फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Villagers caught snatchers, police released them

Ambedkar Nagar News: छिनैती करने वालों को ग्रामीणों ने पकड़ा, पुलिस ने छोड़ा

Mon, 29 Jan 2024 10:31 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jan 2024 10:31 PM IST
विज्ञापन
Villagers caught snatchers, police released them
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। किन्नर बनकर कई ग्रामीणों से दिनदहाड़े छिनैती के मामले में पुलिस की बड़ी मनमानी सामने आई है। दो महिलाओं को घेराबंदी कर पकड़े जाने के बाद भी कटका पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसमें भी छिनैती की धारा लगाने के बजाय मामूली धारा लगा दी गई। पुलिस ने पकड़ी गई दोनों महिलाओं को थाने से ही छोड़ दिया। जबकि एएसपी ने दावा किया कि दोनों महिलाओं को इसी मामले में जेल भेजा गया है।
विज्ञापन

कटका थाना क्षेत्र के कई गांव में रविवार को किन्नर की वेशभूषा में पहुंची महिलाओं व साथ गए पुरुषों ने जबरन नकदी व गहने छीन लिए थे। हजारों रुपये नकद व जेवरात छीनकर वे सब चितईपट्टी गांव पहुंचे थे तभी ग्रामीणों ने घेराबंदी कर ग्रामीणों ने दो महिलाओं को पकड़ लिया था जबकि अन्य लोग वाहन सहित फरार हो गए थे। पकड़ी गई दोनों महिलाओं को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया था। कटका पुलिस ने रविवार देर शाम लोगों को यह बताया भी था कि पकड़ी गई महिलाओं की पहचान कराकर केस दर्ज होगा।
विज्ञापन

इस बीच पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती कर डाली। मथुरापुर निवासी प्रेमा देवी की तहरीर पर अज्ञात महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। यह हाल तब है जब प्रेमा देवी के पुत्र व अन्य ग्रामीणों ने ही पकड़ कर दो आरोपी महिलाओं को पुलिस को सौंपा था। दोनों महिलाओं को थाने से ही छोड़े जाने की खबर मिली तो ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि उसकी आरोपियों से मिलीभगत हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस पूरे मामले में एक रोचक मोड़ तब आया जब सोमवार को एएसपी का एक वीडियो युक्त बयान सामने आया, जिसमें वे यह जानकारी देते सुने गए कि किन्नर की वेशभूषा में आई दो महिलाओं को पकड़ लिया गया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। उधर इसके बाद ग्रामीणों ने पता लगाया तो जानकारी हुई कि किसी को भी जेल नहीं भेजा गया है। थाने से बताया गया कि कोई चालान नहीं हुआ है।

मजिस्ट्रेट तक ले जाबा नहीं समझा जरूरी
हंगामे के बीच पुलिस का हैरान कर देने वाला तर्क सामने आया है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं को छोड़ा नहीं गया। कटका पुलिस का तर्क है कि शांतिभंग में दोनों महिलाओं को थाने से ही जमानत दे दी गई। सवाल यह खड़ा होता है कि थाने से ही जमानत दे देने की ऐसी कौन सी मजबूरी आ गई थी। मजिस्ट्रेटों के उपलब्ध न होने, थाने से जमानत न दिए जाने पर कानून व्यवस्था का संकट खड़ा हो जाने जैसी परिस्थिति में ही पुलिस थाने से जमानत देती रही है। यहां ऐसी कोई परिस्थिति नहीं थी। ऐसे में थाने से जमानत देने का तर्क लोगों के गले नहीं उतर रहा। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने मिलीभगत कर पहले तो आरोपियों को छोड़ दिया अब खुद को फंसता देख थाने से जमानत देने का तर्क दिया जा रहा है।




छिनैती के बजाय लगा दी यह धारा
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को केस दर्ज करते समय छिनैती की धारा लगानी चाहिए थी। क्योंकि किन्नर बनकर आए लोगों ने जबरन पैसे बक्से व गुल्लक से निकाल लिए। गले से सोने की चेन आदि भी छीन ली। इसके बाद नकदी व जेवरात लेकर भागने लगे। ऐसे में छिनैती की धारा लगनी चाहिए थी। पुलिस ने इसके विपरीत धारा 406 लगा दी। इसमें किसी संपत्ति को लेकर विश्वास का हनन करने तथा संपत्ति या रकम वापस मांगने पर न देने का अपराध बनता है।


शांतिभंग में हुआ चालान
पकड़ी गई महिलाओं को छोड़ा नहीं गया। उन्हें शांतिभंग में निरुद्ध किया गया था। उसमें जमानत मिल गई। जहां तक धाराओं का प्रश्न है तो प्रकरण में विवेचना शुरू हुई है। जो भी साक्ष्य मिलेगा उसके अनुरूप आगे धाराएं घटाई या बढ़ाई जाएंगी। - डॉ. कौस्तुभ, एसपी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed