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Amethi News: अमेठी तहसील परिसर में लगे 12 सीसीटीवी कैमरे
Fri, 31 Jan 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 31 Jan 2025 12:48 AM IST
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अमेठी। स्थानीय तहसील परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। परिसर में प्रवेश करने वाले फरियादियों के साथ लेखपाल, कानूनगो के साथ दूसरे राजस्व कर्मचारियों की भी निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाएगी। किसी की मौजूदगी बेवजह परिसर में पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन ने अपने स्तर से कैमरे लगाए हैं। सीसीटीवी कैमरों को लगाने की सबसे बड़ी वजह पारदर्शिता है। उन्होंने बताया कि तहसील में प्रत्येक कार्य पारदर्शिता के साथ हो और कर्मचारी फरियादियों के साथ सही व्यवहार करें, इसके पीछे यह भी उद्देश्य है। कई बार फरियादी आरोप लगाते हैं कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी रखी जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भी तहसील परिसर में कैमरों की जरूरत थी। तहसील परिसर के प्रत्येक कक्ष, कार्यालय, परिसर, हॉल आदि में 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि वीडियो बनाने वाले के साथ ही रिश्वत देने और लेने वाले पर भी नजर रखी जा सके। कैमरों की फुटेज की हर दिन जांच की जाएगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ होगी।
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एसडीएम ने बताया कि संतोषजनक जवाब न देने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कैमरे लगने के बाद कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के आरोपों की हकीकत सामने आएगी। कैमरे वॉयस रिकॉर्डर से भी लैस हैं, ताकि संदिग्ध परिस्थिति में वॉयस रिकॉर्डिंग को सुना जा सके। तहसील परिसर में लगे 12 सीसीटीवी कैमरे का डिवीआर एसडीएम ने अपने कार्यालय में लगवाया है। कैमरे का लाइव एक्टिविटी भी टीवी के माध्यम एसडीएम देखते रहेंगे।
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एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन ने अपने स्तर से कैमरे लगाए हैं। सीसीटीवी कैमरों को लगाने की सबसे बड़ी वजह पारदर्शिता है। उन्होंने बताया कि तहसील में प्रत्येक कार्य पारदर्शिता के साथ हो और कर्मचारी फरियादियों के साथ सही व्यवहार करें, इसके पीछे यह भी उद्देश्य है। कई बार फरियादी आरोप लगाते हैं कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी रखी जा सकेगी।
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उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से भी तहसील परिसर में कैमरों की जरूरत थी। तहसील परिसर के प्रत्येक कक्ष, कार्यालय, परिसर, हॉल आदि में 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि वीडियो बनाने वाले के साथ ही रिश्वत देने और लेने वाले पर भी नजर रखी जा सके। कैमरों की फुटेज की हर दिन जांच की जाएगी। संदिग्ध लोगों से पूछताछ होगी।
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एसडीएम ने बताया कि संतोषजनक जवाब न देने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कैमरे लगने के बाद कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के आरोपों की हकीकत सामने आएगी। कैमरे वॉयस रिकॉर्डर से भी लैस हैं, ताकि संदिग्ध परिस्थिति में वॉयस रिकॉर्डिंग को सुना जा सके। तहसील परिसर में लगे 12 सीसीटीवी कैमरे का डिवीआर एसडीएम ने अपने कार्यालय में लगवाया है। कैमरे का लाइव एक्टिविटी भी टीवी के माध्यम एसडीएम देखते रहेंगे।