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Amethi News: दुबई से पति का शव लाने के लिए स्मृति से गुहार
Wed, 20 Dec 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 20 Dec 2023 12:06 AM IST
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रमेश कुमार फाइल फोटो
अमेठी। दुबई में लांड्री में नौकरी कर रहे अमेठी के रमेश कुमार की हृदय गति रुकने से 17 दिसंबर को मौत हो गई। परिजन अब वहां से शव घर लाने के लिए परेशान हैं। युवक की पत्नी अनीता देवी ने केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद स्मृति ईरानी को पत्र लिखा है।
गौरीगंज थाने के रौजा बस्तीदेई निवासी रमेश कुमार मई 2023 में दुबई गए थे। वहां पर शेख हमदम कॉलोनी बिल्डिंग वाई-6 करामा में लांड्री में काम करते थे। 17 दिसंबर की रात को परिजनों को खबर मिली कि रमेश कुमार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है। भाई राजेश कुमार ने बताया कि जिस कंपनी में उसके भाई काम करते थे, वहां के लोगों से बात की गई तो उन्होंने हृदय गति से मौत बताया है। अभी तक कोई मेडिकल पुष्टि नहीं मिली है।
शव को लेकर जानकारी की गई तो वहां के लोगों ने बताया कि समय लगेगा। मृतक की पत्नी अनीता देवी ने स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखा है। कहा है कि बिलाल हुसैन लांड्री में उसके पति काम करते थे। वह काफी गरीब व असहाय है। उसने पति का शव दुबई से मंगाने की मांग की है।
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बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
- रमेश कुमार के ऊपर परिवार चलाने की जिम्मेदारी थी। इसलिए वह घर से दूर दुबई में नौकरी करने गया था ताकि बच्चों की परवरिश अच्छे से कर सके। उसकी तीन बेटियां शालिनी, सलोनी, मोहिनी व एक बेटा दिव्यांश है। इनके सिर से पिता का साया छिन गया। हर कोई इस घटना के बाद से गुमसुम है। कोई फफक कर रो रहा है तो कोई एक दूसरे को सांत्वना दे रहा है।
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गौरीगंज थाने के रौजा बस्तीदेई निवासी रमेश कुमार मई 2023 में दुबई गए थे। वहां पर शेख हमदम कॉलोनी बिल्डिंग वाई-6 करामा में लांड्री में काम करते थे। 17 दिसंबर की रात को परिजनों को खबर मिली कि रमेश कुमार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई है। भाई राजेश कुमार ने बताया कि जिस कंपनी में उसके भाई काम करते थे, वहां के लोगों से बात की गई तो उन्होंने हृदय गति से मौत बताया है। अभी तक कोई मेडिकल पुष्टि नहीं मिली है।
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शव को लेकर जानकारी की गई तो वहां के लोगों ने बताया कि समय लगेगा। मृतक की पत्नी अनीता देवी ने स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखा है। कहा है कि बिलाल हुसैन लांड्री में उसके पति काम करते थे। वह काफी गरीब व असहाय है। उसने पति का शव दुबई से मंगाने की मांग की है।
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बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
- रमेश कुमार के ऊपर परिवार चलाने की जिम्मेदारी थी। इसलिए वह घर से दूर दुबई में नौकरी करने गया था ताकि बच्चों की परवरिश अच्छे से कर सके। उसकी तीन बेटियां शालिनी, सलोनी, मोहिनी व एक बेटा दिव्यांश है। इनके सिर से पिता का साया छिन गया। हर कोई इस घटना के बाद से गुमसुम है। कोई फफक कर रो रहा है तो कोई एक दूसरे को सांत्वना दे रहा है।