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सिंधी भाषा व संस्कृति को बचाने को हों एकजुट
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अंबेडकरनगर। सिंधी भाषा, साहित्य व संस्कृति को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। समाज की बेहतरी सुनिश्चित हो, इसके लिए सरकार से बजट बढ़ाने की मांग भी की जाएगी। यह विचार सोमवार को उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने जिला मुख्यालय पर प्रकट किए। उन्होंने कहा कि भाषा, साहित्य व संस्कृति जिंदा रहे, इसके लिए सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है।
प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि संगठन समाज की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत है। समाज के लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। कहा कि प्रदेश में नई सरकार का गठन होने पर संगठन मिलकर उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के वार्षिक बजट को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की मांग करेगा। इससे भाषा, साहित्य व संस्कृति को आगे बढ़ाने में मजबूती आएगी।
ओमी ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व गुजरात में सिंधी अकादमी का गठन हो चुका है। अब उत्तराखंड, बिहार व पश्चिम बंगाल में भी गठन की मांग की जाएगी। लुप्त होती सिंधी भाषा के संरक्षण व संवर्धन की जरूरत है। जिस प्रकार राजस्थान के शहर अजमेर व उत्तर प्रदेश के अयोध्या के विश्वविद्यालय में सिंधी विषय से स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई हो रही है, उसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी पढ़ाई शुरू होगी और यूपी के लखनऊ व आगरा में भी पढ़ाई होगी। इसके लिए शीघ्र ही राज्यपाल से समाज का एक प्रतिनिधि मंडल अलग-अलग राज्यों में मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज का नाम बदलकर राष्ट्रीय स्तर पर रखा जाएगा। इसकी घोषणा हरिद्वार में की जायेगी। पूरे देश में प्रभु झूलेलाल जयंती के बाद सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति व सिंधी तीज त्योहार बचाने के लिए सिधिंयत बचाओ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लेह लद्दाख में होने वाली सिंधु दर्शन यात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रभु झूलेलाल जयंती की छुट्टी बहाल कराने, कक्षा 6, 7, 8, 9 व 10 के पाठयक्रम में प्रभु झूलेलाल, अमर शहीद संत कंवरराम, गौ सेवक संत आसूदाराम, सिंधुपति राजा दाहरसेन, शहीद हेमू कालानी का इतिहास शामिल कराने की मांग की जाएगी। इससे पहले यहां पहुंचने पर ओमी का सिंधी समाज के मुखिया जयरामदास संगवानी की अगुवाई में माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर रमेश पोपटानी, ध्रुव लखमानी, कैलाश राजपाल, सुशील गंगवानी, बलदेव लखमानी, रवि चनदानी, किशन पोपटानी, किशन गंगवानी, अन्नू गंगवानी, हरीश कुमार व वैभव संगवानी आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि संगठन समाज की बेहतरी के लिए लगातार प्रयासरत है। समाज के लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। कहा कि प्रदेश में नई सरकार का गठन होने पर संगठन मिलकर उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के वार्षिक बजट को एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने की मांग करेगा। इससे भाषा, साहित्य व संस्कृति को आगे बढ़ाने में मजबूती आएगी।
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ओमी ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व गुजरात में सिंधी अकादमी का गठन हो चुका है। अब उत्तराखंड, बिहार व पश्चिम बंगाल में भी गठन की मांग की जाएगी। लुप्त होती सिंधी भाषा के संरक्षण व संवर्धन की जरूरत है। जिस प्रकार राजस्थान के शहर अजमेर व उत्तर प्रदेश के अयोध्या के विश्वविद्यालय में सिंधी विषय से स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई हो रही है, उसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी पढ़ाई शुरू होगी और यूपी के लखनऊ व आगरा में भी पढ़ाई होगी। इसके लिए शीघ्र ही राज्यपाल से समाज का एक प्रतिनिधि मंडल अलग-अलग राज्यों में मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज का नाम बदलकर राष्ट्रीय स्तर पर रखा जाएगा। इसकी घोषणा हरिद्वार में की जायेगी। पूरे देश में प्रभु झूलेलाल जयंती के बाद सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति व सिंधी तीज त्योहार बचाने के लिए सिधिंयत बचाओ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लेह लद्दाख में होने वाली सिंधु दर्शन यात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 20 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये दिए जाएंगे। प्रभु झूलेलाल जयंती की छुट्टी बहाल कराने, कक्षा 6, 7, 8, 9 व 10 के पाठयक्रम में प्रभु झूलेलाल, अमर शहीद संत कंवरराम, गौ सेवक संत आसूदाराम, सिंधुपति राजा दाहरसेन, शहीद हेमू कालानी का इतिहास शामिल कराने की मांग की जाएगी। इससे पहले यहां पहुंचने पर ओमी का सिंधी समाज के मुखिया जयरामदास संगवानी की अगुवाई में माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर रमेश पोपटानी, ध्रुव लखमानी, कैलाश राजपाल, सुशील गंगवानी, बलदेव लखमानी, रवि चनदानी, किशन पोपटानी, किशन गंगवानी, अन्नू गंगवानी, हरीश कुमार व वैभव संगवानी आदि मौजूद रहे।