{"_id":"697fa127dbfed205670489c4","slug":"amethis-rail-projects-disappointed-with-the-budget-amethi-news-c-96-1-lu11010-157873-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: अमेठी की रेल परियोजनाओं पर बजट से निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: अमेठी की रेल परियोजनाओं पर बजट से निराशा
Mon, 02 Feb 2026 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। केंद्रीय बजट में जिले से जुड़ी दो बहुप्रतीक्षित रेल परियोजनाओं को शामिल न किए जाने से स्थानीय लोगों में निराशा है। रायबरेली से महाराजगंज होते हुए अहोरवा भवानी सिद्धपीठ और अकबरगंज तक प्रस्तावित रेल लाइन तथा ऊंचाहार से अमेठी होते हुए सुल्तानपुर-शाहगंज तक प्रस्तावित रेल मार्ग को क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, लेकिन बजट में इनको लेकर किसी तरह की घोषणा न होने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है।
इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास वर्ष 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किया था। वर्ष 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद इन परियोजनाओं की प्रगति पर ब्रेक लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाएं लंबे समय से सिर्फ कागजों में ही सिमटी हुई हैं। ऊंचाहार-सलोन-अमेठी रेल लाइन परियोजना की शुरुआत करीब 1331 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ हुई थी। शुरुआती चरण में सर्वे और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन सलोन औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए रूट में बदलाव की मांग उठी।
इसके बाद पूरे मार्ग के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हुई और परियोजना लगातार देरी का शिकार होती चली गई। वर्तमान में यह योजना नए सिरे से रूट चार्ट तैयार करने तक सीमित बताई जा रही है। अमेठी-सुल्तानपुर रेल लाइन की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। करीब 34 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित लाइन का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के अनुसार 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित सर्वे भी हो चुका है। इसके बावजूद बजट में परियोजना को गति देने के लिए कोई घोषणा नहीं की गई।
विज्ञापन
सांसद किशोरी लाल शर्मा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने संसद में इन परियोजनाओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन बजट में अनदेखी से लोगों में असंतोष है। अब सभी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि भविष्य में इन योजनाओं को प्राथमिकता देकर जिले के विकास को नई दिशा दी जाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि इन दोनों रेल परियोजनाओं के लिए सांसद किशोरी लाल शर्मा लगातार संसद में मुद्दा उठा रहे हैं।
विज्ञापन
इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास वर्ष 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने किया था। वर्ष 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद इन परियोजनाओं की प्रगति पर ब्रेक लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि योजनाएं लंबे समय से सिर्फ कागजों में ही सिमटी हुई हैं। ऊंचाहार-सलोन-अमेठी रेल लाइन परियोजना की शुरुआत करीब 1331 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ हुई थी। शुरुआती चरण में सर्वे और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन सलोन औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए रूट में बदलाव की मांग उठी।
विज्ञापन
इसके बाद पूरे मार्ग के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हुई और परियोजना लगातार देरी का शिकार होती चली गई। वर्तमान में यह योजना नए सिरे से रूट चार्ट तैयार करने तक सीमित बताई जा रही है। अमेठी-सुल्तानपुर रेल लाइन की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। करीब 34 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित लाइन का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के अनुसार 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण से संबंधित सर्वे भी हो चुका है। इसके बावजूद बजट में परियोजना को गति देने के लिए कोई घोषणा नहीं की गई।
विज्ञापन
सांसद किशोरी लाल शर्मा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने संसद में इन परियोजनाओं का मुद्दा उठाया था, लेकिन बजट में अनदेखी से लोगों में असंतोष है। अब सभी की निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि भविष्य में इन योजनाओं को प्राथमिकता देकर जिले के विकास को नई दिशा दी जाएगी। कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि इन दोनों रेल परियोजनाओं के लिए सांसद किशोरी लाल शर्मा लगातार संसद में मुद्दा उठा रहे हैं।