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बैंक कर्मियों की हड़ताल, दस करोड़ का लेन-देन प्रभावित
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09 : गौरीगंज : शहर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में लगा हड़ताल का बोर्ड। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंक में कार्यरत कर्मी नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर उतर आए। बैंकों में हड़ताल से जिले की कई बैंक शाखाओं में सोमवार को हड़ताल का बोर्ड लगा रहा तो कर्मी लेन-देन छोड़ विभागीय काम करने में जुटे रहे। हड़ताल के चलते जमा-निकासी करने पहुंचे लोगों को बैरंग वापस जाना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल से करीब दस करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले सोमवार से सभी राष्ट्रीय बैंकों के कर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर उतर आए हैं। कर्मियों ने केंद्र सरकार के दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बैंकों के निजीकरण से कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा। किसान व मजदूर को परेशानी होगी तो कर्मियों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा।
कर्मियों ने संगठन की लंबित मांगें पूरी करने के साथ बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की दशा में वृहद आंदोलन किया जाएगा। हड़ताल से जिले में संचालित अधिकांश बैंक शाखाओं में ताला बंद रहा तो कई शाखाओं में हड़ताल का बोर्ड गेट पर लगा अंदर विभागीय कार्य करने में कर्मी जुटे रहे।
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बैंक शाखा में हड़ताल होने से बैंक में पैसा जमा करने या निकालने आए उपभोक्ताओं को निराश हो कर वापस जाना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले के अधिकांश एटीएम भी खाली हो गए। ऐसे में आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
बैंकों की हड़ताल से जिले में सोमवार को करीब दस करोड़ रुपये के लेन-देने के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विमल कुमार ने बताया कि हड़ताल के दौरान एटीएम खाली न हों इसके लिए शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है। उनकी कोशिश है कि हड़ताल के दौरान लोगों को आवश्यक होने पर एटीएम से कैश मिल सके।
प्रधान डाकघर का गेट बंद कर प्रदर्शन
अमेठी। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले कर्मचारियों ने गेट बंद कर प्रदर्शन किया। कर्मचारी आईपीपीबी द्वारा दिए जा रहे सर्विस लोन में जीडीएस कर्मचारियों को शामिल करने, ब्रांच ऑफिसों में आने वाले ग्राहकों को बैठने की व्यवस्था करने, आईपीपीबी मोबाइल की क्षतिपूर्ति का भुगतान शीघ्र दिलाने, बीपीएम व एबीएम के खाली पदों को भरे जाने, जीडीएस के मृत्यु उपरांत जीडीएस की सारी सुविधा अविलंब भुगतान कराए जाने की मांग की है।
इसके साथ ही जीडीएस को जनवरी 2016 से 12, 24 और 36 साल की सेवा पूरी किए जाने, जीडीएस को आठ घंटे ड्यूटी देने तथा उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाए जाने, सेवानिवृत्त होने के दिन सभी सेवानिवृत्तियों लाभों का भुगतान कराए जाने, डाक सेवाओं के निजीकरण को समाप्त करने समेत सभी कर्मचारियों को सामूहिक बीमा दिए जाने, जीडीएस कर्मचारियों को समस्त स्टेशनरी रजिस्टर आदि उपलब्ध कराए जाने, टारगेट के नाम पर कर्मचारियों को प्रताड़ित नहीं किए जाने की मांग को लेकर कर्मचारी काफी दिनों से आंदोलित हैं। सोमवार को जिला सचिव काशी नरेश पांडेय की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर का गेट बंद कर प्रदर्शन करते हुए दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इस मौके पर जीडीएस व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले सोमवार से सभी राष्ट्रीय बैंकों के कर्मी दो दिवसीय हड़ताल पर उतर आए हैं। कर्मियों ने केंद्र सरकार के दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि बैंकों के निजीकरण से कॉरपोरेट घरानों को फायदा होगा। किसान व मजदूर को परेशानी होगी तो कर्मियों को शोषण का शिकार होना पड़ेगा।
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कर्मियों ने संगठन की लंबित मांगें पूरी करने के साथ बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव समाप्त करने की मांग करते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की दशा में वृहद आंदोलन किया जाएगा। हड़ताल से जिले में संचालित अधिकांश बैंक शाखाओं में ताला बंद रहा तो कई शाखाओं में हड़ताल का बोर्ड गेट पर लगा अंदर विभागीय कार्य करने में कर्मी जुटे रहे।
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बैंक शाखा में हड़ताल होने से बैंक में पैसा जमा करने या निकालने आए उपभोक्ताओं को निराश हो कर वापस जाना पड़ा। बैंक कर्मियों की हड़ताल से जिले के अधिकांश एटीएम भी खाली हो गए। ऐसे में आवश्यक कार्य के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
बैंकों की हड़ताल से जिले में सोमवार को करीब दस करोड़ रुपये के लेन-देने के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विमल कुमार ने बताया कि हड़ताल के दौरान एटीएम खाली न हों इसके लिए शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है। उनकी कोशिश है कि हड़ताल के दौरान लोगों को आवश्यक होने पर एटीएम से कैश मिल सके।
प्रधान डाकघर का गेट बंद कर प्रदर्शन
अमेठी। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले कर्मचारियों ने गेट बंद कर प्रदर्शन किया। कर्मचारी आईपीपीबी द्वारा दिए जा रहे सर्विस लोन में जीडीएस कर्मचारियों को शामिल करने, ब्रांच ऑफिसों में आने वाले ग्राहकों को बैठने की व्यवस्था करने, आईपीपीबी मोबाइल की क्षतिपूर्ति का भुगतान शीघ्र दिलाने, बीपीएम व एबीएम के खाली पदों को भरे जाने, जीडीएस के मृत्यु उपरांत जीडीएस की सारी सुविधा अविलंब भुगतान कराए जाने की मांग की है।
इसके साथ ही जीडीएस को जनवरी 2016 से 12, 24 और 36 साल की सेवा पूरी किए जाने, जीडीएस को आठ घंटे ड्यूटी देने तथा उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाए जाने, सेवानिवृत्त होने के दिन सभी सेवानिवृत्तियों लाभों का भुगतान कराए जाने, डाक सेवाओं के निजीकरण को समाप्त करने समेत सभी कर्मचारियों को सामूहिक बीमा दिए जाने, जीडीएस कर्मचारियों को समस्त स्टेशनरी रजिस्टर आदि उपलब्ध कराए जाने, टारगेट के नाम पर कर्मचारियों को प्रताड़ित नहीं किए जाने की मांग को लेकर कर्मचारी काफी दिनों से आंदोलित हैं। सोमवार को जिला सचिव काशी नरेश पांडेय की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर का गेट बंद कर प्रदर्शन करते हुए दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। इस मौके पर जीडीएस व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

08 : गौरीगंज : कर्मियों की हड़ताल से बंद पड़ी शहर स्थित केनरा बैंक शाखा। -संवाद- फोटो : AMETHI