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जिला अस्पताल में बना 30 बेड आइसोलेशन वार्ड
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गौरीगंज (अमेठी)। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव की कोशिश में जुटा जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए असैदापुर अस्पताल में 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड तो तिलोई के 200 बेड का रेफरल अस्पताल में 40 बेड का क्वारंटीन सेंटर तैयार किया गया है। इतना ही नहीं पालीवार कर्मियों की ड्यूटी लगाते हुए बुधवार को डीएम ने औचक निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा है। आपदा की स्थिति में पीड़ितों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके इसके लिए शहर स्थित सीएचसी भवन में 30 बेड के आइसोलेशन वार्ड के साथ तिलोई के रस्तामऊ में निर्मित 200 बेड रेफरल अस्पताल में 40 बेड का क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। दोनों अस्पताल में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने के साथ उनके रहने की व्यवस्था करते हुए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
बुधवार को डीएम अरुण कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए तैयारी पूरी रखने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में कोरोना के संभावित लक्षण के पीड़ितों को भर्ती तो गौरीगंज अस्पताल में संक्रमित मरीज को भर्ती कर उपचार किया जाएगा। संक्रमित मरीज की हालात खराब होने पर एएलएस एंबुलेंस से पीजीआई रेफर किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की पहले से स्वीकृत छुट्टी भी निरस्त कर दी गई है।
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यह नामित हुए नोडल अफसर
सीएमओ ने बताया कि गौरीगंज अस्पताल में डॉ. मो अनीस को स्वास्थ्य कर्मियों का नोडल तो डॉ. राम प्रसाद को जनपद का नोडल नामित किया गया है। इसी तरह तिलोई के रस्तामऊ स्थित रेफर अस्पताल में डॉ. राजेंद्र प्रताप गिरि को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
रेफरल अस्पताल से अटैच हुए चिकित्सक
सीएमओ ने बताया कि अग्रिम आदेश तक अस्पताल तक सीएसची सिंहपुर में कार्यरत चिकित्सक डॉ. बाबर कादरी, डॉ. रईस अहमद व डॉ. संतोष कुमार गुप्ता 200 बेड रेफरल अस्पताल में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार में सहयोग करेंगे। सभी को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश देते हुए निर्देशों की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी में जुटा है। आपदा की स्थिति में पीड़ितों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके इसके लिए शहर स्थित सीएचसी भवन में 30 बेड के आइसोलेशन वार्ड के साथ तिलोई के रस्तामऊ में निर्मित 200 बेड रेफरल अस्पताल में 40 बेड का क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। दोनों अस्पताल में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाने के साथ उनके रहने की व्यवस्था करते हुए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं।
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बुधवार को डीएम अरुण कुमार ने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए तैयारी पूरी रखने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिया। सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर में कोरोना के संभावित लक्षण के पीड़ितों को भर्ती तो गौरीगंज अस्पताल में संक्रमित मरीज को भर्ती कर उपचार किया जाएगा। संक्रमित मरीज की हालात खराब होने पर एएलएस एंबुलेंस से पीजीआई रेफर किया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की पहले से स्वीकृत छुट्टी भी निरस्त कर दी गई है।
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यह नामित हुए नोडल अफसर
सीएमओ ने बताया कि गौरीगंज अस्पताल में डॉ. मो अनीस को स्वास्थ्य कर्मियों का नोडल तो डॉ. राम प्रसाद को जनपद का नोडल नामित किया गया है। इसी तरह तिलोई के रस्तामऊ स्थित रेफर अस्पताल में डॉ. राजेंद्र प्रताप गिरि को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
रेफरल अस्पताल से अटैच हुए चिकित्सक
सीएमओ ने बताया कि अग्रिम आदेश तक अस्पताल तक सीएसची सिंहपुर में कार्यरत चिकित्सक डॉ. बाबर कादरी, डॉ. रईस अहमद व डॉ. संतोष कुमार गुप्ता 200 बेड रेफरल अस्पताल में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार में सहयोग करेंगे। सभी को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश देते हुए निर्देशों की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।