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राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए 5,237 वाद
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गौरीगंज (अमेठी)। विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को समय से निस्तारित करने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। वादों के निस्तारण के लिए 25 कोर्ट में 5,721 वादों को चिह्नित किया गया था।
चिह्नित वादों की सुनवाई करते हुए पीठासीन अफसरों ने 5,237 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत के दौरान डीएम व एडीएम न्यायिक कोर्ट में एक भी वाद का निस्तारण नहीं हुआ।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर वादकारियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को चिह्नित कर वादकारियों को सूचना दी गई थी।
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जिले में संचालित 25 न्यायालयों में लंबित जमींदारी विनाश एवं व्यवस्था अधिनियम, भू-राजस्व अधिनियम, राजस्व संहिता, स्टांप अधिनियम, फौजदारी अधिनियम, प्री-लिटिगेशन केस व अन्य प्रकार के कुल 5,721 वाद चिह्नित किए गए थे।
सुनवाई के दौरान डीएम व एडीएम न्यायिक, एसडीएम तिलोई न्यायिक व तहसीलदार न्यायिक गौरीगंज कोर्ट में एक भी वाद का निस्तारण नहीं हुआ।
जिला प्रशासन की ओर से जारी राष्ट्रीय लोक अदालत निस्तारण सूचना की अनुसार 24 कोर्ट में भू-राजस्व अधिनियम के चिह्नित 52 में से सभी 52 वादों का तो राजस्व संहिता के चिह्नित 285 में 284 वाद, स्टांप अधिनियम के चिन्हित चार में चार वाद, फौजदारी अधिनियम के चिन्हित 496 में 496 तो अन्य वादों में चिह्नित 4,884 में 4,401 वाद निस्तारित हुए।
एडीएम सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों का आदेश पत्र वादकारियों को सौंपते हुए आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। शेष अनिस्तारित वादों को भी जल्द ही कोर्ट से निस्तारित किया जाएगा।
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चिह्नित वादों की सुनवाई करते हुए पीठासीन अफसरों ने 5,237 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत के दौरान डीएम व एडीएम न्यायिक कोर्ट में एक भी वाद का निस्तारण नहीं हुआ।
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सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर वादकारियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों को चिह्नित कर वादकारियों को सूचना दी गई थी।
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जिले में संचालित 25 न्यायालयों में लंबित जमींदारी विनाश एवं व्यवस्था अधिनियम, भू-राजस्व अधिनियम, राजस्व संहिता, स्टांप अधिनियम, फौजदारी अधिनियम, प्री-लिटिगेशन केस व अन्य प्रकार के कुल 5,721 वाद चिह्नित किए गए थे।
सुनवाई के दौरान डीएम व एडीएम न्यायिक, एसडीएम तिलोई न्यायिक व तहसीलदार न्यायिक गौरीगंज कोर्ट में एक भी वाद का निस्तारण नहीं हुआ।
जिला प्रशासन की ओर से जारी राष्ट्रीय लोक अदालत निस्तारण सूचना की अनुसार 24 कोर्ट में भू-राजस्व अधिनियम के चिह्नित 52 में से सभी 52 वादों का तो राजस्व संहिता के चिह्नित 285 में 284 वाद, स्टांप अधिनियम के चिन्हित चार में चार वाद, फौजदारी अधिनियम के चिन्हित 496 में 496 तो अन्य वादों में चिह्नित 4,884 में 4,401 वाद निस्तारित हुए।
एडीएम सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों का आदेश पत्र वादकारियों को सौंपते हुए आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। शेष अनिस्तारित वादों को भी जल्द ही कोर्ट से निस्तारित किया जाएगा।