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Amethi News: ऑनलाइन निवेश के नाम पर 30 लाख ठगे
Mon, 28 Apr 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 28 Apr 2025 12:31 AM IST
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अमेठी सिटी। ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 30 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जगदीशपुर के इंडोरामा टाउनशिप निवासी अखिलेश तिवारी के मुताबिक 26 फरवरी को स्वयं को एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड (सेबी पंजीकृत कंपनी) का कर्मचारी बताकर प्रिया शर्मा ने वाट्सएप के माध्यम से संपर्क साधा। महिला ने वादी को हाईनेट वर्थ अकाउंट नामक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कराने के लिए कहते हुए पंजीकरण फार्म भरवाया। इसके बाद मार्च तक ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से कुल 24 बार लेनदेन कराकर लगभग 30.15 लाख रुपये एप खाते में जमा कराए।
बताया कि एप पर दिखाया गया कि उनकी लाभ की राशि बढ़कर एक करोड़ 10 लाख रुपये तक हो गई है। बाद में कंपनी प्रतिनिधियों ने वादी को इनोवेटिव सिस्टम आईपीओ के पांच लाख से अधिक शेयर आवंटित करने का बहाना बनाकर पुनः 30 लाख रुपये जमा करने की मांग की। वादी को कंपनी की गतिविधियों पर संदेह हुआ और जब उन्होंने अतिरिक्त भुगतान से मना कर दिया तो उनसे पांच लाख रुपये पेनल्टी के रूप में मांगे गए। बताया कि यह शर्त अवैध प्रतीत हुई, क्योंकि किसी वैध ट्रेडिंग या डिमेट कंपनी में इस प्रकार से निकासी रोकी नहीं जाती है। संदेह होने पर वादी ने 15 अप्रैल को साइबर अपराध पोर्टल पर प्रिया शर्मा और भरत शाह के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
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की जा रही मामले की जांच
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक र्कारवाई की जाएगी। इन सभी ने एएसके आईएम प्रो नामक वाट्सएप समूह के माध्यम से पीड़ित से संपर्क स्थापित किया था। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बरतें सावधानी
- ऑनलाइन निवेश करते समय सतर्क रहें।
- किसी भी मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से निवेश से पहले कंपनी का वैध पंजीकरण और सेबी से प्रमाणन अवश्य जांचें।
- किसी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि या पेनल्टी की मांग पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
- हमेशा साइबर हेल्पलाइन या निकटतम थाने पर संदेहास्पद गतिविधि की सूचना दें।
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जगदीशपुर के इंडोरामा टाउनशिप निवासी अखिलेश तिवारी के मुताबिक 26 फरवरी को स्वयं को एएसके इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड (सेबी पंजीकृत कंपनी) का कर्मचारी बताकर प्रिया शर्मा ने वाट्सएप के माध्यम से संपर्क साधा। महिला ने वादी को हाईनेट वर्थ अकाउंट नामक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कराने के लिए कहते हुए पंजीकरण फार्म भरवाया। इसके बाद मार्च तक ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से कुल 24 बार लेनदेन कराकर लगभग 30.15 लाख रुपये एप खाते में जमा कराए।
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बताया कि एप पर दिखाया गया कि उनकी लाभ की राशि बढ़कर एक करोड़ 10 लाख रुपये तक हो गई है। बाद में कंपनी प्रतिनिधियों ने वादी को इनोवेटिव सिस्टम आईपीओ के पांच लाख से अधिक शेयर आवंटित करने का बहाना बनाकर पुनः 30 लाख रुपये जमा करने की मांग की। वादी को कंपनी की गतिविधियों पर संदेह हुआ और जब उन्होंने अतिरिक्त भुगतान से मना कर दिया तो उनसे पांच लाख रुपये पेनल्टी के रूप में मांगे गए। बताया कि यह शर्त अवैध प्रतीत हुई, क्योंकि किसी वैध ट्रेडिंग या डिमेट कंपनी में इस प्रकार से निकासी रोकी नहीं जाती है। संदेह होने पर वादी ने 15 अप्रैल को साइबर अपराध पोर्टल पर प्रिया शर्मा और भरत शाह के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
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की जा रही मामले की जांच
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक र्कारवाई की जाएगी। इन सभी ने एएसके आईएम प्रो नामक वाट्सएप समूह के माध्यम से पीड़ित से संपर्क स्थापित किया था। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बरतें सावधानी
- ऑनलाइन निवेश करते समय सतर्क रहें।
- किसी भी मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से निवेश से पहले कंपनी का वैध पंजीकरण और सेबी से प्रमाणन अवश्य जांचें।
- किसी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि या पेनल्टी की मांग पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
- हमेशा साइबर हेल्पलाइन या निकटतम थाने पर संदेहास्पद गतिविधि की सूचना दें।