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Amethi News: 1500 बीघा फसल पानी में डूबी
Fri, 21 Aug 2026 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:17 AM IST
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. तिलोई के मुंगताल ड्रेन के पानी से जलमग्न धान की फसल। स्रोत : स्थानीय
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तिलोई। लगातार बारिश के बाद मूंगताल ड्रेन में जलनिकासी ठप होने से तिलोई क्षेत्र के कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं। करीब 1500 बीघा धान की फसल कई दिनों से पानी में डूबी है। इससे 450 किसानों के सामने फसल बर्बाद होने का संकट खड़ा हो गया है। कोटवा और पूरे दूंदी-अलाईपुर संपर्क मार्ग भी पानी में डूबने से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है।
रायबरेली के महाराजगंज तहसील के सिकंदरपुर से निकलने वाली मूंगताल ड्रेन तिलोई क्षेत्र में जलनिकासी का प्रमुख साधन है। पानी अधिक होने से ड्रेन उफना गई है। इससे अलाईपुर, सिजनी, पूरे दूंदी, भदसाना, कोटवा, विराज, कमई, पूरे शिवराज, गोकुला और पूरे सूबेदार समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है।
किसान देशराज, छविनाथ, दुर्जन, विपत कुमार, दामोदर यादव, राहुल कुमार, शिवदर्शन, महेंद्र प्रताप, अजय सिंह और सोनू सिंह ने बताया कि कुंडी के आसपास खेत पूरी तरह पानी में डूबे हैं। धान की बालियां गलने लगी हैं। कई किसानों के पास एक से डेढ़ बीघा जमीन ही है। कोटवा संपर्क मार्ग पर करीब 500 मीटर और पूरे दूंदी-अलाईपुर मार्ग पर करीब 800 मीटर हिस्सा पानी में डूबा है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन प्रभावित है।
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किसानों का आरोप है कि ड्रेन की करीब दस वर्षों से विधिवत सफाई नहीं हुई है। पूरे दूंदी के पूर्व प्रधान दिनेश सिंह राठौर ने बताया कि सफाई के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र भेजे गए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। नहर विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है। एडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद सर्वे कराकर आपदा विभाग से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कर्ज लेकर बोई धान की फसल
पूरे दूंदी निवासी गुरु प्रसाद ने बताया कि साहूकार से कर्ज लेकर धान की फसल बोई थी। उम्मीद थी कि उपज तैयार होने पर कर्ज चुका देंगे। पानी भरने से फसल बर्बाद होने के कगार पर है। अब कर्ज चुकाने के लिए खेत गिरवी रखने की नौबत आ गई है।
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रायबरेली के महाराजगंज तहसील के सिकंदरपुर से निकलने वाली मूंगताल ड्रेन तिलोई क्षेत्र में जलनिकासी का प्रमुख साधन है। पानी अधिक होने से ड्रेन उफना गई है। इससे अलाईपुर, सिजनी, पूरे दूंदी, भदसाना, कोटवा, विराज, कमई, पूरे शिवराज, गोकुला और पूरे सूबेदार समेत कई गांवों के खेतों में पानी भर गया है।
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किसान देशराज, छविनाथ, दुर्जन, विपत कुमार, दामोदर यादव, राहुल कुमार, शिवदर्शन, महेंद्र प्रताप, अजय सिंह और सोनू सिंह ने बताया कि कुंडी के आसपास खेत पूरी तरह पानी में डूबे हैं। धान की बालियां गलने लगी हैं। कई किसानों के पास एक से डेढ़ बीघा जमीन ही है। कोटवा संपर्क मार्ग पर करीब 500 मीटर और पूरे दूंदी-अलाईपुर मार्ग पर करीब 800 मीटर हिस्सा पानी में डूबा है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन प्रभावित है।
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किसानों का आरोप है कि ड्रेन की करीब दस वर्षों से विधिवत सफाई नहीं हुई है। पूरे दूंदी के पूर्व प्रधान दिनेश सिंह राठौर ने बताया कि सफाई के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र भेजे गए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। नहर विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है। एडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद सर्वे कराकर आपदा विभाग से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कर्ज लेकर बोई धान की फसल
पूरे दूंदी निवासी गुरु प्रसाद ने बताया कि साहूकार से कर्ज लेकर धान की फसल बोई थी। उम्मीद थी कि उपज तैयार होने पर कर्ज चुका देंगे। पानी भरने से फसल बर्बाद होने के कगार पर है। अब कर्ज चुकाने के लिए खेत गिरवी रखने की नौबत आ गई है।