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यूपी: रद्द हुई अमेठी को जिला बनाने की अधिसूचना
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2013 09:00 PM IST
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बसपा शासन के दौरान छत्रपति शाहू जी महाराज नगर (अब अमेठी) नामक नया जिला बनाने संबंधी अधिसूचना को सोमवार को रद्द कर दिया।
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पीठ ने अपनी व्यवस्था देते हुए कहा है कि राज्य सरकार चाहे तो इस बारे में नए सिरे से कार्यवाही कर सकती है।
सुल्तानपुर की तीन व रायबरेली की दो तहसीलों को मिलाकर बनाए गए इस नए जिले का नाम बाद में अमेठी कर दिया गया था।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह व न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार अरोड़ा की खंडपीठ ने यह फैसला, जिले संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनाया।
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इनमें राज्य सरकार की एक जुलाई 2010 की अधिसूचना की वैधता को चुनौती दी गई थी।
दरअसल पहले इस मामले की सुनवाई के दौरान कानूनी सवाल उठने पर इन पर विचार के लिए तीन न्यायाधीशों की पूर्णपीठ को मामला सुपुर्द किया गया था।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह, न्यायमूर्ति श्बीहुल हसनैन व न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार अरोड़ा की पूर्ण पीठ ने माया सरकार के दौरान जारी सी एम एम नगर (अब अमेठी) के नाम से नया जिला बनाने की अधिसूचना को गैरकानूनी करार दिया था।
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कोर्ट ने कहा था कि जनगणना के दौरान यह अधिसूचना जारी नहीं की जा सकती थी, लिहाजा यह अवैधानिक है। पूर्णपीठ ने यह भी कहा था कि, हालाकि अधिसूचना प्रशासनिक है लेकिन केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाली है।
21 सितंबर 2012 को पूर्णपीठ ने यह निर्णय सी एस एस नगर केसंबंध में लंबित पॉच याचिकाओं में उठाए गए सवालों के जवाब देते हुए सुनाया था।
साथ ही कहा था कि मामले में अंतिम निपटारे का फैसला खंडपीठ ही सुनाएगी, जिसने तीन सवाल पूर्णपीठ को विचार केलिए संदर्भित किए थे।