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पुलिस पर भड़के ग्रामीण, किया पथराव
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आलापुर। बीते दिनों युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को आलापुर तहसील मुख्यालय के सामने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के साथ जहांगीरगंज रामनगर मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों को समझाने पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नोंकझोक हुई।
इसी बीच जाम लगाए ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। जिसमें एक दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को कदम पीछे हटाने पड़े। इस मामले में भीम आर्मी मंडल अध्यक्ष समेत 250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
लगभग 10 दिन पूर्व जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के गांव में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। मामले में पुलिस ने दो के विरुद्ध केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि मामले में कुल छह आरोपी हैं। पुलिस पर चार आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए बीते दिनों भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष निखिल राव ने चेतावनी दी थी कि यदि शेष चारों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो 22 जून सोमवार को तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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सोमवार पूर्वाह्न भीम आर्मी के कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए जहांगीरगंज रामनगर मार्ग बांस बल्ली लगाकर जाम कर दिया। पुलिस पर आरोप लगाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। इस बीच एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव व सीओ जगदीश लाल टम्टा पुलिस टीम के साथ वार्ता करने पहुंचे।
समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कदम पीछे हटाने पड़े।
ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जो भी पुलिसकर्मी सामने आ रहा था, उसे मारने के लिए दौड़ा ले रहे थे। ग्रामीणों ने सड़क के किनारे लगे अधिकारियों के नाम के बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया जाता है कि तहसील की सुरक्षा के लिए लगे पुलिस कर्मियों को भी ग्रामीणों ने मारने के लिए दौड़ाया। पुलिस कर्मियों ने दुकानों व घरों में घुसकर जान बचाई।
आधे घंटे से अधिक समय तक ग्रामीणों का उपद्रव जारी रहा। इस बीच कुछ गणमान्य नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया बुझाया। इसके बाद भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष व कुछ ग्रामीणों की अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। साथ ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रामीणों को समझाने बुझाने पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर ग्रामीणों ने पथराव किया था। कानून हाथ में लेने, बलवा करने, मार्ग जाम करने समेत विभिन्न धाराओं में भीम आर्मी मंडल अध्यक्ष निखिल राव समेत 250 के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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इसी बीच जाम लगाए ग्रामीणों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, तो ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। जिसमें एक दरोगा समेत पांच लोग घायल हो गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस कर्मियों को कदम पीछे हटाने पड़े। इस मामले में भीम आर्मी मंडल अध्यक्ष समेत 250 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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लगभग 10 दिन पूर्व जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के गांव में एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया था। मामले में पुलिस ने दो के विरुद्ध केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि ग्रामीणों का कहना था कि मामले में कुल छह आरोपी हैं। पुलिस पर चार आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए बीते दिनों भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष निखिल राव ने चेतावनी दी थी कि यदि शेष चारों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो 22 जून सोमवार को तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
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सोमवार पूर्वाह्न भीम आर्मी के कार्यकर्ता ग्रामीणों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए जहांगीरगंज रामनगर मार्ग बांस बल्ली लगाकर जाम कर दिया। पुलिस पर आरोप लगाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। इस बीच एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव व सीओ जगदीश लाल टम्टा पुलिस टीम के साथ वार्ता करने पहुंचे।
समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कदम पीछे हटाने पड़े।
ग्रामीणों के आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जो भी पुलिसकर्मी सामने आ रहा था, उसे मारने के लिए दौड़ा ले रहे थे। ग्रामीणों ने सड़क के किनारे लगे अधिकारियों के नाम के बोर्ड को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया जाता है कि तहसील की सुरक्षा के लिए लगे पुलिस कर्मियों को भी ग्रामीणों ने मारने के लिए दौड़ाया। पुलिस कर्मियों ने दुकानों व घरों में घुसकर जान बचाई।
आधे घंटे से अधिक समय तक ग्रामीणों का उपद्रव जारी रहा। इस बीच कुछ गणमान्य नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया बुझाया। इसके बाद भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष व कुछ ग्रामीणों की अधिकारियों के साथ वार्ता हुई। साथ ही अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
एएसपी अवनीश कुमार मिश्र ने बताया कि ग्रामीणों को समझाने बुझाने पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर ग्रामीणों ने पथराव किया था। कानून हाथ में लेने, बलवा करने, मार्ग जाम करने समेत विभिन्न धाराओं में भीम आर्मी मंडल अध्यक्ष निखिल राव समेत 250 के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।