{"_id":"65946089d0cd2cd123076d39","slug":"a-false-story-of-robbery-was-created-to-trap-the-brother-in-law-amethi-news-c-96-1-ame1002-11462-2024-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: साले को फंसाने के लिए रची थी लूट की झूठी कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: साले को फंसाने के लिए रची थी लूट की झूठी कहानी
Wed, 03 Jan 2024 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 03 Jan 2024 12:44 AM IST
विज्ञापन
अमेठी सिटी। पेट्रोल पंप संचालिका के पति ने अपने साले को फर्जी केस में फंसाने के लिए फर्जी लूट की कहानी रची थी। जांच में पुलिस को लूट के साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस ने दावा किया है कि संचालिका के पति ने साले से लिए उधार का पैसा वापस न करना पड़े, इसके लिए साजिश रची थी। अब पुलिस कार्रवाई की तैयारी कर रही है। गौरीगंज थाने के भनियापुर स्थित नेता रोड पर श्री ओम किसान सेवा केंद्र के नाम से पेट्रोल पंप संचालिका बरनाटीकर गांव निवासी सीमा शुक्ल व उसके पति राघवेंद्र शुक्ल ने शुक्रवार की रात एक लाख 28 हजार रुपये की लूट का मामला दर्ज कराया था। मंगलवार को पुलिस ने मामले का राजफाश किया है।
गौरीगंज कोतवाली के एसएचओ अमर सिंह ने दावा किया है कि मामले में जब वादी मुकदमा राघवेन्द्र शुक्ला से गहन पूछताछ की गई तो बताया कि पेट्रोल पंप लगाने के लिए उसने अपने साले सुशील पांडेय से 5 लाख रुपये लिया था। जिसमें डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिया था। शेष बचे साढ़े तीन लाख रुपये आये दिन उसका साला मुझसे मांगता रहता था। पैसा न देना पड़े, इसके लिए वह उसे टरका रहा था।
पुलिस के मुताबिक, वादी मुकदमा ने बताया कि उसका साला उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। पैसा न देना पड़े और साले पर दबाव बनाने के लिए 29 दिसंबर की रात को महर्षि शांडिल्य स्कूल के पास अपनी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया व झूठा मुकदमा लिखा दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि लूट की कहानी फर्जी रच साले को फंसाने की बात राघवेंद्र ने स्वीकार की है। लूट की फर्जी सूचना देकर पुलिस को परेशान करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सवालों में उलझ गया वादी मुकदमा
- पेट्रोल पंप संचालिका के साथ हुई लूट की घटना में वादी मुकदमा सवालों में उलझ गया। कार के सिर्फ अगले भाग के क्षतिग्रस्त होने, कार पर सवार पति-पत्नी को चोट न आने, मोबाइल न छीनने व लोहे का राड भी कार में मिलने तथा अंधेरे व सुनसान स्थान के बजाय प्रकाश वाले स्थान पर लूट की वारदात को लेकर जब पुलिस ने वादी मुकदमा से सवाल किया तो वह टूट गया।
विज्ञापन
गौरीगंज कोतवाली के एसएचओ अमर सिंह ने दावा किया है कि मामले में जब वादी मुकदमा राघवेन्द्र शुक्ला से गहन पूछताछ की गई तो बताया कि पेट्रोल पंप लगाने के लिए उसने अपने साले सुशील पांडेय से 5 लाख रुपये लिया था। जिसमें डेढ़ लाख रुपये वापस कर दिया था। शेष बचे साढ़े तीन लाख रुपये आये दिन उसका साला मुझसे मांगता रहता था। पैसा न देना पड़े, इसके लिए वह उसे टरका रहा था।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, वादी मुकदमा ने बताया कि उसका साला उसे जान से मारने की धमकी देने लगा। पैसा न देना पड़े और साले पर दबाव बनाने के लिए 29 दिसंबर की रात को महर्षि शांडिल्य स्कूल के पास अपनी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया व झूठा मुकदमा लिखा दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया कि लूट की कहानी फर्जी रच साले को फंसाने की बात राघवेंद्र ने स्वीकार की है। लूट की फर्जी सूचना देकर पुलिस को परेशान करने पर उसके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सवालों में उलझ गया वादी मुकदमा
- पेट्रोल पंप संचालिका के साथ हुई लूट की घटना में वादी मुकदमा सवालों में उलझ गया। कार के सिर्फ अगले भाग के क्षतिग्रस्त होने, कार पर सवार पति-पत्नी को चोट न आने, मोबाइल न छीनने व लोहे का राड भी कार में मिलने तथा अंधेरे व सुनसान स्थान के बजाय प्रकाश वाले स्थान पर लूट की वारदात को लेकर जब पुलिस ने वादी मुकदमा से सवाल किया तो वह टूट गया।