सीएमएस बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक दबाव बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। बच्चों के खानपान, दिनचर्या और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
मनोरोग विशेषज्ञ वीबी सिंह ने बताया कि बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करना बहुत जरूरी है। लगातार तुलना, डांट-फटकार या ताने देने से बच्चे तनाव और अवसाद का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन्हें समझें।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि कम अंक आने पर बच्चों को अपनी कमियों को पहचानकर सुधार करना चाहिए। सही दिशा में मेहनत करने पर सफलता निश्चित मिलती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि केवल अंक ही सब कुछ नहीं होते।
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सीएमएस बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक दबाव बच्चों को मानसिक रूप से कमजोर कर सकता है। बच्चों के खानपान, दिनचर्या और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
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मनोरोग विशेषज्ञ वीबी सिंह ने बताया कि बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करना बहुत जरूरी है। लगातार तुलना, डांट-फटकार या ताने देने से बच्चे तनाव और अवसाद का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन्हें समझें।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने कहा कि कम अंक आने पर बच्चों को अपनी कमियों को पहचानकर सुधार करना चाहिए। सही दिशा में मेहनत करने पर सफलता निश्चित मिलती है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि केवल अंक ही सब कुछ नहीं होते।