{"_id":"60fee4878ebc3e57f55be6f7","slug":"ambulance-workers-protested-by-avoiding-work-amethi-news-lko5885807154","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्य बहिष्कार पर उतरे एंबुलेंस कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्य बहिष्कार पर उतरे एंबुलेंस कर्मी
विज्ञापन
01 : गौरीगंज : जिला अस्पताल के पास प्रदर्शन करते एंबुलेंस कर्मी।
- फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस कर्मियों को कंपनी बदलने के बाद निकालने समेत कई अन्य लंबित मांगों को लेकर एंबुलेंस कर्मी आर-पार की लड़ाई पर उतर आए हैं। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर कर्मियों ने सोमवार सुबह सभी एंबुलेंस जिला अस्पताल के पास खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कर्मियों ने निकाले गए कर्मियों को समायोजित करने समेत सभी मांगें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन कर चेतावनी दी है। एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
गंभीर रूप से बीमार मरीजों को घर से अस्पताल व जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद हायर सेंटर तक पहुंचाने के लिए जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के 32,108 एंबुलेंस सेवा के 31 व एडवांस लाइफ सपोर्ट के तीन एंबुलेंस सेवा का संचालन अब तक जीवीकेईएमआई संस्था की ओर से किया जाता है।
विज्ञापन
शासन की ओर से नई संस्था के चयन के बाद एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में तैनात चालक व इमरजेंसी मेडिकल टेक्निीशन को नौकरी से निकाला जा रहा है।
साथी कर्मियों को निकालने तथा एंबुलेंस कर्मियों की लंबित मांगेें पूरी कराने के लिए दो दिन का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने के बाद सोमवार को जिले में कार्यरत करीब 280 कर्मियों ने जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
कर्मियों ने जिला अस्पताल के पास एंबुलेंस खड़ी कर नामित संस्था पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए फैक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में एएलएस एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित करने, कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त करके संविदा तैनाती देने, कोरोना काल में शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, कंपनी बदलने पर कटौती मुक्त रखने, कर्मियों से हेल्थ मिशन के अधीन काम लेने तथा ओवर टाइम व महंगाई भत्ता देने तथा कर्मियों को यथास्थिति नौकरी पर रखते हुए प्रशिक्षण शुल्क के नाम पर वसूली से मुक्त करने समेत सभी लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की है।
एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बचते रहे। प्रदर्शन में सुभाष यादव, शैलेंद्र मिश्र, पिंटू माझी, रामशंकर, उदयभान, राजकुमार, प्रेमकुमार, आनंद कुमार, बृजेश कुमार व रवि कुमार व राघवेंद्र कुमार समेत एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे।
संचालित हुईं चार एंबुलेंस
कर्मियों ने कार्य बहिष्कार के दौरान भी गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के चार एंबुलेंस का संचालन किया। कर्मियों ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी अमेठी, पुलिस स्टेशन कमरौली व इन्हौना प्वांइट के एंबुलेंस चलेंगे। शेष वाहन मांगेें पूरी होने तक संचालित नहीं होंगे।
चल रही वार्ता : प्रोजेक्ट मैनेजर
एंबुलेंस सेवा के प्रोजेक्ट मैनजेर सूर्यभान यादव ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश चल रही है। सीएमओ व शासन स्तर से लगातार बातचीत कर समाधान का प्रयास जारी है। मरीजों को परेशानी नहीं हो इसके लिए आवश्यकतानुसार एंबुलेंस मुहैया कराई जा रही हैं।
संस्था को भेजा गया पत्र : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को हो रही असुविधा के लिए शासन के साथ नामित संस्था को पत्र भेजा गया है। पत्र में हड़ताल समाप्त कराते हुए स्थिति सामान्य करने के बात कहते हुए हड़ताल समाप्त नहीं करने की दशा में एस्मा के तहत कार्रवाई करने तथा नए कर्मियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके हड़ताल समाप्त नहीं होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
विज्ञापन
कर्मियों ने निकाले गए कर्मियों को समायोजित करने समेत सभी मांगें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन कर चेतावनी दी है। एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
गंभीर रूप से बीमार मरीजों को घर से अस्पताल व जिला अस्पताल से रेफर होने के बाद हायर सेंटर तक पहुंचाने के लिए जिले में 102 एंबुलेंस सेवा के 32,108 एंबुलेंस सेवा के 31 व एडवांस लाइफ सपोर्ट के तीन एंबुलेंस सेवा का संचालन अब तक जीवीकेईएमआई संस्था की ओर से किया जाता है।
विज्ञापन
शासन की ओर से नई संस्था के चयन के बाद एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में तैनात चालक व इमरजेंसी मेडिकल टेक्निीशन को नौकरी से निकाला जा रहा है।
साथी कर्मियों को निकालने तथा एंबुलेंस कर्मियों की लंबित मांगेें पूरी कराने के लिए दो दिन का सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने के बाद सोमवार को जिले में कार्यरत करीब 280 कर्मियों ने जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
कर्मियों ने जिला अस्पताल के पास एंबुलेंस खड़ी कर नामित संस्था पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए फैक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में एएलएस एंबुलेंस कर्मियों को समायोजित करने, कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त करके संविदा तैनाती देने, कोरोना काल में शहीद एंबुलेंस कर्मियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, कंपनी बदलने पर कटौती मुक्त रखने, कर्मियों से हेल्थ मिशन के अधीन काम लेने तथा ओवर टाइम व महंगाई भत्ता देने तथा कर्मियों को यथास्थिति नौकरी पर रखते हुए प्रशिक्षण शुल्क के नाम पर वसूली से मुक्त करने समेत सभी लंबित मांगें जल्द पूरी करने की मांग की है।
एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा तो जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बचते रहे। प्रदर्शन में सुभाष यादव, शैलेंद्र मिश्र, पिंटू माझी, रामशंकर, उदयभान, राजकुमार, प्रेमकुमार, आनंद कुमार, बृजेश कुमार व रवि कुमार व राघवेंद्र कुमार समेत एंबुलेंस कर्मी मौजूद रहे।
संचालित हुईं चार एंबुलेंस
कर्मियों ने कार्य बहिष्कार के दौरान भी गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों के चार एंबुलेंस का संचालन किया। कर्मियों ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी अमेठी, पुलिस स्टेशन कमरौली व इन्हौना प्वांइट के एंबुलेंस चलेंगे। शेष वाहन मांगेें पूरी होने तक संचालित नहीं होंगे।
चल रही वार्ता : प्रोजेक्ट मैनेजर
एंबुलेंस सेवा के प्रोजेक्ट मैनजेर सूर्यभान यादव ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश चल रही है। सीएमओ व शासन स्तर से लगातार बातचीत कर समाधान का प्रयास जारी है। मरीजों को परेशानी नहीं हो इसके लिए आवश्यकतानुसार एंबुलेंस मुहैया कराई जा रही हैं।
संस्था को भेजा गया पत्र : सीएमओ
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को हो रही असुविधा के लिए शासन के साथ नामित संस्था को पत्र भेजा गया है। पत्र में हड़ताल समाप्त कराते हुए स्थिति सामान्य करने के बात कहते हुए हड़ताल समाप्त नहीं करने की दशा में एस्मा के तहत कार्रवाई करने तथा नए कर्मियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया गया है। बावजूद इसके हड़ताल समाप्त नहीं होने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।