{"_id":"57d6f37f4f1c1beb5bd47633","slug":"water-filled-in-the-school-the-children-returned-home","type":"story","status":"publish","title_hn":" विद्यालय में भरा पानी, घर लौटे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यालय में भरा पानी, घर लौटे बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
अंबेडकरनगर के प्राथमिक विद्यालय हरिनाथपुर के कक्ष में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सोमवार भोर में लगभग एक घंटे तक हुई तेज बारिश से प्राथमिक विद्यालय हरिनाथपुर लोढ़वा के दो शिक्षण कक्षों व कार्यालय समेत परिसर में पानी भर गया। विद्यालय पहुंचे प्रधानाध्यापक व शिक्षकों ने यह स्थिति देखी तो उच्चाधिकारियों को सूचित किए बिना अवकाश घोषित कर दिया।
विज्ञापन
नतीजतन सोमवार सुबह लगभग सौ छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे तो अवकाश घोषित कर दिए जाने की सूचना देकर उन्हें वापस कर दिया गया। परिषदीय विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का एक बड़ा खामियाजा सोमवार को सामने आया। दरअसल ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बारिश होने पर भारी जलभराव हो जाता है।
विज्ञापन
कुछ विद्यालयों की स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। कुछ ऐसा ही वाकया सोमवार को कटेहरी शिक्षा क्षेत्र के हरिनाथपुर लोढ़वा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में हुआ। दरअसल सोमवार भोर में हुई तेज बारिश के बीच जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से न सिर्फ विद्यालय परिसर बल्कि दो शिक्षण कक्ष व कार्यालय में पानी पहुंच गया।
विज्ञापन
सुबह प्रधानाध्यापक शिवशंकर गुप्ता, तीन सहायक अध्यापक व एक प्रेरक विद्यालय पहुंचे तो कक्ष में पानी भरा नजर आया। कक्ष तक बारिश का पानी पहुंच जाने के चलते वहां बच्चों के बैठने के लिए रखी टाट-पट्टी भीग गई थी। इस पर उच्चाधिकारियों को सूचित किए बिना ही विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया।
निर्धारित समय पर लगभग 100 बच्चे जब विद्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद शिक्षकों ने उन्हें अवकाश घोषित किए जाने की सूचना देकर लौटा दिया। विद्यालय में 125 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। रसोई घर का निर्माण न होने से एमडीएम का भोजन भी जलभराव के चलते विद्यालय परिसर में नहीं बन सका। इसके चलते विद्यालय पहुंचे नौनिहालों को घर लौटना पड़ा।
प्रधानाध्यापक शिवशंकर गुप्ता ने बताया कि कक्ष में पानी भरने व टाट-पट्टी भीग जाने के चलते उसमें बैठाकर शिक्षण कार्य करना संभव नहीं था। एमडीएम बनाए जाने की भी स्थिति नहीं थी। इसके चलते अवकाश घोषित करना पड़ा। बीएसए जेएन सिंह ने बताया कि प्रकरण की जानकारी नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी जाएगी। इस तरह अवकाश घोषित नहीं किया जा सकता। पड़ताल कराई जाएगी कि किन परिस्थितियों में ऐसा हुआ। वहां जो आवश्यक व्यवस्था होगी, वह सुनिश्चित कराई जाएगी।