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अपराजिता : कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

Tue, 31 Oct 2023 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Tue, 31 Oct 2023 12:28 AM IST
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Aparajita: Those who try never lose.
अमेठी। अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में किया गया। जीजीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. फूलकली गुप्ता ने बच्चियों को सफलता का मंत्र दिया। कहा कि हमें हार से कभी निराश नहीं होना चाहिए और पूरे मन से जीत के लिए प्रयास करना चाहिए, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। इस दौरान छात्राओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ ही नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाई गई। महिला सशक्तीकरण को लेकर परिवार और रिश्तेदारों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने भी सवाल-जवाब भी किए। महिला अधिकारों के बारे में जानकारी ली। एक छात्रा ने स्कूल में खेल मैदान नहीं होने की बात कही तो बीएसए ने जवाब दिया कि छात्रावास अपग्रेड हो रहा है। कार्यक्रम में बीईओ हरिओम तिवारी, वार्डन पूनम वर्मा, शिक्षिका पारुल सिंह, शालिनी वर्मा व शशि मौर्या समेत स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम में बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
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डरें नहीं, डटकर मुकाबला करें
फोटो संख्या-04
ताइक्वांडो कोच अर्चना मौर्या ने बेटियों को दुश्मन पर काबू पाने की आसान तकनीक बताई। साथ ही विपरीत परिस्थितियों में पेन, चाबी, हेयर पिन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना सिखाया। पंच व बचाव के पैर-पैंतरे भी सिखाए। इसके अलावा लाठी-डंडा के वार तक को तकनीक के जरिये बेअसर करने की भी बारीकी सिखाई। अर्चना मौर्या ने कहा कि मनचलों व शोहदों की हरकतों को सहन कर चुप्पी साध लेना भी अपराध है। आपकी चुप्पी से ही उनका मनोबल बढ़ता है। डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें।
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बेटियों को सुरक्षित माहौल देना समाज की जिम्मेदारी
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जीजीआईसी प्रधानाचार्य डॉ. फूलकली गुप्ता ने बताया कि समाज में बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति हर व्यक्ति को जागरूक होना चाहिए। इसके अभाव में हमारी बेटियां पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं रहेंगी। समस्याओं को दूर करने के लिए बालिकाओं को शर्म को त्याग कर और निंदा को किनारे कर आगे आना होगा। इसके लिए जरूरी है कि बेटियां अपने आत्मविश्वास को मजबूत करें। महिलाओं को अपने विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति आवाज उठानी चाहिए। प्रदेश सरकार की ओर से शुरू किए गए महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076 की जानकारी होनी ही चाहिए।

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पोषकतत्वों से युक्त भोजन रखेगा बीमारियों से दूर
चिकित्साधिकारी डॉ. उमेश कुमार सिंह ने कहा कि किशोरियों को खून की कमी और कुपोषण से होने वाले रोगों से सावधान रहना चाहिए। इनसे बचने के लिए पोषकतत्वों से युक्त भोजन ही करना चाहिए। इसके अभाव में बालिकाएं कई बीमारियों की चपेट आ जाती हैं। भोजन में दाल, सोयाबीन तथा प्रोटीन से युक्त खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए। बाजार के फास्टफूड खाने से परहेज करें।


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हेल्पलाइन नंबरों पर बेझिझक करें शिकायत
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बीएसए संजय कुमार तिवारी ने छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ अधिकारों की जानकारी दी। कहा कि आगे बढ़ने के लिए जिस तरह से शिक्षित होना जरूरी है, उसी तरह स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। अस्वस्थ शरीर सफलता के मार्ग में बाधा बनता है। साइबर क्राइम से लेकर महिला अपराध से बचने की जानकारी दी। छात्राओं को 1098, 1090, 112 व 181 के बारे में बताया। कहा कि आपके स्कूल में सुझाव पेटिका है। यदि परेशानी हो तो बेझिझक शिकायत लिखकर बॉक्स में डाल दें।
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