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Amethi News: बिना बिजली भेजा दो लाख का बिल
Sun, 05 Apr 2026 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 05 Apr 2026 12:50 AM IST
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तिलोई तहसील में पंजीकरण काउंटर पर शिकायत दर्ज कराते फरियादी। -संवाद
अमेठी सिटी। पूरा परिवार परदेस में रहता है। पत्नी के नाम कनेक्शन लिया था। विभाग की ओर से न तो खंभा लगाया गया और न ही घर में तार व मीटर। ऊपर से दो लाख रुपये बिजली बिल भी भेज दिया गया। कनेक्शन बंद कराने के लिए पांच बार शिकायत की। अब तक 1500 रुपये खर्च हो गए, लेकिन निस्तारण नहीं हुआ। ये बातें गौरीगंज सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे पूरे पाल सेनीपुर निवासी रामकरन ने सीडीओ से कहीं।
गौरीगंज के गांव मूंघी निवासी विद्या देवी ने बताया कि उनके 75 वर्षीय पिता को गांव का एक व्यक्ति झांसा देकर संपत्ति का बैनामा कराना चाहता है। उसने पिता को अपने घर पर रख लिया है। उनकी मानसिक दशा ठीक नहीं है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नगर पालिका जायस के पूरे सफ्फू वार्ड निवासी दोनों आंखों से दिव्यांग संगीता अपने पड़ोसी की मदद से तिलोई तहसील पहुंचीं। डीएम संजय चौहान को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि दो साल से वह चक्कर लगा रही हैं, अब तक राशनकार्ड तक नहीं बन सका है।
वहीं सैंबशी गांव निवासी दिव्यांग अब्दुल्ला ने बताया कि बारकोड गांव में वह अपनी जमीन पर निर्माण कर रहे हैं। राजस्व कर्मी जबरन निर्माण रोक रहे हैं। शिकायत करने पर अफसर टालमटोल कर वापस कर देते हैं। जिससे दो माह से इनका निर्माण रुका हुआ है। वहीं, रस्तामऊ गांव निवासी राम अभिलाख ने बताया कि सार्वजनिक मार्ग को खोलवाने के लिए वह दो साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। अभी तक न्याय नहीं मिला।
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गौरीगंज के गांव मूंघी निवासी विद्या देवी ने बताया कि उनके 75 वर्षीय पिता को गांव का एक व्यक्ति झांसा देकर संपत्ति का बैनामा कराना चाहता है। उसने पिता को अपने घर पर रख लिया है। उनकी मानसिक दशा ठीक नहीं है। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नगर पालिका जायस के पूरे सफ्फू वार्ड निवासी दोनों आंखों से दिव्यांग संगीता अपने पड़ोसी की मदद से तिलोई तहसील पहुंचीं। डीएम संजय चौहान को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि दो साल से वह चक्कर लगा रही हैं, अब तक राशनकार्ड तक नहीं बन सका है।
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वहीं सैंबशी गांव निवासी दिव्यांग अब्दुल्ला ने बताया कि बारकोड गांव में वह अपनी जमीन पर निर्माण कर रहे हैं। राजस्व कर्मी जबरन निर्माण रोक रहे हैं। शिकायत करने पर अफसर टालमटोल कर वापस कर देते हैं। जिससे दो माह से इनका निर्माण रुका हुआ है। वहीं, रस्तामऊ गांव निवासी राम अभिलाख ने बताया कि सार्वजनिक मार्ग को खोलवाने के लिए वह दो साल से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। अभी तक न्याय नहीं मिला।
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