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नैवेद्य अर्पित कर करें मां लक्ष्मी की पूजा, होगी विशेष कृपा
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आलापुर। भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का अति प्रसिद्ध पर्व दीपावली 4 नवंबर गुरुवार को मनाई जाएगी। इस पावन त्यौहार पर भगवान गणेश व माता लक्ष्मी की पूजन किया जाता है। यह विचार सनातन वैदिक आश्रम के आचार्य पं. आशुतोष शुक्ल ने प्रकट किया। उन्होंने कहा कि दिवाली के दिन धूप दीप व नैवेद्य आदि अर्पण कर पूजन करने से भगवान गणेश, लक्ष्मी व कुबेर आदि की विशेष कृपा होती है। घर के सभी स्थान पर दीप जलाकर रखने से घर में लक्ष्मी का शुभ आगमन होता है।
आचार्य ने कहा कि ब्रह्म पुराण में वर्णन आया है कि दीपावली की आधी रात्रि के समय घरों में आश्रय प्राप्त करने के लिए लक्ष्मी पहुंचती हैं। इसलिए अलंकारों से युक्त तथा पुष्प माला से शोभित चंदन लगाकर दीपक के उजालों में उत्सव कर जागते रहें। इससे प्रसन्न होकर महालक्ष्मी उसके घर में सदैव के लिए निवास करती हैं।
बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त दिन में स्थिर कुंभ लग्न 1 बजकर 14 मिनट से 2 बजकर 46 मिनट तक तथा दूसरा शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में सायं 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 49 मिनट तक तथा तीसरा शुभ मुहूर्त रात्रि में 12 बजकर 20 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक का माना गया है। कहा कि इस दौरान भगवान गणेश व माता लक्ष्मी को नैवेद्य आदि अर्पित कर भक्ति भाव से पूजन करना चाहिए। माता लक्ष्मी ऐसे भक्तों के जीवन में धन धान्य की कमी नहीं होने देतीं। (संवाद)
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आचार्य ने कहा कि ब्रह्म पुराण में वर्णन आया है कि दीपावली की आधी रात्रि के समय घरों में आश्रय प्राप्त करने के लिए लक्ष्मी पहुंचती हैं। इसलिए अलंकारों से युक्त तथा पुष्प माला से शोभित चंदन लगाकर दीपक के उजालों में उत्सव कर जागते रहें। इससे प्रसन्न होकर महालक्ष्मी उसके घर में सदैव के लिए निवास करती हैं।
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बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए शुभ मुहूर्त दिन में स्थिर कुंभ लग्न 1 बजकर 14 मिनट से 2 बजकर 46 मिनट तक तथा दूसरा शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में सायं 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 49 मिनट तक तथा तीसरा शुभ मुहूर्त रात्रि में 12 बजकर 20 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक का माना गया है। कहा कि इस दौरान भगवान गणेश व माता लक्ष्मी को नैवेद्य आदि अर्पित कर भक्ति भाव से पूजन करना चाहिए। माता लक्ष्मी ऐसे भक्तों के जीवन में धन धान्य की कमी नहीं होने देतीं। (संवाद)
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