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Ambedkar Nagar News: मां कात्यायनी की अराधना कर लगाए जयकारे
Thu, 03 Apr 2025 10:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 03 Apr 2025 10:38 PM IST
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जलालपुर में किया गया मां शीतला देवी का शृंगार।
अंबेडकरनगर। नवरात्र के पांचवें दिन विधि विधान से मां कात्यायनी का पूजन किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं ने मंदिरों व घरों में घंटा घड़ियालों की गूंज के बीच देवी मां का पूजन कर जयकारे लगाए।
शहर के शहजादपुर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के पुजारी चंद्रकांत दुबे बताते हैं कि महर्षि कात्यायन ने संतान प्राप्ति के लिए देवी भगवती की कठोर तपस्या की। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए और उन्हें वरदान दिया कि वह उनके घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेंगी।
एक बार जब महिषासुर नामक के एक दैत्य का अत्याचार बहुत बढ़ गया, जिससे सभी परेशान हो गए। तब त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के तेज से देवी उत्पन्न हुईं, जिसने महर्षि कात्यायन के घर जन्म लिया, जिस कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी ने दशमी तिथि पर महिषासुर का वध किया, इसलिए उन्हें महिषासुर मर्दनी के नाम से भी जाना जाता है।
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श्रद्धालुओं ने देवी मां को पान के साथ फल, मिठाई व अन्य वस्तुओं का भोग लगाया। शहर के गायत्री मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जलालपुर के मां शीतला देवी मंदिर, जहांगीरगंज के भुजहिया माता मंदिर, टांडा के फत्तूपट्टी मंदिर समेत अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। शीतला माता मंदिर में सुबह और शाम को आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।
बॉक्स
होगा भव्य शृंगार
जलालपुर तहसील क्षेत्र के श्री शीतला माता मठिया मंदिर मोहल्ला घसियारी टोला में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस से ही प्रतिदिन माता के दरबार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम को भजन-कीर्तन और छप्पन भोग व भव्य आरती के साथ मां शीतला का दिव्य शृंगार किया जाएगा। विकास निषाद, देवेश मिश्रा, मयंक तिवारी,अजित, केतकी और रेनू प्रजापति कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं।
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शहर के शहजादपुर स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के पुजारी चंद्रकांत दुबे बताते हैं कि महर्षि कात्यायन ने संतान प्राप्ति के लिए देवी भगवती की कठोर तपस्या की। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर मां भगवती ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए और उन्हें वरदान दिया कि वह उनके घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेंगी।
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एक बार जब महिषासुर नामक के एक दैत्य का अत्याचार बहुत बढ़ गया, जिससे सभी परेशान हो गए। तब त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के तेज से देवी उत्पन्न हुईं, जिसने महर्षि कात्यायन के घर जन्म लिया, जिस कारण उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी ने दशमी तिथि पर महिषासुर का वध किया, इसलिए उन्हें महिषासुर मर्दनी के नाम से भी जाना जाता है।
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श्रद्धालुओं ने देवी मां को पान के साथ फल, मिठाई व अन्य वस्तुओं का भोग लगाया। शहर के गायत्री मंदिर समेत अन्य मंदिरों में सुबह शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जलालपुर के मां शीतला देवी मंदिर, जहांगीरगंज के भुजहिया माता मंदिर, टांडा के फत्तूपट्टी मंदिर समेत अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। शीतला माता मंदिर में सुबह और शाम को आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।
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होगा भव्य शृंगार
जलालपुर तहसील क्षेत्र के श्री शीतला माता मठिया मंदिर मोहल्ला घसियारी टोला में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस से ही प्रतिदिन माता के दरबार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम को भजन-कीर्तन और छप्पन भोग व भव्य आरती के साथ मां शीतला का दिव्य शृंगार किया जाएगा। विकास निषाद, देवेश मिश्रा, मयंक तिवारी,अजित, केतकी और रेनू प्रजापति कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं।