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Amethi News: आशा व संगिनियों ने किया प्रदर्शन
Tue, 29 Sep 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 29 Sep 2026 12:47 AM IST
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सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करती आशा व संगिनी। -संवाद
अमेठी सिटी। विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर आशा व संगिनियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट और सीएमओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा और निश्चित मानदेय दिए जाने की मांग उठाई।
आशा संगिनी संघ जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में आशा कार्यकर्ताओं से पदोन्नत होकर संगिनी का चयन किया गया था। जिले में करीब 1860 आशा व 92 संगिनियां स्वास्थ्य सेवाओं में जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और मानदेय नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि संगिनियां आशाओं के पर्यवेक्षण के लिए महीने में 24 दिन काम करती हैं। इसे बढ़ाकर 30 दिन का मानदेय दिया जाए और अन्य विभागों के सुपरवाइजरों की तरह सुविधाएं व सम्मानजनक वेतन मिले। करीब 40 किमी तक भ्रमण कर सुपरविजन करने पर मिलने वाली 300 रुपये प्रति विजिट की राशि बढ़ाकर 700 रुपये करने की मांग की।
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उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के साथ मानदेय में हर वर्ष 20 प्रतिशत वृद्धि, सभी को मोबाइल उपलब्ध कराने और भुगतान में होने वाली कटौती की लिखित सूचना देने की मांग रखी। इसके अलावा किसी संगिनी की मृत्यु पर आश्रित को नौकरी तथा 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और आउटसोर्सिंग का दर्जा देने की मांग भी की गई। इस दौरान मिथिलेश, गीता मिश्रा, लवलेश, सुनीता, रेखा सिंह, सरिता, रामा देवी, रेनू सिंह, मीना, सरिता पाठक, अनुराधा आदि मौजूद रहीं।
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आशा संगिनी संघ जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में आशा कार्यकर्ताओं से पदोन्नत होकर संगिनी का चयन किया गया था। जिले में करीब 1860 आशा व 92 संगिनियां स्वास्थ्य सेवाओं में जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और मानदेय नहीं मिल रहा है।
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उन्होंने कहा कि संगिनियां आशाओं के पर्यवेक्षण के लिए महीने में 24 दिन काम करती हैं। इसे बढ़ाकर 30 दिन का मानदेय दिया जाए और अन्य विभागों के सुपरवाइजरों की तरह सुविधाएं व सम्मानजनक वेतन मिले। करीब 40 किमी तक भ्रमण कर सुपरविजन करने पर मिलने वाली 300 रुपये प्रति विजिट की राशि बढ़ाकर 700 रुपये करने की मांग की।
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उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के साथ मानदेय में हर वर्ष 20 प्रतिशत वृद्धि, सभी को मोबाइल उपलब्ध कराने और भुगतान में होने वाली कटौती की लिखित सूचना देने की मांग रखी। इसके अलावा किसी संगिनी की मृत्यु पर आश्रित को नौकरी तथा 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और आउटसोर्सिंग का दर्जा देने की मांग भी की गई। इस दौरान मिथिलेश, गीता मिश्रा, लवलेश, सुनीता, रेखा सिंह, सरिता, रामा देवी, रेनू सिंह, मीना, सरिता पाठक, अनुराधा आदि मौजूद रहीं।